✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बढ़े बिजली बिल को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, जांच और सुधार की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिजली बिल को लेकर सामने आ रही शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को कुछ दस्तावेज और साक्ष्य सौंपते हुए मामले की जांच कराने तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की है।
बंद घरों में भी मीटर की रीडिंग बढ़ने का दावा
नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि प्रदेश के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को सामान्य से अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि कुछ मामलों में घर के सभी विद्युत उपकरण बंद होने के बावजूद स्मार्ट मीटर की रीडिंग बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
इस संबंध में वीडियो और अन्य साक्ष्य होने का भी दावा किया गया है। कांग्रेस ने इसे गंभीर तकनीकी समस्या बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ का आरोप
डॉ. महंत ने अपने पत्र में कहा है कि महंगाई और बिजली के खर्च से पहले से परेशान गरीब, किसान एवं मध्यम वर्ग के परिवारों पर यदि अधिक बिजली बिल का अतिरिक्त भार पड़ता है, तो इससे उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ेगी।
उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समय पर निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि कई उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों को लेकर कांग्रेस ने सरकार से तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कार्यालयों का घेराव करने से लेकर सड़क और विधानसभा तक विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है।
अब देखना होगा कि स्मार्ट मीटर को लेकर लगाए जा रहे इन आरोपों पर राज्य सरकार और बिजली विभाग की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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