✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
खैरागढ़। जिले में बिक रहे पान मसाला उत्पादों को लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने कार्रवाई की है। जांच के दौरान पान राज केसर युक्त पान मसाला और सितार पान मसाला के नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोनों उत्पादों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
मामला 22 अप्रैल 2026 को लिए गए खाद्य नमूनों से जुड़ा है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने दोनों उत्पादों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे थे। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित नमूनों को असुरक्षित पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
पान राज केसर युक्त पान मसाला में तय सीमा से ज्यादा राख
जांच में 128 ग्राम के पान राज केसर युक्त पान मसाला पैकेट में कुल राख की मात्रा 9.62 प्रतिशत पाई गई, जबकि निर्धारित अधिकतम सीमा 8 प्रतिशत है।
इसी तरह पतले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में न घुलने वाली राख की मात्रा 0.60 प्रतिशत मिली, जबकि निर्धारित सीमा 0.5 प्रतिशत है। जांच रिपोर्ट में मैग्नीशियम की मात्रा 0.34 प्रतिशत तथा कार्बोनेट से संबंधित परीक्षण का भी उल्लेख किया गया है। इन परीक्षण परिणामों के आधार पर संबंधित नमूने को असुरक्षित माना गया।
सिर्फ बिक्री नहीं, भंडारण और वितरण भी प्रतिबंधित
प्रशासन की कार्रवाई केवल दुकानों से बिक्री रोकने तक सीमित नहीं है। दोनों उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ भंडारण और वितरण पर भी रोक लगाई गई है।
इसका मतलब है कि दुकानदार इन उत्पादों को न तो बेच सकते हैं और न ही बिक्री के उद्देश्य से स्टॉक में रख सकते हैं। एक स्थान से दूसरे स्थान तक इनकी आपूर्ति भी प्रतिबंधित रहेगी।
आम लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
किसी खाद्य नमूने के असुरक्षित पाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उस उत्पाद का सेवन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बीमारी होगी। हालांकि, इसका मतलब यह जरूर है कि जांच किया गया नमूना निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा।
इसके अलावा, पान मसाले में इस्तेमाल होने वाली सुपारी (अरेका नट) को लेकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं पहले से मौजूद हैं। इसलिए केवल तंबाकू रहित होने के आधार पर किसी पान मसाला उत्पाद को स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित मानना उचित नहीं है।
यदि पान मसाले के साथ तंबाकू का सेवन किया जाता है तो स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ सकता है। लंबे समय तक तंबाकू और सुपारी के सेवन को मुंह एवं गले के कैंसर सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है।
अब बाजार में बचे स्टॉक पर नजर
खैरागढ़ में जांच के बाद दोनों ब्रांड पर रोक लगाए जाने के बाद अब प्रशासन के सामने बाजार में मौजूद स्टॉक की निगरानी और प्रतिबंध के प्रभावी पालन की चुनौती है।
यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जिले की दुकानों में पान राज सैफ्रॉन ब्लेंडेड पान मसाला और सितार पान मसाला का कितना स्टॉक मौजूद है और प्रतिबंध के बाद कहीं इनकी बिक्री चोरी-छिपे तो नहीं हो रही।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले में बिक रहे अन्य पान मसाला उत्पादों की गुणवत्ता की जांच और नियमित निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
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