घुटकू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 551 दीप प्रज्वलित हनुमान मंदिर में ग्रामीणों ने की प्रार्थना, देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना
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ESIC अस्पतालों में इलाज और दवाओं का इंतजार, डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान
✒️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज दुर्ग ब्यूरो चीफ रिपोर्टर – कलावती रायपुर, भिलाई-दुर्ग और कोरबा में स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की जरूरत रायपुर/दुर्ग। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रदेश के हजारों श्रमिक परिवार निर्भर हैं। ऐसे में अस्पतालों और औषधालयों में डॉक्टर, दवाइयों की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति महत्वपूर्ण सवाल बन गई है। 23 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के ESIC अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों की परेशानी का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ मरीजों को पर्ची में लिखी सभी दवाएं एक साथ उपलब्ध नहीं होने और दवाओं के लिए दोबारा अस्पताल आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के बाद दवा के लिए भी इंतजार मरीजों का कहना है कि डॉक्टर से जांच और पर्ची मिलने के बाद भी यदि सभी निर्धारित दवाएं उपलब्ध नहीं मिलतीं, तो उन्हें दोबारा अस्पताल या दवा काउंटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे रोज कमाकर परिवार चलाने वाले श्रमिकों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में कई ESIC औषधालय छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग के ESIS डिस्पेंसरी लोकेटर में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रिसाली, नंदिनी रोड/खुर्सीपार, हथखोज, सुपेला, जमुल, कुम्हारी और भिलाई-3 सहित कई औषधालय दर्ज हैं। इसी सूची में कोरबा, रायपुर और प्रदेश के अन्य जिलों के औषधालय भी शामिल हैं। ESIC के एक आधिकारिक दस्तावेज में भी रायपुर, भिलाई, दुर्ग और कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर ESIC डिस्पेंसरी की सूची उपलब्ध है। लाखों बीमित परिवारों के लिए जरूरी है बेहतर व्यवस्था ESIC व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए समय पर डॉक्टर की उपलब्धता, आवश्यक जांच और निर्धारित दवाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अस्पतालों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ग्राउंड स्तर पर मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का पक्ष दर्ज करना जरूरी है। ग्राउंड रिपोर्ट में इन बिंदुओं की होगी पड़ताल हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट में निम्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है— ▪️ अस्पताल में स्वीकृत और कार्यरत डॉक्टरों की संख्या ▪️ वर्तमान में कितने डॉक्टर उपलब्ध हैं ▪️ किन-किन दवाओं की उपलब्धता नियमित है ▪️ कितनी दवाएं स्टॉक में नहीं हैं ▪️ मरीजों को दवा के लिए कितनी बार वापस आना पड़ता है ▪️ ओपीडी में मरीजों की औसत संख्या ▪️ जांच सुविधाओं की उपलब्धता ▪️ विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थिति ▪️ रेफरल और कैशलेस उपचार की व्यवस्था ▪️ मरीजों और परिजनों की शिकायतें ▪️ अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष प्रशासन और ESIC प्रबंधन से सवाल मरीजों की शिकायतों के साथ ESIC प्रबंधन से यह भी पूछा जाना चाहिए कि वर्तमान में डॉक्टरों एवं आवश्यक दवाओं की वास्तविक स्थिति क्या है, दवाओं की आपूर्ति में देरी क्यों होती है और शिकायतों के निराकरण के लिए क्या व्यवस्था है। ESIC ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अपने लाभार्थियों को कैशलेस तृतीयक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों से अनुबंध की प्रक्रिया भी संचालित की है। हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट का उद्देश्य किसी संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाना है।ग्राउंड रिपोर्ट के लिए सुझाव: दुर्ग-भिलाई में किसी ESIC डिस्पेंसरी/अस्पताल का मौके पर निरीक्षण कर दवा काउंटर, मरीजों की कतार, उपलब्ध दवाओं की सूची, डॉक्टरों की ड्यूटी और मरीजों के बयान दर्ज किए जाएं। इससे खबर में केवल आरोप नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष तथ्य भी शामिल होंगे।
लैब असिस्टेंट परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक विकल्प पर भड़का सेन (नाई) समाज, व्यापमं से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ लैब असिस्टेंट परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक विकल्प पर भड़का सेन (नाई) समाज, व्यापमं से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग जगदलपुर।छत्तीसगढ़ सर्व सेन (नाई) समाज जिला-बस्तर ने 20 सितंबर 2026 को आयोजित लैब असिस्टेंट परीक्षा के प्रश्नपत्र में शामिल एक विकल्प को लेकर कड़ा विरोध जताया है। समाज ने इसे जातिगत गरिमा के खिलाफ बताते हुए शासन और व्यापमं से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। समाज के जिला कार्यालय सर्व सेनधाम सामाजिक भवन कुम्हारपारा, जगदलपुर (पंजीयन क्र. 82) से जारी ज्ञापन में कहा गया है कि सेन समाज की पहचान केवल पारंपरिक केश-कला या किसी एक व्यवसाय तक सीमित नहीं है। आज समाज के लोग शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, व्यापार, राजनीति, कला, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसलिए किसी भी शासकीय प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र में ऐसी अभिव्यक्ति नहीं होनी चाहिए जिससे किसी समाज की गरिमा या भावनाएं प्रभावित हों। ज्ञापन में समाज की 6 प्रमुख मांगें - 1.दिनांक 20.09.2026 को आयोजित लैब असिस्टेंट परीक्षा के प्रश्नपत्र में उक्त लोकोक्ति को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने की निष्पक्ष जांच कराई जाए।2. प्रश्नपत्र तैयार करने और अनुमोदित करने की प्रक्रिया से संबंधित अधिकारियों/विशेषज्ञों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।3.उक्त प्रश्न/विकल्प के संबंध में व्यापमं द्वारा आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए।4.*यदि जांच में यह पाया जाता है कि प्रश्न या विकल्प अपमानजनक या निष्पक्षता के विरुद्ध था, तो अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित सुधारात्मक निर्णय लिया जाए।5. भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी जाति, समाज अथवा समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा या उदाहरणों के चयन से बचने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।6. पूर्व में भी इसी प्रकार के विषयों पर समाज द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के पश्चात शासन स्तर पर "नाऊ" शब्द को विलोपित कर जाति-संबोधन के लिए "नाई" शब्द का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई थी। अतः वर्तमान मामले में भी शासन संवेदनशीलता के साथ उचित संज्ञान ले। समाज ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा संस्था को अपमानित करना नहीं है, बल्कि सेन समाज की गरिमा, सम्मान एवं सामाजिक भावनाओं की रक्षा करना है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा मंत्री छ.ग. शासन, उच्च शिक्षा संचालनालय एवं मंत्रालय (महानदी भवन) और जिला सचिव, उच्च शिक्षा मंत्रालय छ.ग. को भी सूचनार्थ भेजी गई है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश कोषाध्यक्ष किशन सेन, संभाग उपाध्यक्ष लोचन सेन, सैलून संघ प्रदेश कोषाध्यक्ष कृष्ण ठाकुर, बस्तर जिला अध्यक्ष छन्नू लाल भारद्वाज, प्रदेश सचिव शंकर श्रीवास, महेंद्र श्रीवास, उधो राम सेन, राजू ठाकुर, जगन्नाथ ठाकुर सहित समाज के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।
तबले की थाप और भजनों पर देर रात तक झूमे लोग, बारिश भी नहीं रोक पाई भक्ति की महफिल
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ तबले की थाप और भजनों पर देर रात तक झूमे लोग, बारिश भी नहीं रोक पाई भक्ति की महफिल जगदलपुर।गणेश उत्सव के अवसर पर गुंजन संगीत समूह द्वारा आयोजित भजन संध्या में बारिश भी भक्ति संगीत की महफिल को नहीं रोक सकी। तबले की थाप, ढोलक की संगत, मंजीरों की झंकार और हारमोनियम की मधुर धुनों के बीच कलाकारों ने एक के बाद एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। यह भजन संध्या गुंजन संगीत समूह की अध्यक्ष डॉ. सुषमा झा के निवास पर आयोजित गणेश उत्सव समारोह के तहत हुई। समूह के सचिव संजय देवांगन ने बताया कि कार्यक्रम में समूह के 10 कलाकारों के साथ अतिथि कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं। प्रसिद्ध गायिका आशा सोनी और गायक राजीव गौतम ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए, वहीं अतिथि कलाकार प्रवीण द्विवेदी ने जस गीत की प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के दौरान बारिश कई बार तेज हुई और बिजली भी आती-जाती रही। इसके बावजूद कलाकारों और श्रोताओं का उत्साह बना रहा। भजनों की स्वर लहरियों और वाद्ययंत्रों की संगत से पूरा परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा। रात करीब 11 बजे तक भजनों का सिलसिला चलता रहा और श्रोता प्रस्तुतियों पर झूमते नजर आए। कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. ज्योति लागू और राजेंद्र झा ने कहा कि गुंजन संगीत समूह को संगीत और सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करते रहना चाहिए। इससे कलाकारों को मंच मिलने के साथ लोगों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। कार्यक्रम में एडमिन मोहिनी ठाकुर, उपाध्यक्ष नंदा कोलकाटवार, संजीव नील, सरला रथ, प्रकाश रथ, संगीता शील, संजय वर्मा, संदीप सामंत और अतुल शुक्ला सहित समूह के सदस्य, कलाकार व बड़ी संख्या में अंचलवासी मौजूद रहे।
जमीन लेने के बाद 18 साल से अस्पताल का इंतजार, 314 किसानों को अब तक नहीं मिला नियुक्ति पत्र, 3 साल से पंचायतों के विकास का पैसा बंद
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ सीजी न्यूज़ जमीन लेने के बाद 18 साल से अस्पताल का इंतजार, 314 किसानों को अब तक नहीं मिला नियुक्ति पत्र, 3 साल से पंचायतों के विकास का पैसा बंद जगदलपुर। बस्तर के सबसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट नगरनार स्टील प्लांट के मेन गेट नंबर-1 पर मंगलवार को बड़ा आंदोलन देखने को मिला। प्रभावित क्षेत्र के 15 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों ने प्लांट के गेट की घेराबंदी कर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के लिए जमीन देने के बाद विकास और रोजगार के जो वादे किए गए थे, उनमें से कई वादे आज भी अधूरे हैं। लगातार अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद थक-हारकर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। प्रदर्शन की 3 मुख्य वजह - 1. जमीन लेने के बाद भी 18 साल से अस्पताल का इंतजार -ग्रामीणों ने बताया कि कोपागुड़ा-खूटपदर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 22 एकड़ जमीन ली गई थी। 18 साल बाद भी अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। गंभीर बीमारी में बस्तर के मरीजों को आज भी रायपुर या विशाखापट्टनम जाना पड़ता है। 2. 314 किसानों को अब तक नौकरी का नियुक्ति पत्र नहीं -भू-प्रभावित परिवारों और क्षेत्रीय युवाओं को एनएमडीसी में नौकरी में प्राथमिकता की मांग पूरी नहीं हुई है। 2010 की सूची में 314 किसानों के नाम थे, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली। 3. तीन साल से पंचायतों को विकास के लिए राशि नहीं -प्लांट में उत्पादन शुरू होने के बाद प्रभावित पंचायतों को मिलने वाली विकास, खेलकूद, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की राशि पिछले तीन साल से बंद है। आंदोलन में ये 15 गांव हुए शामिल - नगरनार, आमागुड़ा, कस्तूरी, मारपाल, करनपुर, उपनपाल, बड़ांजी, खूटपदर, चोकावाड़ा, धनपुंजी, भेजापदर, तिरिया, मारकेल-1, मारकेल-2 और कालचा के ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए। सरपंच लैखन बघेल और रैनूराम ने बताया कि 10 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर तहसीलदार और एनएमडीसी के अधिकारी पहुंचे और ज्ञापन सौंपा गया। ग्रामीणों की 10 प्रमुख मांगें - 1. अस्पताल: कोपागुड़ा-खूटपदर में 22 एकड़ जमीन पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण तत्काल शुरू हो।2. रोजगार:भू-प्रभावित परिवारों और क्षेत्रीय युवाओं को एनएमडीसी में नौकरी में प्राथमिकता मिले।3. सिक्स लेन सड़क:भारी ट्रकों और ट्रेलरों के दबाव को देखते हुए जगदलपुर-नगरनार मार्ग को छह लेन किया जाए।4. बुनियादी सुविधा:प्रभावित गांवों में शिक्षा, पेयजल, सड़क, बिजली, खेल सुविधाओं का विकास हो।5. सांस्कृतिक आयोजन:मड़ई-मेला, होली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सहयोग राशि बढ़ाई जाए।6. दूषित पानी:फसल नुकसान का मुआवजा दें और जल शोधन व पुनर्चक्रण की व्यवस्था की जाए।7. उम्र सीमा:भर्ती की अधिकतम उम्र 33 से बढ़ाकर 40 वर्ष की जाए।8. आईटीआई ट्रेड: फिटर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिशियन जैसे तकनीकी ट्रेड शुरू किए जाएं।9. 314 किसानों की नौकरी: 2010 की सूची के शेष 314 किसानों को नियुक्ति पत्र और तब तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिले। 10 भू-प्रभावित पंचायत: मारकेल-1, मारकेल-2, खम्हरगांव, गरावण्डखुर्द और कालचा को भू-प्रभावित ग्राम पंचायत बनाया जाए। प्लांट के दूषित पानी से फसल खराब -ग्रामीणों ने प्लांट के गेट नंबर-3 से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर भी शिकायत की। उनका आरोप है कि यह पानी खेतों तक पहुंचने से सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हुई है। धान की फसल पकने से पहले खराब हो रही है। कई बार लिखित शिकायत के बावजूद फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिला। ग्रामीणों ने बैलाडीला की बचेली-किरंदुल खदानों का मुद्दा भी उठाया। कहा कि छह दशक से बस्तर के लौह अयस्क का उत्पादन देश-दुनिया तक पहुंच रहा है और एनएमडीसी नवरत्न उपक्रम का दर्जा हासिल कर चुकी है, लेकिन आज भी स्थानीय लोगों को पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
मोहन्दा गांव में 24 सितंबर को निःशुल्क ENT स्वास्थ्य जांच शिविर आंख, नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याओं की होगी निःशुल्क जांच,
मोहन्दा गांव में 24 सितंबर को निःशुल्क ENT स्वास्थ्य जांच शिविर आंख, नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याओं की होगी निःशुल्क जांच मोहन्दा। ग्राम मोहन्दा में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 सितंबर 2026 को निःशुल्क ENT स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का आयोजन ग्राम सरपंच हेमसागर पटेल द्वारा सांई केयर मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से किया जा रहा है। गांव में ही मिलेगी स्वास्थ्य जांच की सुविधा शिविर में ग्रामीणों के लिए आंख, नाक, कान एवं गला यानी ENT से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की निःशुल्क जांच की जाएगी। इसके साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके गांव में ही स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर जांच करा सकें। ग्रामीणों से लाभ लेने की अपील ग्राम सरपंच हेमसागर पटेल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाएं। उन्होंने ग्रामीणों से अपने परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर में लेकर आने की अपील की है। शिविर की जानकारी दिनांक: 24 सितंबर 2026 स्थान: ग्राम मोहन्दा आयोजक: सरपंच हेमसागर पटेल सहयोग: सांई केयर मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल निःशुल्क जांच: आंख, नाक, कान एवं गला (ENT) ग्रामीण निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठा सकते हैं। 📝 रिपोर्ट: प्रद्युम्न शर्मा Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 सरायपाली, छत्तीसगढ़
सारंगढ़-बिलाइगढ़: कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जनदर्शन में सुनीं आमजनों की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
रिपोर्टर अमित कुमार दोहरे हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ रायपुर सारंगढ़-बिलाइगढ़। जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने आम नागरिकों की समस्याएं, मांगें और शिकायतें बेहद गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में पहुंचे आवेदकों से सीधे संवाद करते हुए कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों की गहन जांच करने और संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार शीघ्र-अति-शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक मामले सामने आए। नागरिकों ने मुख्य रूप से जलस्रोत संरक्षण, दुर्घटना बीमा, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना, स्वरोजगार हेतु ऋण सहायता तथा राजस्व अभिलेखों में सुधार से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनदर्शन में आने वाली हर शिकायत का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ऋषिकेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मौत के बाद भी आंखों से रोशन होगी किसी की दुनिया धमतरी के जिला स्तरीय अधिकारियों ने लिया नेत्रदान का संकल्प
मौत के बाद भी आंखों से रोशन होगी किसी की दुनिया धमतरी के जिला स्तरीय अधिकारियों ने लिया नेत्रदान का संकल्प धमतरी | में सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों ने मानवीय पहल करते हुए नेत्रदान का संकल्प लिया। समय-सीमा की बैठक के दौरान अधिकारियों ने नेत्रदान सहमति पत्र भरकर इस सामाजिक पहल से जुड़ने का संदेश दिया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी, नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा, संयुक्त कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने नेत्रदान के लिए अपनी सहमति दी। नेत्रदान का लिया सामूहिक संकल्प अधिकारियों का यह कदम केवल एक सहमति पत्र भरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए समाज में नेत्रदान को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया गया। नेत्रदान के माध्यम से मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दृष्टि मिलने की संभावना बनती है। इसी मानवीय भावना को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने स्वयं आगे आकर नेत्रदान का संकल्प लिया। सीईओ ने कहा, नेत्रदान मानवीय सेवा का महत्वपूर्ण कार्य इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ जयंत नाहटा ने कहा कि नेत्रदान एक मानवीय और पुनीत कार्य है। व्यक्ति के जीवन के बाद उसकी आंखें किसी दूसरे व्यक्ति के लिए दुनिया देखने का माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों से नेत्रदान के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि एक छोटा सा संकल्प किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है। अधिकारियों ने स्वयं आगे बढ़कर दिया संदेश किसी भी सामाजिक अभियान में लोगों को जोड़ने के लिए स्वयं पहल करना महत्वपूर्ण माना जाता है। धमतरी जिला प्रशासन के अधिकारियों ने नेत्रदान के लिए सहमति देकर इसी भावना का संदेश दिया। अधिकारियों के इस सामूहिक संकल्प से आम लोगों के बीच भी नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। एक व्यक्ति की पहल परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इस तरह के मानवीय कार्यों के लिए प्रेरित कर सकती है। सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी मानवीय पहल सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक और जनहित से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में नेत्रदान की पहल को भी शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि सामाजिक सेवा केवल किसी एक समय या अवसर तक सीमित नहीं है। व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी अपने अंगों के माध्यम से किसी जरूरतमंद के जीवन में उपयोगी योगदान दे सकता है। धमतरी जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा लिया गया यह सामूहिक संकल्प नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया है। 📝 रिपोर्ट: जयकिशन साहू Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 धमतरी, छत्तीसगढ़
सेवा संकल्प अभियान में वन विभाग की पहल 23 से 25 सितंबर तक पौधरोपण, प्लास्टिक मुक्त जागरूकता और जलस्रोतों की सफाई
सेवा संकल्प अभियान में वन विभाग की पहल 23 से 25 सितंबर तक पौधरोपण, प्लास्टिक मुक्त जागरूकता और जलस्रोतों की सफाई धमतरी। सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्वरूप देने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, धमतरी वनमंडल ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर तीन दिवसीय विशेष कार्ययोजना तैयार की है। 23 से 25 सितंबर तक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पौधरोपण, प्लास्टिक मुक्त जागरूकता, नदी-घाट और जलस्रोतों की साफ-सफाई सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों में स्वच्छता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। पौधरोपण से होगी शुरुआत 23 सितंबर को जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर निर्धारित स्थानों में पौधरोपण किया जाएगा। इस दौरान अर्जनी तालाब धमतरी, अटल स्टेडियम कुरूद, भखारा स्टेडियम, वन विश्राम गृह नगरी एवं दुगली, वन परिसर सिंगपुर पंचायत तथा औद्योगिक वार्ड डिपो परिसर धमतरी में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। eसके अलावा चटौद, कोड़ापार और बगदेही में उद्यानों के शिलान्यास के अवसर पर भी पौधरोपण किया जाएगा। इन गतिविधियों के जरिए सार्वजनिक स्थलों को हरित बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्लास्टिक मुक्त धमतरी का संदेश 24 सितंबर को पर्यावरण स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त जागरूकता को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानव वन गंगरेल-मरादेव, नया तालाब कुरूद और डिपो परिसर धमतरी में आयोजित गतिविधियों के दौरान नागरिकों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास करने के लिए जागरूक किया जाएगा। जलस्रोतों की सफाई पर जोर अभियान के तीसरे दिन 25 सितंबर को जल संरक्षण और जलस्रोतों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान कोटरवाही नरहरा जलप्रपात, पम्पारनाला सिंगपुर, फुटहामुड़ा जलाशय, महानदी उद्गम फरसियां, नगरी स्थित महामाई मंदिर क्षेत्र और गणेशघाट सिंहावा में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इन प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई के साथ लोगों को जलस्रोतों के संरक्षण, जल की महत्ता और आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा। जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण की पहल अभियान की विभिन्न गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय ग्रामीणों, आम नागरिकों और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सहभागिता रहेगी। वन विभाग के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जरूरी है। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के तहत पौधरोपण, स्वच्छता और जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है। डीएफओ ने की सहभागिता की अपील डीएफओ धमतरी कृष्ण जाधव ने जिलेवासियों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण, स्वच्छता और जलस्रोतों के संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण के बड़े जनअभियान का रूप ले सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अभियान के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने और स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-संवेदनशील धमतरी के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। 📝 रिपोर्ट: जयकिशन साहू Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 धमतरी, छत्तीसगढ़
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का हुआ समापन बस्तर संभाग ओवरऑल चैंपियन, खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का किया प्रदर्शन
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का हुआ समापन बस्तर संभाग ओवरऑल चैंपियन, खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का किया प्रदर्शन 📝 रिपोर्ट: गौतम रंगारी Bureau Chief | Hamar Pradesh CG News 📍 दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा, 22 सितंबर 2026। जिले में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026-27 का आयोजन 19 से 22 सितंबर तक किया गया। प्रतियोगिता में कबड्डी के 17 वर्ष आयु वर्ग तथा सॉफ्टबॉल के 14 वर्ष आयु वर्ग में बालक-बालिका खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।प्रतियोगिता में राज्य के बस्तर, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग से लगभग 60-60 प्रतिभागी शामिल हुए। इस तरह कुल करीब 300 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कबड्डी में बिलासपुर संभाग ने हासिल किया पहला स्थान 17 वर्ष आयु वर्ग के कबड्डी बालक वर्ग में बिलासपुर संभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया। बस्तर संभाग दूसरे और रायपुर संभाग तीसरे स्थान पर रहा। वहीं 17 वर्ष आयु वर्ग के कबड्डी बालिका वर्ग में भी बिलासपुर संभाग प्रथम रहा। बस्तर संभाग ने द्वितीय और रायपुर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सॉफ्टबॉल में बस्तर संभाग का शानदार प्रदर्शन 14 वर्ष आयु वर्ग के सॉफ्टबॉल बालक वर्ग में बस्तर संभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया। बिलासपुर संभाग दूसरे और दुर्ग संभाग तीसरे स्थान पर रहा। सॉफ्टबॉल बालिका वर्ग में भी बस्तर संभाग प्रथम स्थान पर रहा। दुर्ग संभाग ने द्वितीय और रायपुर संभाग ने तृतीय स्थान हासिल किया। पूरी प्रतियोगिता के परिणामों के आधार पर बस्तर संभाग की टीम ओवरऑल चैंपियन रही। अंतिम क्षणों में सुखमती के प्रदर्शन ने बढ़ाया रोमांच समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी के एक मुकाबले का जिक्र करते हुए बताया कि बस्तर की खिलाड़ी सुखमती ने मुकाबले के अंतिम 30 सेकंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण 5 अंक अर्जित किए उनके इस प्रदर्शन से मुकाबला रोमांचक हो गया और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष ने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए दोगुनी मेहनत एवं तैयारी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। खेलों से अनुशासन और टीम भावना का विकास जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास करती हैं। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी प्रतिभागियों से निरंतर अभ्यास, मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। विभिन्न विभागों के सहयोग से हुआ प्रतियोगिता का आयोजन 26वीं राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिता का सफल संचालन एवं आयोजन कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में किया गया। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में जिले के विभिन्न विभागों और संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। खिलाड़ियों एवं आयोजन से जुड़े लोगों की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का विशेष सहयोग रहा। विद्युत व्यवस्था में विद्युत विभाग की भूमिका रही। वहीं प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के आवास, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के लिए नगर पंचायत गीदम तथा नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा का सहयोग प्राप्त हुआ। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्यान विभाग, खाद्य विभाग और ग्राम पंचायत कारली ने भी प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग किया। शिक्षकों और खेल अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका प्रतियोगिता को सफल बनाने में जिले के सभी पीटीआई, खेल अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने पूर्ण समर्पण और टीम भावना के साथ अपना योगदान दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर की ओर से प्रतियोगिता को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक, पीटीआई शिक्षक, स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर, जनपद पंचायत सदस्य रामूराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार, खेल प्रतिभागी बच्चे एवं चारों विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
मरवाही प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रयास कैवर्त को TNP Media Excellence Award 2026, मिला ‘Best Reporter Award’
मरवाही प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रयास कैवर्त को TNP Media Excellence Award 2026, मिला ‘Best Reporter Award’ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले मरवाही प्रेस क्लब के अध्यक्ष एवं पत्रकार प्रयास कैवर्त को TNP News Group की ओर से TNP Media Excellence Award 2026 – Best Reporter Award से सम्मानित किया गया है। आयोजकों की ओर से यह सम्मान उनकी रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने और आम लोगों की समस्याओं को समाचारों के माध्यम से उठाने के लिए प्रदान किया गया। सम्मान के दौरान उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लगातार उठाया प्रयास कैवर्त लंबे समय से क्षेत्र में पत्रकारिता के माध्यम से स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े विषयों को सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी रिपोर्टिंग में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक व्यवस्था, वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं सहित विभिन्न स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता दी जाती रही है। इन विषयों को समाचारों के माध्यम से संबंधित विभागों और आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका रही है। TNP News Group की ओर से दिए गए सम्मान में भी पत्रकारिता के माध्यम से जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने रखने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग को प्रमुखता दी गई। सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी सम्मान मिलने के बाद प्रयास कैवर्त ने इसे अपने लिए जिम्मेदारी बढ़ाने वाला अवसर बताया। उन्होंने TNP News Group का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से उन मुद्दों को सामने लाना जरूरी है, जिन पर आम लोगों का ध्यान आकर्षित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगे भी जनहित से जुड़े विषयों को निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ सामने रखने का प्रयास जारी रहेगा। पत्रकार साथियों ने दी बधाई TNP Media Excellence Award 2026 मिलने पर प्रयास कैवर्त को पत्रकार साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने बधाई दी। लोगों ने उनके आगामी पत्रकारिता कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए सम्मान को उनके कार्य के प्रति प्रोत्साहन बताया। रिपोर्ट: आवास कैवर्त Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़
सेवा संकल्प अभियान के तहत दंतेवाड़ा में स्वच्छता पर जोर, जल स्रोतों और स्कूलों में चलाया गया जागरूकता अभियान
सेवा संकल्प अभियान के तहत दंतेवाड़ा में स्वच्छता पर जोर, जल स्रोतों और स्कूलों में चलाया गया जागरूकता अभियान दंतेवाड़ा, 22 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों और सामुदायिक स्थलों पर स्वच्छता एवं जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की गईं। इसी क्रम में 22 सितंबर को जिले के जल स्रोतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक परिसरों की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और समुदाय के सदस्यों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया गया। विद्यालयों में विद्यार्थियों ने लिया स्वच्छता का संदेश जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता से स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यालय परिसर, पेयजल स्थल, शौचालय, हाथ धुलाई क्षेत्र और आसपास के स्थानों को साफ रखने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। इसके साथ ही सुरक्षित पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छ व्यवहार से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे स्वच्छता का संदेश अपने घर और आसपास के समुदाय तक भी पहुंचाएं। जल स्रोतों को स्वच्छ रखने पर विशेष ध्यान अभियान के तहत तालाबों, नदियों और अन्य जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों से जल स्रोतों के आसपास कचरा नहीं फैलाने तथा प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट का उचित तरीके से निपटान करने की अपील की गई। स्थानीय समुदाय की सहभागिता से सार्वजनिक और सामुदायिक स्थलों पर साफ-सफाई तथा श्रमदान जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया गया। सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई पर भी जोर अभियान के दौरान सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर भी जागरूकता गतिविधियां की गईं। लोगों को सामुदायिक शौचालयों का नियमित एवं सुरक्षित उपयोग करने तथा इनके आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। जनभागीदारी से स्वच्छता को आगे बढ़ाने का प्रयास अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। विद्यालयों, जल स्रोतों और सामुदायिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्ट: गौतम रंगारी Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़
भिलाई-चरोदा के केबिनों में यात्री ट्रेनों का स्टॉपेज बंद, रोजमर्रा के यात्रियों की बढ़ी परेशानी, आंदोलन की चेतावनी
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार भिलाई-चरोदा। भिलाई-चरोदा क्षेत्र में सी केबिन और डी केबिन में रुकने वाली करीब 11 लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव रेलवे द्वारा बंद किए जाने से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे की ओर से जारी आदेश में ट्रेनों का ठहराव कब तक बंद रहेगा, इसकी स्पष्ट समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार, पहले ट्रेनों का स्टॉपेज अस्थायी तौर पर बंद किया गया था, लेकिन अब तक रेलवे ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह व्यवस्था कब तक जारी रहेगी। इससे चरोदा, देवबलौदा और आसपास के गांवों के यात्रियों में नाराजगी है। डेढ़ किलोमीटर दूर एच केबिन में रोकी जा रही ट्रेनें बताया जा रहा है कि इन ट्रेनों को चरोदा स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एच केबिन क्षेत्र में रोका जा रहा है। चरोदा में रेलवे की अप और डाउन लाइन के बीच बड़ा यार्ड है, जिसके कारण यात्रियों को काफी दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सी, जी और डी केबिन में कई वर्षों से लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव होता रहा है। इन ट्रेनों से विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, दिहाड़ी मजदूर और रेलवे कर्मचारी नियमित रूप से आवागमन करते थे। स्टॉपेज बंद होने से अब इन यात्रियों को अतिरिक्त दूरी और समय की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। करीब 10 हजार यात्रियों के प्रभावित होने का दावा स्थानीय लोगों के मुताबिक रेलवे की इस व्यवस्था से देवबलौदा, चरोदा, उरला, दादर और आसपास के गांवों के करीब 10 हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों को हो रही है। यात्रियों का कहना है कि रायपुर-दुर्ग के बीच चलने वाली लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनों के स्टॉपेज में बदलाव की पर्याप्त जानकारी भी उन्हें समय पर नहीं मिल पा रही है। जनप्रतिनिधियों से मिले स्थानीय लोग समस्या को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने दुर्ग सांसद विजय बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पाटन विधायक भूपेश बघेल और अहिवारा विधायक डोमनलाल कौशिक से मुलाकात कर सी और डी केबिन में यात्री ट्रेनों का स्टॉपेज दोबारा शुरू कराने की मांग रखी। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। ‘स्टेशन नहीं होने’ का दिया जा रहा हवाला स्थानीय नागरिक रामकुमार सूर्यवंशी ने कहा कि सी और डी केबिन पर कई वर्षों से लोकल ट्रेनें रुकती रही हैं। अब रेलवे की ओर से यहां स्टेशन नहीं होने के कारण ट्रेनें नहीं रोकने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे ने इस मामले में जल्द निर्णय नहीं लिया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। सांसद विजय बघेल ने बताया तकनीकी समस्या का मामला सांसद विजय बघेल ने कहा कि मामले में तकनीकी समस्या सामने आई है। ट्रैक बढ़ने के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेलवे के जीएम और डीआरएम से लगातार चर्चा की जा रही है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रियों को जल्द राहत की उम्मीद भिलाई-चरोदा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनें उनके दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण साधन हैं। स्टॉपेज बंद होने से स्कूल-कॉलेज, नौकरी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब यात्रियों की नजर रेलवे और जनप्रतिनिधियों की ओर है कि सी एवं डी केबिन में ट्रेनों का ठहराव कब तक बहाल किया जाता है।