
✒️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज दुर्ग ब्यूरो चीफ रिपोर्टर – कलावती
रायपुर, भिलाई-दुर्ग और कोरबा में स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की जरूरत
रायपुर/दुर्ग। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रदेश के हजारों श्रमिक परिवार निर्भर हैं। ऐसे में अस्पतालों और औषधालयों में डॉक्टर, दवाइयों की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति महत्वपूर्ण सवाल बन गई है।
23 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के ESIC अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों की परेशानी का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ मरीजों को पर्ची में लिखी सभी दवाएं एक साथ उपलब्ध नहीं होने और दवाओं के लिए दोबारा अस्पताल आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
इलाज के बाद दवा के लिए भी इंतजार
मरीजों का कहना है कि डॉक्टर से जांच और पर्ची मिलने के बाद भी यदि सभी निर्धारित दवाएं उपलब्ध नहीं मिलतीं, तो उन्हें दोबारा अस्पताल या दवा काउंटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे रोज कमाकर परिवार चलाने वाले श्रमिकों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में कई ESIC औषधालय
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग के ESIS डिस्पेंसरी लोकेटर में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रिसाली, नंदिनी रोड/खुर्सीपार, हथखोज, सुपेला, जमुल, कुम्हारी और भिलाई-3 सहित कई औषधालय दर्ज हैं। इसी सूची में कोरबा, रायपुर और प्रदेश के अन्य जिलों के औषधालय भी शामिल हैं।
ESIC के एक आधिकारिक दस्तावेज में भी रायपुर, भिलाई, दुर्ग और कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर ESIC डिस्पेंसरी की सूची उपलब्ध है।
लाखों बीमित परिवारों के लिए जरूरी है बेहतर व्यवस्था
ESIC व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए समय पर डॉक्टर की उपलब्धता, आवश्यक जांच और निर्धारित दवाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अस्पतालों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ग्राउंड स्तर पर मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का पक्ष दर्ज करना जरूरी है।
ग्राउंड रिपोर्ट में इन बिंदुओं की होगी पड़ताल
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट में निम्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है—
▪️ अस्पताल में स्वीकृत और कार्यरत डॉक्टरों की संख्या
▪️ वर्तमान में कितने डॉक्टर उपलब्ध हैं
▪️ किन-किन दवाओं की उपलब्धता नियमित है
▪️ कितनी दवाएं स्टॉक में नहीं हैं
▪️ मरीजों को दवा के लिए कितनी बार वापस आना पड़ता है
▪️ ओपीडी में मरीजों की औसत संख्या
▪️ जांच सुविधाओं की उपलब्धता
▪️ विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थिति
▪️ रेफरल और कैशलेस उपचार की व्यवस्था
▪️ मरीजों और परिजनों की शिकायतें
▪️ अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष
प्रशासन और ESIC प्रबंधन से सवाल
मरीजों की शिकायतों के साथ ESIC प्रबंधन से यह भी पूछा जाना चाहिए कि वर्तमान में डॉक्टरों एवं आवश्यक दवाओं की वास्तविक स्थिति क्या है, दवाओं की आपूर्ति में देरी क्यों होती है और शिकायतों के निराकरण के लिए क्या व्यवस्था है।
ESIC ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अपने लाभार्थियों को कैशलेस तृतीयक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों से अनुबंध की प्रक्रिया भी संचालित की है।
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट का उद्देश्य किसी संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाना है।ग्राउंड रिपोर्ट के लिए सुझाव: दुर्ग-भिलाई में किसी ESIC डिस्पेंसरी/अस्पताल का मौके पर निरीक्षण कर दवा काउंटर, मरीजों की कतार, उपलब्ध दवाओं की सूची, डॉक्टरों की ड्यूटी और मरीजों के बयान दर्ज किए जाएं। इससे खबर में केवल आरोप नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष तथ्य भी शामिल होंगे।
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