जमीन ले ली, नौकरी नहीं दी...अब हम भूखे मरें क्या? - NMDC नगरनार के गेट पर महिलाओं का फूटा गुस्सा
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेà...
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दूसरी शादी साबित करने में महिलाओं को पसीने छूटते हैं, कानून बदलने की सिफारिश करेगा आयोग
दूसरी शादी साबित करने में महिलाओं को पसीने छूटते हैं, कानून बदलने की सिफारिश करेगा आयोग पहली पत्नी को खुद जुटाने पड़ते हैं सबूत, प्रदेशभर के मामलों की केस स्टडी कर तैयार होगा प्रस्ताव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. ममता साहू ने कहा कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी या दूसरी महिला को पत्नी के रूप में रखने के मामलों में पीड़ित महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूसरी शादी को साबित करने की होती है। ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर की प्रक्रिया नहीं होने से महिला को अदालत में शिकायत पेश कर गवाही और दस्तावेजों के जरिए विवाह साबित करना पड़ता है। कई बार दूसरी महिला पत्नी होने से ही इनकार कर देती है। ऐसे मामलों की कानूनी जटिलता दूर करने के लिए महिला आयोग प्रदेशभर के प्रकरणों की केस स्टडी कर कानून में बदलाव की सिफारिश करेगा। डॉ. साहू ने सोमवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि दूसरी शादी के मामलों में साक्ष्य जुटाना सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने एक प्रकरण का उदाहरण देते हुए बताया कि पुलिस जब संबंधित व्यक्ति के घर पहुंची तो वहां रह रही महिला ने खुद को पत्नी के बजाय नौकरानी बताया। ऐसी परिस्थितियों में पहली पत्नी के लिए यह साबित करना बेहद कठिन हो जाता है कि पति ने दूसरी शादी की है। उन्होंने कहा कि आयोग अब पूरे छत्तीसगढ़ से ऐसे मामलों की जानकारी जुटाएगा। अलग-अलग प्रकरणों में सामने आने वाली कानूनी और व्यावहारिक दिक्कतों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद विधि विशेषज्ञों, पुलिस, न्यायिक क्षेत्र, महिला एवं बाल विकास विभाग, एनजीओ और आम लोगों के साथ चर्चा की जाएगी। मीडिया से भी सुझाव लिए जाएंगे। सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद आयोग कानून में आवश्यक बदलाव के लिए सरकार को अनुशंसा करेगा। पुलिस के साथ होगी धाराओं की समीक्षा महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं से जुड़े कई प्रकरणों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 और 69 के तहत कार्रवाई की स्थिति बनती है। इन मामलों को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकर समीक्षा की जाएगी। हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं को भी चर्चा में शामिल कर कानूनी पहलुओं पर सलाह ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले आयोग खुद इन प्रावधानों और मामलों की जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझेगा, इसके बाद संबंधित पक्षों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन तैयार किया जाएगा। पुलिस-न्यायपालिका के साथ ट्रेनिंग उन्होंने कहा कि महिलाओं को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए पुलिस विभाग, न्यायपालिका, महिला एवं बाल विकास विभाग और एनजीओ को साथ लेकर लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रायपुर और अंबिकापुर सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ समन्वय कर भी कई कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। सरगुजा के मामले से बनी थी कानून की जरूरत डॉ. साहू ने महिलाओं के खिलाफ गंभीर उत्पीड़न के एक पुराने सरगुजा प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि एक महिला को बेहद अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया गया था। उसके निजी अंगों में मिर्ची डालकर यातना देने जैसी घटना सामने आई थी। मामले की जांच और उसके बाद की प्रक्रिया ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जरूरत को सामने रखा। मीडिया की निगरानी से बेहतर होता है काम महिला आयोग की अध्यक्ष ने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पत्रकार लगातार मुद्दों को उठाते हैं तो आयोग और प्रशासन भी अधिक सचेत रहते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया से मिलने वाले सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। आयोग का प्रयास रहेगा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में केवल सुनवाई तक सीमित रहने के बजाय कानूनी और संस्थागत स्तर पर भी स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद संभाले अभी करीब ढाई-तीन माह ही हुए हैं, लेकिन इस दौरान लगातार जनसुनवाई और प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे हो रहे हैं। कई बार जनसुनवाई में 30 से 35 मामले एक साथ आते हैं और सुबह 11 बजे से शुरू हुई सुनवाई शाम पांच-छह बजे तक चलती है। उन्होंने कहा कि मामलों की संख्या और जटिलता अधिक होने के बावजूद आयोग महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान की दिशा में काम कर रहा है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में खिलाड़ियों की डाइट पर विभाग सख्त, 24 घंटे में मांगा जवाब*
*बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में खिलाड़ियों की डाइट पर विभाग सख्त, 24 घंटे में मांगा जवाब* *खराब भोजन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, भोजन प्रदायक फर्म और अधिकारी को नोटिस* *खेल संचालक ने दो अधिकारियों की जांच समिति भी गठित की* बिलासपुर. 22 सितम्बर 2026. बहतराई, बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की शिकायत पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। खिलाड़ियों के भोजन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने बिलासपुर में विभागीय सहायक संचालक तथा संबंधित भोजन प्रदायक फर्म को नोटिस जारी किया है। दोनों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण के साथ तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने खिलाड़ियों की डाइट के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी तथा भोजन प्रदायक फर्म से जवाब तलब किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में सामने आए तथ्यों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। विभाग ने तथ्यों की स्थल जांच और वस्तुस्थिति की पड़ताल के लिए संचालनालय स्तर से दो खेल अधिकारियों की जांच समिति भी गठित की गई है। समिति बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मामले का परीक्षण करेगी और जांच के बाद तथ्यात्मक प्रतिवेदन संचालनालय को प्रस्तुत करेगी। इस जांच के आधार पर सामने आने वाली वस्तुस्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने कहा है कि खिलाड़ियों के भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। खिलाड़ियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं को खिलाड़ियों के हित में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण, डाइट और मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया ‘रन फॉर आयुर्वेदा’ का आगाज़; बिलासपुर में सेहत और प्राचीन चिकित्सा का अनूठा संगम
कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया ‘रन फॉर आयुर्वेदा’ का आगाज़; बिलासपुर में सेहत और प्राचीन चिकित्सा का अनूठा संगम * 11वें आयुर्वेद दिवस पर कलेक्टोरेट से रिवर व्यू तक गूंजा “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” का नारा * दौड़ के बाद कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दिए म्यूजिक थेरेपी, पंचकर्म और अग्निकर्म के लाइव डेमो बिलासपुर। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर शहर में ‘रन फॉर आयुर्वेदा’ का भव्य आयोजन किया गया। कलेक्टर कार्यालय परिसर से माननीय कलेक्टर महोदय ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। हाथों में स्वास्थ्य जागरूकता की तख्तियां और चेहरों पर उत्साह लिए प्रतिभागियों का यह कारवां कलेक्टोरेट से शुरू होकर पुराना सरकंडा रिवर व्यू चौपाटी तक पहुंचा, जहां इस दौड़ का समापन हुआ। जिला आयुष विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य जनमानस को पारंपरिक दिनचर्या, प्राकृतिक उपचार और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सड़क पर दौड़, मंच पर वैज्ञानिक चिकित्सा का मंथन दौड़ के बाद “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम पर केंद्रित एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ध्रुव के मार्गदर्शन में जुटे विशेषज्ञों ने न केवल व्याख्यान दिए, बल्कि चिकित्सकों को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) भी दिया। कार्यशाला के प्रमुख आकर्षण: * म्यूजिक थेरेपी से तनाव मुक्ति: डॉ. रश्मि जितपुरे ने बताया कि 'कारुण्य पैलिएटिव केयर' और 'सुप्रजा' जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में संगीत चिकित्सा किस प्रकार कारगर सिद्ध हो रही है। सही ध्वनि और लय के जरिए अवसाद, मानसिक तनाव और अनिद्रा से राहत पाई जा सकती है। * पंचकर्म की तकनीक: डॉ. अनिल सोनी ने शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने (डिटॉक्सिफिकेशन) और जटिल व्याधियों के शमन हेतु पंचकर्म के व्यावहारिक आयामों व आवश्यक सावधानियों की बारीकियां साझा कीं। * अग्निकर्म एवं विद्धकर्म का लाइव डेमो: दर्द निवारण (Pain Management) और मस्कुलोस्केलेटल विकारों के त्वरित उपचार हेतु डॉ. कुमुदिनी पटेल ने मंच पर अग्निकर्म और विद्धकर्म का लाइव प्रदर्शन कर आधुनिक तकनीक से तालमेल समझाया। “आयुर्वेद केवल उपचार नहीं, जीने की संपूर्ण कला” कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ध्रुव ने कहा कि आयुर्वेद सिर्फ बीमारियों को ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बीमारियों से बचाव और समग्र स्वास्थ्य संवर्धन का मार्ग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे आयोजनों और निरंतर प्रशिक्षण से जमीनी स्तर पर आयुष सेवाओं की गुणवत्ता लगातार सुदृढ़ हो रही है। कार्यक्रम में जिले भर के आयुष चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। दौड़ से लेकर वैज्ञानिक सत्र तक, पूरे दिन चले इस आयोजन में बिलासपुर ने आयुर्वेद को जन-जन की दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
साइबर ठगी के नए तरीकों को पर्दे पर दिखाएगी रायगढ़ पुलिस: पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी कर रहे अभिनय, म्यूल अकाउंट और APK फ्रॉड से बचाव का देगी संदेश शॉर्ट फिल्म
साइबर ठगी के नए तरीकों को पर्दे पर दिखाएगी रायगढ़ पुलिस: पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी कर रहे अभिनय, म्यूल अकाउंट और APK फ्रॉड से बचाव का देगी संदेश शॉर्ट फिल्म रायगढ़। डिजिटल लेन-देन और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराध के बदलते तरीकों से आम लोगों को सतर्क करने के लिए रायगढ़ पुलिस ने अब फिल्म का सहारा लिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत रायगढ़ पुलिस साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म तैयार कर रही है। फिल्म में म्यूल अकाउंट, APK फाइल सहित अन्य माध्यमों से होने वाली ठगी को कहानी के जरिए समझाया जाएगा। खास बात यह है कि फिल्म में रायगढ़ पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी अभिनय करते नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग रायगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर की जा रही है, जबकि रायपुर से पहुंचे कलाकार और तकनीशियन भी निर्माण में सहयोग कर रहे हैं। म्यूल अकाउंट और APK फाइल के जरिए होने वाली ठगी पर फोकस शॉर्ट फिल्म में साइबर अपराधियों द्वारा म्यूल अकाउंट, APK फाइल और दूसरे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के तरीकों को कहानी के रूप में दिखाया जा रहा है। फिल्म का उद्देश्य केवल साइबर ठगी के तरीके बताना नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में लोगों को किन बातों से सतर्क रहना चाहिए और किस तरह खुद को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है, इसकी जानकारी भी सरल तरीके से देना है। रायगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर चल रही शूटिंग फिल्म की शूटिंग रायगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर की जा रही है। इसमें रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ रायपुर से आए कलाकार और तकनीकी टीम भी काम कर रही है। पुलिस कंट्रोल रूम में भी फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग की गई है। फिल्म का निर्देशन ऋभु समर्थ सिंह कर रहे हैं। हर सप्ताह अलग-अलग कॉन्सेप्ट से लोगों तक पहुंच रही पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के अनुसार साइबर जागृति अभियान के तहत प्रदेशभर में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। रायगढ़ पुलिस भी हर सप्ताह अलग-अलग कॉन्सेप्ट के माध्यम से आमजन तक पहुंचकर साइबर अपराध से बचने के उपाय बता रही है। पुलिस द्वारा तैयार की जा रही यह शॉर्ट फिल्म किसी लघु फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। इसका उद्देश्य साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी को आसान एवं प्रभावी तरीके से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। अलग से चल रही ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ लघु फिल्म प्रतियोगिता साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर अलग से लघु फिल्म प्रतियोगिता भी आयोजित की है। प्रतियोगिता दो श्रेणियों में रखी गई है और मोबाइल फोन से तैयार फिल्मों को भी स्वीकार किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 3 से 6 मिनट की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपए है। वहीं 1 से 3 मिनट की फिल्म अथवा रील की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 75 हजार, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपए रखा गया है। इस तरह दोनों श्रेणियों में कुल 3 लाख 75 हजार रुपए के पुरस्कार निर्धारित हैं। 24 सितंबर तक भेज सकते हैं अपनी फिल्म प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी साइबर अपराध से संबंधित विषय पर अपनी फिल्म तैयार कर सकते हैं। प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तारीख 24 सितंबर 2026 निर्धारित है, जबकि परिणाम 27 सितंबर 2026 को रायगढ़ के ऑडिटोरियम में घोषित किए जाने हैं। प्रतिभागी अपनी फिल्म Google Drive या अन्य विश्वसनीय फाइल होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका सार्वजनिक लिंक साझा कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क नंबर 8817420420 भी जारी किया गया है। दीपक त्रिपाठी ( block reporter) हमर प्रदेश CG www.hamarpradeshcg.com�
शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही! कक्षा 6वीं के हिंदी प्रश्नपत्र में एक ही सवाल तीन बार दोहराया
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार परीक्षा के पहले दिन सामने आई प्रश्नपत्र की गड़बड़ी, अभिभावकों और शिक्षाविदों ने जताई नाराजगी रायपुर। रायपुर जिले के स्कूलों में कक्षा 6वीं की तिमाही परीक्षा के पहले दिन हिंदी के प्रश्नपत्र में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रश्नपत्र में एक ही सवाल तीन अलग-अलग प्रश्न क्रमांकों में दोहराया गया। प्रश्न क्रमांक 9, 16 और 19 में मेजर ध्यानचंद से जुड़ा लगभग एक ही सवाल पूछा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रश्न क्रमांक 9 में “मेजर ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य है?” पूछा गया है। इसके बाद दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के खंड में प्रश्न क्रमांक 16 में भी यही सवाल दोहराया गया है। वहीं प्रश्न क्रमांक 19 में दिए गए अथवा विकल्प में भी “मेजर ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था?” सवाल फिर से छपा हुआ है। तीन अलग-अलग प्रश्नों में एक ही सवाल प्रश्न क्रमांक 9: लघुउत्तरीय प्रश्नों के अंतर्गत विद्यार्थियों से मेजर ध्यानचंद की सफलता का रहस्य पूछा गया। प्रश्न क्रमांक 16: दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के खंड में भी लगभग वही सवाल दोबारा शामिल कर दिया गया। प्रश्न क्रमांक 19: ‘मिलकर करें मिलान’ वाले प्रश्न में दिए गए अथवा विकल्प में भी मेजर ध्यानचंद की सफलता से संबंधित वही सवाल दोहराया गया। एक ही प्रश्न के तीन बार आने से परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच चर्चा शुरू हो गई। इस गड़बड़ी को लेकर परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों में नाराजगी अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में प्रश्नपत्र तैयार करने के बाद उसकी उचित जांच होनी चाहिए। एक ही सवाल का तीन बार दोहराया जाना विद्यार्थियों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। शिक्षाविदों ने भी उठाए सवाल शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों ने प्रश्नपत्र में हुई इस गड़बड़ी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में प्रश्नपत्र की गुणवत्ता और अंतिम जांच बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसी गलतियों से परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। वहीं, इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि विभाग प्रश्नपत्र में हुई इस गड़बड़ी को लेकर क्या कार्रवाई करता है और विद्यार्थियों के हित में क्या निर्णय लिया जाता है।
बस्तर CMHO डॉ. संजय बसाक पर बड़ी कार्रवाई की मांग, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सचिव को लिखा पत्र
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी बस्तर CMHO डॉ. संजय बसाक पर बड़ी कार्रवाई की मांग, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सचिव को लिखा पत्र *रायपुर/जगदलपुर -* बस्तर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय बसाक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ ने डॉ. बसाक को सेवा से बर्खास्त कर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। संघ के प्रांताध्यक्ष आलोक मिश्रा और महासचिव डॉ. शुभ्रत सिंह ठाकुर ने स्वास्थ्य सचिव, मंत्रालय नवा रायपुर को दिनांक 15/09/2026 को पत्र क्रमांक 551 के माध्यम से शिकायत भेजी है। पत्र में क्या है आरोप? संघ ने पत्र में उल्लेख किया है कि डॉ. संजय बसाक जब दंतेवाड़ा CMHO के पद पर थे, तब उन्होंने बिना कलेक्टर के अनुमोदन के 348 लाख रुपये सिविल सर्जन को हस्तांतरित कर कोटेशन से खर्च करा दिया था। इस मामले में शासन स्तर पर गठित जांच टीम ने उन्हें दोषी पाया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा संघ का आरोप है कि डॉ. बसाक ने स्थानांतरण नीति 2025 का उल्लंघन करते हुए राज्य और संभाग संवर्ग के 48 कर्मचारियों का जिले के अंदर ही तबादला कर दिया, जिसको आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने निरस्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में बस्तर CMHO रहते हुए भी उनके द्वारा खरीदी, संलग्नीकरण और जिला अस्पताल में स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाने जैसे सभी शासकीय कार्यों में मनमानी और घोटाले किए जा रहे हैं। संघ ने शासन से मांग की है कि जांच में दोषी पाए गए भ्रष्ट CMHO डॉ. संजय बसाक को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई जाए।
भाई के कांग्रेस में जाने पर मंत्री खुशवंत साहेब का बड़ा बयान
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी भाई के कांग्रेस में जाने पर मंत्री खुशवंत साहेब का बड़ा बयान छत्तीसगढ़ में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई ढालदास साहेब के कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। मंत्री खुशवंत साहेब ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा - कांग्रेस की पुरानी आदत है परिवार और समाज को बांटने की। वो फूट डालकर राज करना चाहती है। हम सब राष्ट्र प्रथम की सोच के साथ एकजुट हैं। उन्होंने पीसीसी चीफ बैज पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी कलह चल रही है, जनता ने उन्हें पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं दूसरी ओर कोरबा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर भी सब ठीक नहीं है, मंत्री सवालों के जवाब नहीं दे रहे और अफसरशाही हावी है।
करीब 425 परिवारों को योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों के लिए गरियाबंद जाना पड़ता है, नगरी में सुविधा उपलब्ध कराने की मांग
करीब 425 परिवारों को योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों के लिए गरियाबंद जाना पड़ता है, नगरी में सुविधा उपलब्ध कराने की मांग नगरी। धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया समाज ने अपनी योजनागत और प्रशासनिक जरूरतों को लेकर नगरी विधायक अंबिका मरकाम के सामने मांग रखी है। समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपकर गरियाबंद जिले में भुंजिया जनजाति से संबंधित योजनाओं और परियोजनाओं से जुड़ी सुविधाओं का संचालन नगरी ब्लॉक स्तर पर किए जाने की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में संबंधित अभिकरण गरियाबंद जिले में संचालित होने के कारण नगरी क्षेत्र के हितग्राहियों को कई प्रशासनिक कार्यों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी या प्रक्रिया के लिए गरियाबंद जाना पड़ता है। इससे लोगों को अतिरिक्त समय के साथ आने-जाने का खर्च भी उठाना पड़ता है। करीब 425 परिवारों से जुड़ा मामला समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार, धमतरी जिले के नगरी तहसील और खर अमलीटोला ब्लॉक क्षेत्र में भुंजिया विशेष पिछड़ी जनजाति के करीब 425 परिवार निवासरत हैं। समाज का कहना है कि इन परिवारों से जुड़े हितग्राहियों को संबंधित योजनाओं का लाभ लेने और प्रशासनिक कार्यों के लिए गरियाबंद जाना पड़ता है। प्रतिनिधियों के मुताबिक, कई बार दूर से कार्यालय पहुंचने के बाद भी संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं मिलते, जिसके चलते हितग्राहियों को दोबारा जाना पड़ता है। नगरी में ही योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं देने की मांग भुंजिया समाज ने मांग की है कि गरियाबंद जिले में भुंजिया जनजाति के लिए स्वीकृत बजट और संचालित योजनाओं से जुड़ी व्यवस्था नगरी ब्लॉक में भी उपलब्ध कराई जाए। समाज का तर्क है कि स्थानीय स्तर पर व्यवस्था होने से हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत हो सकती है। विधायक अंबिका मरकाम को सौंपा ज्ञापन प्रतिनिधियों ने नगरी विधायक अंबिका मरकाम के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। इस दौरान जनपद सदस्य सिरधन सोम, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष मराई, जिला अध्यक्ष मंगल सिंह नाग, हरपाल सोरी, केजलू सोरी, दीपक सोरी, इंदल नेताम, राम सिंग ओटी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। समाज के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांग को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर आवश्यक परीक्षण कराया जाएगा और नगरी क्षेत्र के हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में पहल होगी। स्थानीय व्यवस्था से दूर होगी परेशानी? भुंजिया समाज का कहना है कि नगरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में संबंधित परिवार निवास करते हैं और भौगोलिक दूरी को देखते हुए योजनाओं से जुड़ी प्रशासनिक सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होना उनके लिए उपयोगी रहेगा। अब समाज की इस मांग पर प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखने वाली बात होगी। रिपोर्ट: जयकिशन साहू Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़
राजनांदगांव जिले में राजस्व अधिकारियों की नवीन पदस्थापना, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
राजनांदगांव जिले में राजस्व अधिकारियों की नवीन पदस्थापना, कलेक्टर ने जारी किया आदेश राजनांदगांव। जिले में राजस्व अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ राजस्व अधिकारियों की अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार डोंगरगढ़ अमीय श्रीवास्तव की नवीन पदस्थापना तहसील कार्यालय घुमका में की गई है। इसी तरह तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ में पदस्थ अतिरिक्त तहसीलदार सोनित मोरिया को तहसील कार्यालय कुमरदा में पदस्थ किया गया है। जिला राजनांदगांव में पदस्थ तहसीलदार चितेश कुमार देवांगन की नवीन पदस्थापना तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ में की गई है। वहीं तहसील कार्यालय घुमका में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार राम लखन चौहान को तहसील कार्यालय राजनांदगांव में नवीन पदस्थापना दी गई है। तहसील कार्यालय राजनांदगांव में पदस्थ सहायक अधीक्षक (भू-अभिलेख) एवं प्रभारी नायब तहसीलदार राजनांदगांव दिव्या वैद्य की नवीन पदस्थापना भू-अभिलेख शाखा, जिला कार्यालय राजनांदगांव में की गई है। प्रशासन की ओर से जारी आदेश में इन पदस्थापनों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त किए जाने की बात कही गई है। इन बदलावों के बाद संबंधित तहसीलों में राजस्व संबंधी कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का संचालन नए पदस्थापित अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा।
घुमका नगर पंचायत में महीनों से बंद हाई मास्क लाइट, बस स्टैंड और हाट बाजार की स्ट्रीट लाइट भी खराब
घुमका नगर पंचायत में महीनों से बंद हाई मास्क लाइट, बस स्टैंड और हाट बाजार की स्ट्रीट लाइट भी खराब घुमका। नगर पंचायत घुमका में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी सामने आई है। वार्ड नंबर 5 देवरीडीह में हाई मास्क लाइट लंबे समय से बंद होने के साथ ही बस स्टैंड और साप्ताहिक हाट बाजार क्षेत्र में भी स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण राहगीरों, दुकानदारों और वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने नगर पंचायत से बंद पड़ी लाइटों का निरीक्षण कर जल्द सुधार कराने की मांग की है। वार्ड नंबर 5 में महीनों से बंद हाई मास्क लाइट वार्ड नंबर 5 देवरीडीह निवासी पीताम्बर निषाद ने बताया कि वार्ड में लगी हाई मास्क लाइट कई महीनों से बंद है। उनका कहना है कि हाई मास्क लाइट लगाने में काफी राशि खर्च की गई थी, लेकिन खराब होने के बाद अब तक इसका सुधार नहीं किया गया है। पीताम्बर निषाद के अनुसार, रात में रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होने से वार्डवासियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे लाइट को जल्द चालू कराने की मांग कर रहे हैं। बस स्टैंड से लेकर होटल तक अंधेरे की शिकायत व्यवसायी आलोक भारती ने बताया कि घुमका बस स्टैंड क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण रात में काफी अंधेरा रहता है। उनके मुताबिक, कोमल यादव होटल से लेकर बस स्टैंड तक पर्याप्त रोशनी नहीं होने से नगरवासियों और राहगीरों को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर वार्ड नंबर 1 के पार्षद से भी निवेदन किया गया है। आलोक भारती के अनुसार, पार्षद की ओर से जल्द लाइट की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया है। हाट बाजार में फुटकर व्यापारियों की भी परेशानी साप्ताहिक हाट बाजार में भी स्ट्रीट लाइट बंद होने की बात सामने आई है। शाम के बाद पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सब्जी सहित अन्य फुटकर व्यापारियों को दुकान लगाने और सामान व्यवस्थित करने में परेशानी होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में जिन प्रमुख चौक-चौराहों पर हाई मास्क लाइट लगाई गई हैं, उनमें कई लाइट लंबे समय से बंद हैं। ऐसे में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब नगर पंचायत की कार्रवाई का इंतजार स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर पंचायत घुमका क्षेत्र में बंद पड़ी हाई मास्क और स्ट्रीट लाइटों का स्थल निरीक्षण कर उनकी स्थिति की जानकारी ले और खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त कराए, ताकि रात के समय लोगों को पर्याप्त रोशनी मिल सके। फिलहाल स्थानीय लोगों द्वारा बताई गई इन समस्याओं पर नगर पंचायत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि शिकायतों के बाद नगर पंचायत घुमका की ओर से प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए कब तक कार्रवाई की जाती है।
सेवा ही संकल्प एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत तालाबों में विशेष सफाई अभियान
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में “सेवा ही संकल्प एवं स्वच्छता ही सेवा” अभियान के तहत स्वच्छता दीदियों एवं सफाई मित्रों द्वारा तालाबों की विशेष साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत निगम क्षेत्र के विभिन्न तालाबों में जमा कचरा, पूजा सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट को हटाकर तालाबों और उनके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का कार्य किया जा रहा है। त्योहारी सीजन को देखते हुए तालाबों में पूजा सामग्री एवं निर्माल्य के रूप में जमा होने वाले कचरे की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता दीदियां तालाबों के आसपास तथा जल क्षेत्र से कचरा एकत्र कर उसका उचित निपटान कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य तालाबों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से सफाई मित्रों को स्वच्छता कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था में उनके महत्वपूर्ण योगदान और सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। निगम द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि तालाबों में कचरा, प्लास्टिक एवं पूजा सामग्री न डालें। पूजा सामग्री के उचित विसर्जन एवं निर्माल्य के लिए निर्धारित व्यवस्था का उपयोग करें तथा स्वच्छता अभियान में सहयोग करते हुए तालाबों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखने में अपनी सहभागिता निभाएं। स्वच्छ तालाब, स्वच्छ भिलाई और स्वस्थ पर्यावरण के लिए नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
*सेवा संकल्प अभियान : नुक्कड़ नाटक से जन-जन तक पहुंचा शासकीय योजनाओं का संदेश*
बिलासपुर, 21 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से आमजन तक शासकीय योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी पहुंचाई। विद्यार्थियों ने सार्वजनिक स्थलों एवं बस्तियों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया। डीपी विप्र महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एनएसएस प्रभारी श्री मनोज सिन्हा शामिल हुए। शासकीय अग्रसेन महाविद्यालय बिल्हा के विद्यार्थियों ने शनिचरी बाजार, सब्जी मंडी चौक के पास दोपहर 12 बजे नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नयन तारा शर्मा महाविद्यालय पांधी के विद्यार्थियों ने नावाडीह चौक, सीपत में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया। संदीपनी कॉलेज मस्तुरी के विद्यार्थियों ने ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। वहीं पेंड्री स्थित बस्ती में मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई। शासकीय माता शबरी नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के एनएसएस स्वयंसेवकों ने चिंगराजपारा में ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत शासकीय योजनाओं की थीम पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी के एनएसएस स्वयंसेवकों ने डॉ. अब्दुल कलाम आजाद नगर, वार्ड क्रमांक 2 में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को शासकीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी। इसी क्रम में सी.एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से 150 छात्र-छात्राओं ने मतदाता जागरूकता की शपथ ली। सिद्धार्थ महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशा मुक्त समाज एवं मतदाता जागरूकता की शपथ ली। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी लेने, उनका लाभ उठाने तथा सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इसी तरह जिले के अन्य कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी दी। ✍️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी