खराब सड़कों पर कलेक्टर सख्त, 31 दिसंबर तक पूरा करना होगा निर्माण कार्य
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बदलते बस्तर की तस्वीर पर्यटन से विकास की नई राह
स्टेट रिपोर्टर मनोज कुमार भट्ट बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ सीजी न्यूज़ बदलते बस्तर की तस्वीर पर्यटन से विकास की नई राह प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रहा विस्तार बस्तर में पर्यटन संभावनाओं का नया अध्याय जगदलपुर, 24 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। कभी नक्सलवाद और हिंसा के संदर्भ में चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र आज अपनी प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आतिथ्य के कारण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बदलते वातावरण के साथ बस्तर में पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर आकार ले रहे हैं। बस्तर की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, कुटुमसर एवं कैलाश गुफाएं, मां दंतेश्वरी मंदिर, दलपत सागर और बस्तर पैलेस जैसे स्थल पर्यटकों को प्रकृति, रोमांच, अध्यात्म और इतिहास का अनूठा अनुभव देते हैं। यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शनीय स्थल नहीं देखता, बल्कि स्थानीय जीवन, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और संगीत से भी जुड़ता है। यही कारण है कि बस्तर को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन के एक विशिष्ट क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कनेक्टिविटी से खुल रहे विकास के नए रास्ते पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के प्रयास पर्यटन की संभावनाओं को नई गति दे रहे हैं। ‘बस्तर 2.0’ ब्लूप्रिंट में 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट बस्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में रायपुर और हैदराबाद के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है। वहीं रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी योजनाएं भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की संभावनाएं रखती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ केवल पर्यटकों को ही नहीं मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। होमस्टे से गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ बस्तर में ग्रामीण और जनजातीय होमस्टे पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन है। छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान का अनुभव देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। होमस्टे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पर्यटन का आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय परिवारों तक पहुंच रहा है। पर्यटकों के ठहरने के साथ भोजन, स्थानीय गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आसपास के अन्य परिवारों के लिए भी आय के अवसर बन रहे हैं। बस्तर में नए कमरे के निर्माण पर प्रति कमरा एक लाख रुपये और पूर्व से निर्मित कमरे के नवीनीकरण पर प्रति कमरा 50 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। न्यूनतम एक से अधिकतम नौ कमरों तक सहायता की व्यवस्था से ग्रामीण परिवार अपनी क्षमता के अनुसार पर्यटन गतिविधियों से जुड़ सकते हैं। वर्तमान में 85 हितग्राहियों को अनुदान हेतु बैंको को प्रस्ताव भेजी जा चुका है तथा 27 होमस्टे पूर्व से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। *संस्कृति बनी पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत* बस्तर की जनजातीय संस्कृति उसकी सबसे बड़ी विशिष्टताओं में शामिल है। बेलमेटल और धातु शिल्प, लकड़ी एवं बांस की कला, पारंपरिक आभूषण, नृत्य, संगीत और खान-पान देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इस सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच दे रहे हैं। वर्ष 2026 के बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की 12 विधाओं को मंच मिला और लगभग 55 हजार आदिवासी लोगों की सहभागिता हुई। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर दिया। आस्था से लेकर एडवेंचर तक पर्यटन की विविध संभावनाएं बस्तर में धार्मिक, सांस्कृतिक, इको और एडवेंचर पर्यटन की संभावनाएं एक साथ मौजूद हैं। मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को आधार देते हैं, वहीं कांगेर घाटी और धुड़मारास जैसे क्षेत्र प्रकृति एवं रोमांच आधारित पर्यटन के लिए नए अवसर प्रस्तुत करते हैं। धुड़मारास में एडवेंचर पर्यटन, ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसी सुविधाओं की योजना तथा गांव का यूएन टूरिज्म बेस्ट टूरिज्म विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए चयन ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दे रहा है। पर्यटन से रोजगार और स्थानीय समृद्धि बस्तर के पर्यटन विकास का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे। होमस्टे संचालक, पर्यटन गाइड, स्थानीय ड्राइवर, भोजन सेवा, हस्तशिल्प विक्रेता, सांस्कृतिक कलाकार और साहसिक पर्यटन से जुड़े युवा इस नई पर्यटन अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। बस्तर के पर्यटन रोडमैप के अंतर्गत 45 युवाओं को पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। यह संकेत है कि पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखकर स्थानीय कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है। बस्तर की नई तस्वीर बस्तर का पर्यटन ऐसे मॉडल में से एक है, जिसमें प्रकृति सुरक्षित रहे, जनजातीय संस्कृति की मौलिकता बनी रहे और पर्यटन से पैदा होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे। सड़कें बस्तर को जोड़ रही हैं, हवाई संपर्क दूरी कम कर रहा है, रेल कनेक्टिविटी की संभावनाएं विस्तार पा रही हैं, होमस्टे गांवों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इसकी सांस्कृतिक पहचान को देश के सामने ला रहे हैं। बस्तर अब केवल अतीत की कहानी नहीं है। यह संभावनाओं का नया अध्याय है, जहां जंगलों की हरियाली, जलप्रपातों की सुंदरता, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी मिलकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई दिशा दे रही है। बस्तर की नई पहचान अब उसके अतीत से नहीं, बल्कि शांति, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय विकास की नई संभावनाओं से लिखी जा रही है।
फेसबुक पर हुई जान-पहचान, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप; युवक गिरफ्तार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज दुर्ग ब्यूरो चीफ रिपोर्टर कलावती डोंगरगढ़। फेसबुक के माध्यम से हुई जान-पहचान के बाद शादी का प्रस्ताव देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इंकार करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर डोंगरगढ़ पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोशन सोमुनिया पिता महेश सोमुनिया (32 वर्ष), निवासी गोकुल नगर, वार्ड शिवमंदिर के पास, बल्लारपुर, जिला चंद्रपुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। फेसबुक से शुरू हुई बातचीत पुलिस के मुताबिक पीड़िता की वर्ष 2025 में फेसबुक के जरिए आरोपी से बातचीत शुरू हुई थी। आरोपी ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे युवती ने स्वीकार कर लिया। बातचीत के दौरान आरोपी ने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। युवती की सहमति के बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी। इसके बाद आरोपी ने युवती को मिलने के लिए डोंगरगढ़ बुलाया। 30 नवंबर 2025 को दोनों की मुलाकात हुई और रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल अशोका लॉज में ठहरे। पीड़िता के अनुसार, आरोपी द्वारा शादी का वादा किए जाने के बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। दोनों 30 नवंबर और 1 दिसंबर को होटल में रुके तथा 1 दिसंबर की शाम दूसरे होटल सागर पैलेस चले गए। दोनों करीब तीन दिनों तक साथ रहे। शादी से कर दिया इंकार डोंगरगढ़ से लौटने के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की और शादी के लिए अपने परिवार को लेकर आने का भरोसा दिलाया था। बाद में 20 अप्रैल 2026 को आरोपी ने फोन कर शादी करने से इंकार कर दिया और पीड़िता से अपने परिवार की पसंद से शादी करने की बात कही। आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर डोंगरगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 365/2026, धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
युवाओं को मिला सुरक्षा का संदेश: सड़क से साइबर दुनिया तक बरती सावधानी, नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ
✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ युवाओं को मिला सुरक्षा का संदेश: सड़क से साइबर दुनिया तक बरती सावधानी, नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ सेवा संकल्प अभियान में सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और नशामुक्ति को लेकर जिलेभर में चला जागरूकता अभियान 189 युवाओं के बने लर्निंग लाइसेंस, हेलमेट भी किए गए वितरित महासमुंद, 24 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत युवाओं को सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और नशामुक्ति को लेकर जागरूक किया गया। परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, यातायात पुलिस, स्कूल शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त सहयोग से महासमुंद सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में युवाओं को सुरक्षित यातायात के नियमों के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में होने वाली ठगी से बचने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान जिलेभर में 189 लर्निंग लाइसेंस बनाए गए, वहीं युवाओं को हेलमेट भी वितरित किए गए। महासमुंद से सरायपाली तक बने 189 लर्निंग लाइसेंस लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर लगाए गए। इनमें महासमुंद विकासखंड में 50, तुमगांव में 20, बागबाहरा में 15, पिथौरा में 20, बसना में 24 और सरायपाली में 60 लर्निंग लाइसेंस बनाए गए। परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों में यातायात नियमों और स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है। हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग, नशे में वाहन नहीं चलाना तथा तेज गति से वाहन चलाने से बचना दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण है। युवाओं को बताया गया कि 16 वर्ष की आयु में बिना गियर वाले वाहन तथा 18 वर्ष की आयु में गियर वाले वाहन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार लाइसेंस बनवाना चाहिए। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करना, सिग्नल का पालन करना, सुरक्षित तरीके से ओवरटेक करना, दो वाहनों के बीच से आगे निकलने से बचना तथा वाहन का बीमा कराना भी जरूरी है। साइबर ठगी से बचाव के बताए तरीके पुलिस विभाग ने युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करते हुए फिशिंग, यूपीआई फ्रॉड, क्रेडिट-डेबिट कार्ड धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, बैंकिंग जानकारी की चोरी और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं की जानकारी दी। युवाओं से कहा गया कि अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें और ओटीपी, पिन, पासवर्ड तथा बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। केवल आधिकारिक एवं सत्यापित ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करने अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। नशे से दूर रहने युवाओं को दिलाई शपथ समाज कल्याण विभाग से जुड़ी संस्था शांति मैत्री ग्रामीण विकास के अध्यक्ष मनोज साहू ने युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों से सावधान रहने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इन संस्थानों में हुए जागरूकता कार्यक्रम जिले के आठ विद्यालय एवं महाविद्यालयों में अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महासमुंद, रामचंडी कॉलेज सरायपाली, भीमराव अंबेडकर कॉलेज बलौदा, वीरेंद्र बहादुर कॉलेज सरायपाली, सरस्वती शिशु मंदिर बसना, चंद्रपाल डडसेना कॉलेज पिथौरा और सरस्वती शिशु मंदिर तुमगांव सहित अन्य संस्थान शामिल रहे। इन्हीं स्थलों पर लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए शिविर भी लगाए गए। कार्यक्रम में परिवहन विभाग से रामभरोस निर्मलकर, समाज कल्याण विभाग से विजय सिन्हा, यातायात पुलिस से हरीश कंवर तथा डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान ने युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उप प्राचार्य उमा देवी शर्मा सहित ईश्वर चंद्राकर, संतोष साहू, किरण कन्नौजे, सुलभा द्विवेदी, दुर्गा सिन्हा, तिलोतमा प्रधान सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
300 सफाई दीदियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, एक्स-रे से टीबी की भी हुई स्क्रीनिंग
✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ 300 सफाई दीदियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, एक्स-रे से टीबी की भी हुई स्क्रीनिंग सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के पांच विकासखंडों में लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविर महासमुंद, 24 सितंबर 2026। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिले में स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाने वाली सफाई दीदियों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष पहल की गई। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के आदेश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश्वर सिंह कुशवाहा के निर्देशन में जिले के तुमगांव, बागबाहरा, बसना, सरायपाली और पिथौरा विकासखंडों में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं एक्स-रे शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में जिले में कार्यरत लगभग 300 सफाई दीदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य जांच के दौरान ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर सहित विभिन्न आवश्यक जांच की गई। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आने पर चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया तथा जरूरत के अनुसार दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। एक्स-रे से टीबी की जांच, संभावित मामलों को किया गया रेफर शिविर की खास पहल के तहत सफाई दीदियों की छाती का एक्स-रे कराकर टीबी (क्षय रोग) की स्क्रीनिंग भी की गई। एक्स-रे में टीबी के संभावित लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्तियों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में रेफर किया गया। साथ ही उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। स्वच्छता योद्धाओं के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस सफाई दीदियां गांवों और शहरों को स्वच्छ रखने में प्रतिदिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके कार्य की प्रकृति को देखते हुए समय पर स्वास्थ्य जांच और बीमारी की पहचान बेहद जरूरी है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी की समय पर पहचान, जांच, उपचार और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश्वर सिंह कुशवाहा ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली सफाई दीदियों का स्वस्थ रहना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
132 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, इनोवा कार से कर रहे थे तस्करी
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार पिथौरा। महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस और एएनटीएफ (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने इनोवा कार से 132 किलो गांजा बरामद करते हुए महाराष्ट्र के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजा, इनोवा कार और दो मोबाइल फोन सहित कुल 81.20 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। मुखबिर की सूचना पर नाकाबंदी मामला बसना थाना क्षेत्र का है। पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से गांजा से भरी एक इनोवा कार आ रही है। सूचना के आधार पर टीम ने नाकाबंदी कर इनोवा कार क्रमांक MH 04 GM 8841 को रोका। तलाशी के दौरान कार से 132 किलो गांजा बरामद किया गया। ओडिशा से पुणे ले जा रहे थे गांजा पुलिस ने मामले में गणेश बाजे पिता रामदास बाजे (42 वर्ष), निवासी पिपलवंडी, जिला पुणे, महाराष्ट्र तथा विपुल पिता रामचंद्र भालेराव (36 वर्ष), निवासी कलंब, जिला पुणे, महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के तुमुड़ीबंध (कंधमाल) से गांजा लेकर पुणे, महाराष्ट्र जा रहे थे। 81.20 लाख रुपये का माल जब्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की है। आरोपियों के कब्जे से 132 किलो गांजा, इनोवा कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की अनुमानित कुल कीमत 81.20 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की जांच की जा रही है।
कोमाखान के आदिवासी छात्रावास में अव्यवस्था! 49 बच्चों की जिम्मेदारी चौकीदारों के भरोसे, अधीक्षक की गैरमौजूदगी पर सवाल
जिला – महासमुंद, छत्तीसगढ़ स्थान – कोमाखान, बागबाहरा रिपोर्टर – संतन दास मानिकपुरी हमर प्रदेश CG न्यूज कोमाखान के आदिवासी छात्रावास में अव्यवस्था! 49 बच्चों की जिम्मेदारी चौकीदारों के भरोसे, अधीक्षक की गैरमौजूदगी पर सवाल महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक से बड़ी खबर सामने आई है। कोमाखान स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रावास में 49 बच्चे रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन बच्चों का आरोप है कि अधीक्षक नियमित रूप से छात्रावास में मौजूद नहीं रहते। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। कोमाखान का प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास… जहां 50 बच्चों के रहने की क्षमता है और फिलहाल 49 बच्चे यहां रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन छात्रावास में रहने वाले बच्चों का आरोप है कि अधीक्षक सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही आते हैं। बच्चों के मुताबिक, अधीक्षक थोड़ी देर रुकने के बाद वापस चले जाते हैं। बच्चों का कहना है कि अधीक्षक की गैरमौजूदगी में पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर उनकी मदद करने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं रहता। रात के समय बच्चे खुद ही पढ़ाई करते हैं। वहीं छात्रावास के रसोइया के मुताबिक, अधीक्षक विनय कुमार टंडन रात में छात्रावास में नहीं रुकते। दिन का चौकीदार शाम करीब 7 बजे चला जाता है, जिसके बाद रात का चौकीदार ड्यूटी संभालता है। ऐसे में सवाल सीधे छात्रावास की व्यवस्था पर उठता है। 49 बच्चों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या बच्चों की सुरक्षा और देखरेख सिर्फ दो चौकीदारों के भरोसे है? अधीक्षक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है? फिलहाल बच्चों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। लेकिन मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। रिपोर्टर – संतन दास मानिकपुरी हमर प्रदेश CG न्यूज
एक हजार से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान: गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, सीएम साय बोले- यह सबसे बड़ी जनसेवा
*हमर प्रदेश छत्तीसगढ न्यूज रिपोर्टर संजय कुमार शुक्ला बिलासपुर छत्तीसगढ* एक हजार से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान: गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, सीएम साय बोले- यह सबसे बड़ी जनसेवा रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। रक्तदाता से मिला रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान एक हजार से अधिक महिलाओं ने रक्तदान किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेवा का यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ रहा है। रक्तदान से लेकर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने तक अनेक गतिविधियां इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दे रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और रक्तदान महाकुंभ इसी सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों का रक्तदान के लिए आगे आना अत्यंत प्रेरणादायी है। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनुपम मिसाल पेश की है। इस ऐतिहासिक पहल का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र एवं मेडल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई आशा है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देता है। रक्तदान महाकुंभ में महिला एवं पुरुषों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और युवाओं तथा महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी सेवा के संस्कारों को और मजबूत करती है। 'देहदान और अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण' सीएम ने प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 103 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
देश का मुख्य पर्यटन केंद्र बनेगा अपना चंपारण: 73 करोड़ के वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स को मिली मंजूरी, l
*हमर प्रदेश छत्तीसगढ न्यूज रिपोर्टर संजय कुमार शुक्ला बिलासपुर छत्तीसगढ* देश का मुख्य पर्यटन केंद्र बनेगा अपना चंपारण: 73 करोड़ के वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स को मिली मंजूरी, छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण देश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगी। करीब 15 एकड़ में विकसित होने वाली परियोजना में महाप्रभु से संबंधित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण देश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगी। करीब 15 एकड़ में विकसित होने वाली परियोजना में महाप्रभु से संबंधित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इस दिशा में भारत पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति सीएसएमसी ने चंपारण्य में करीब 73.42 करोड़ रुपये की प्रस्तावित 'वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स' परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पूरा करेगा। इसके लिए 18 महीने की अवधि तय की गई है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना की स्वीकृति पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यटन, विशेषकर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास को नई गति मिल रही है। चंपारण्य छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली को बेहतर पर्यटक सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना की डीपीआर एवं कार्य-सीमा तैयार है। स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद चंपारण्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक, विरासत, शिक्षा और वेलनेस पर्यटन की गतिविधियों का भी विस्तार होगा।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी। हमारा प्रयास होगा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली की गरिमा और धार्मिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त सुविधाएं विकसित की जाये। यह परियोजना चंपारण्य को देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के बीच और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करने में सहायक होगी।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। चंपारण्य परियोजना की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के आध्यात्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है
हमर प्रदेश छत्तीसगढ न्यूज रिपोर्टर संजय कुमार शुक्ला बिलासपुर छत्तीसगढ*
*हमर प्रदेश छत्तीसगढ न्यूज रिपोर्टर संजय कुमार शुक्ला बिलासपुर छत्तीसगढ* बिलासपुर: पैसों के लिये रची सामूहिक दुष्कर्म की झूठी कहानी, मामले का पर्दाफाश; तीन आरोपी गिरफ्तार बिलासपुर में पैसों के लालच में चार युवकों को गैंगरेप के झूठे केस में फंसाने की एक सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में नाबालिग द्वारा दर्ज कराई गई सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत पूरी तरह फर्जी पाई गई।बिलासपुर में पैसों के लालच में चार युवकों को गैंगरेप के झूठे केस में फंसाने की एक सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में नाबालिग द्वारा दर्ज कराई गई सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत पूरी तरह फर्जी पाई गई। सच सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता नाबालिग समेत पूरी साजिश रचने वाले तीन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।आरोपी नाबालिग जतिया तालाब के पास घूम रही थी, तभी महिमा यादव उसे गांजा पिलाने के बहाने बिना नंबर की एक्टिवा से मरघट के पास ले गई। वहां पहले से मौजूद ईशु सिंह और आर्यन रात्रे शराब पी रहे थे, जबकि ईशु ने नाबालिग और महिमा को गांजे की चिलम दी। इसके बाद ईशु सिंह ने नाबालिग को लालच दिया कि वह किसी से 30 हजार रुपये लेकर आएगा, जिसमें से 10 हजार रुपये के नशे का खर्च होगा और 20 हजार रुपये वह अपने घर ले जा सकती है। इसके बदले नाबालिग को ग्राम सैदा निवासी संदीप धीवर, दीपु केंवट, टेगना और शैलेष पर गैंगरेप का झूठा आरोप लगाने को कहा गया।
दिनांक 30 सितंबर 2026 दिन बुधवार को जिला रोजगार स्वरोजगार कोनी बिलासपुर के द्वारा स्थान शासकीय आई टी आई कोनी बिलासपुर में रोजगार स्वरोजगार हेतु कैंप लगाया जा रहा है,
हमर प्रदेश छत्तीसगढ न्यूज रिपोर्टर संजय कुमार शुक्ला बिलासपुर छत्तीसगढ मो. नं. 9399884734 दिनांक 30 सितंबर 2026 दिन बुधवार को जिला रोजगार स्वरोजगार कोनी बिलासपुर के द्वारा स्थान शासकीय आई टी आई कोनी बिलासपुर में रोजगार स्वरोजगार हेतु कैंप लगाया जा रहा है, सभी प्रकार के 10 वी, 12 वी, स्नातक, iti, उत्तीर्ण छात्र छात्राएँ इस रोजगार कैंप में जाकर आवेदन कर सकते हैं, इस रोजगार कैंप में तैकनीशियन, फिल्ड ऑफिसर, ऑफिस स्टॉप, इंजीनियर, लैब सुपरवाइजर, गार्ड, गार्ड सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, बीमा अभिकर्ता, सेल्समैन, मशीन ऑपरेटर, आदि पदों के अनुसार योग्यता, कार्यानुभव, फ्रेशर,, उम्र में 20 वर्ष से 35 वर्ष तक के सभी लोग 30 सितंबर को रोजगार स्वरोजगार कैंप में जाकर रजिस्ट्रेशन आवेदन कर सकते हैं l
सरखोर ओवरब्रिज में गड्ढों का साम्राज्य, समाजसेवी हर्ष छाबारिया ने संभाली जिम्मेदारी
जिला :- गौरेला - पेंड्रा - मरवाही (छ.ग.) स्थान:- पेंड्रा संवाददाता:- अवास कैवर्त मो.नं 6268614646 स्लग: सरखोर ओवरब्रिज में गड्ढों का साम्राज्य, समाजसेवी हर्ष छाबारिया ने संभाली जिम्मेदारी एंकर:- पेंड्रा-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर सरखोर के पास बने रेलवे ओवरब्रिज की बदहाल सड़क अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। ओवरब्रिज के दोनों ओर सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और रेलवे प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। नए बने ओवरब्रिज पर सड़क की बदहाली को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद भी सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ भारी वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है। वहीं प्रशासनिक अनदेखी के बीच समाजसेवी हर्ष छाबरिया और उनकी टीम ने मानवीय पहल करते हुए मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने निजी खर्चे से ओवरब्रिज के आसपास बने गड्ढों को भरने का कार्य शुरू कराया, ताकि आवागमन करने वाले लोगों को तत्काल राहत मिल सके। इस पहल के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब समाजसेवी अपने स्तर पर सड़क के गड्ढे भरने की पहल कर सकते हैं, तो जिम्मेदार विभागों और प्रशासन को यह गंभीर समस्या क्यों नजर नहीं आ रही? स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि गड्ढों की अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए, ताकि इस मार्ग पर आवागमन सुरक्षित हो सके और संभावित दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बाइट—01हर्ष छाबरिया समाजसेवी
नगर पालिका के विज्ञापन में विधायक की तस्वीर नहीं होने पर उठे सवाल, सरकारी विज्ञापन के उपयोग को लेकर चर्चा
हमर प्रदेश CG | HamarPradeshCG.com नगर पालिका के विज्ञापन में विधायक की तस्वीर नहीं होने पर उठे सवाल, सरकारी विज्ञापन के उपयोग को लेकर चर्चा सरायपाली नगर पालिका परिषद द्वारा जारी एक विज्ञापन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। विज्ञापन में भाजपा से जुड़े कई नेताओं की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई देने की बात सामने आई है, जबकि क्षेत्र के निर्वाचित स्थानीय विधायक की तस्वीर विज्ञापन में नजर नहीं आ रही है। इसको लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि नगर पालिका द्वारा जारी सरकारी विज्ञापन में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए किन नियमों और प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। विज्ञापन को लेकर मुख्य रूप से यह सवाल सामने आ रहा है कि क्या नगरवासियों से प्राप्त राजस्व से जारी किए गए विज्ञापन में किसी राजनीतिक दल से जुड़े नेताओं को प्रमुखता देना उचित है? साथ ही, यदि यह नगर पालिका का आधिकारिक कार्यक्रम या शासकीय विज्ञापन है, तो स्थानीय निर्वाचित विधायक की तस्वीर शामिल नहीं किए जाने का कारण क्या है? खर्च और स्वीकृति पर भी सवाल मामले में विज्ञापन के प्रकाशन पर हुए कुल खर्च और उसके भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है। सवाल यह भी है कि विज्ञापन के लिए राशि की स्वीकृति किस अधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी गई और विज्ञापन की सामग्री को अंतिम रूप किस स्तर पर दिया गया। जनता के सामने पारदर्शिता की मांग मामले को लेकर नगरवासियों के बीच यह चर्चा है कि सरकारी धन से प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों में राजनीतिक प्रचार और शासकीय सूचना के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए। वहीं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और सरकारी कार्यक्रमों में निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद सरायपाली इस विज्ञापन को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देती है और विज्ञापन पर हुए खर्च एवं स्वीकृति से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करती है। सवाल यही है— सरकारी विज्ञापन का उद्देश्य जनता तक शासकीय जानकारी पहुंचाना है या उसमें राजनीतिक प्रचार को स्थान दिया जा रहा है? Reporter- pradumman sharma HamarPradeshCG.com