"काट दूंगा, मेरा ग्रुप चलता है!"... खुलेआम गुंडागर्दी और CCTV फुटेज के बाद भी 11 दिन से सो रही कटघोरा पुलिस, खौफजदा पीड़ित पहुंचा SP के द्वार

कोरबा/कटघोरा:
"थाने जाओगे तो घर में घुसकर काट दूंगा, मेरा पूरा ग्रुप चलता है!"—यह खौफनाक धमकी किसी फिल्मी डॉन की नहीं, बल्कि कटघोरा क्षेत्र के मौहापानी में खुलेआम शराब के नशे में उत्पात मचाने वाले एक मनबढ़ आरोपी की है। शर्मनाक बात यह है कि सरेराह मारपीट की यह पूरी वारदात सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई, डायल 112 को सूचना दी गई और थाने में बाकायदा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी कटघोरा पुलिस कुंभकर्णी नींद से नहीं जागी। नतीजा यह है कि पीड़ित परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है और आरोपी सीना तानकर घूम रहा है।
थक-हारकर अब पीड़ित ने कोरबा पुलिस अधीक्षक (SP) की चौखट पर दस्तक देकर अपनी जान की सलामती और न्याय की गुहार लगाई है।
सरेराह गुंडागर्दी: 12 अगस्त को क्या हुआ था?
भेलवाटिकरा (मौहापानी, तहसील पाली) निवासी प्रार्थी भरतलाल यादव (पिता संतराम) ने एसपी को सौंपे अपने शिकायती पत्र में उस दिन की पूरी दास्तान बयां की है:
* दुकान जाते वक्त हमला: 12 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे भरतलाल देउरभांठा स्थित 'वंश किराना दुकान' सामान लेने जा रहे थे।
* रास्ते में रोका, बरसाए हाथ-पैर: शराब के नशे में धुत गांव के ही आरोपी बलराम सिंह कंवर ने बीच रास्ते में भरतलाल को रोका, अश्लील गालियां बकीं और बेदर्दी से मारपीट शुरू कर दी।
* सीसीटीवी में कैद हुई करतूत: पूरी घटना दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी है। आरोपी ने खुलेआम धमकी दी कि अगर थाने में मुंह खोला तो घर में घुसकर टुकड़े-टुकड़े कर देगा।

खाकी की सुस्ती, आरोपी के बुलंद हौसले:
* डायल 112 के आने से पहले भागा: घटना के तुरंत बाद प्रार्थी ने डायल 112 को कॉल किया, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गया।
* 13 अगस्त से थाने के चक्कर: पीड़ित ने 13 अगस्त को कटघोरा थाने पहुंचकर नामजद लिखित शिकायत दी।
* 11 दिन तक FIR नदारद: सीसीटीवी जैसे पुख्ता सबूत होने के बावजूद कटघोरा थाने ने एफआईआर दर्ज करने तक की जहमत नहीं उठाई। पुलिस की इसी लचर कार्यशैली ने आरोपी को इतना बेखौफ कर दिया कि वह लगातार पीड़ित को जान से मारने की धमकियां दे रहा है।
'बड़ी अनहोनी हुई तो कौन जिम्मेदार?'
पीड़ित भरतलाल यादव ने एसपी को दिए आवेदन में दो-टूक लिखा है कि यदि पुलिस ने तत्काल आरोपी पर शिकंजा नहीं कसा, तो उसके साथ कोई गंभीर अनहोनी या जानलेवा हमला हो सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या कटघोरा पुलिस किसी बड़े खूनी खेल का इंतजार कर रही है, या फिर एसपी के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा? न्याय की आस में अब सबकी नजरें पुलिस कप्तान की कार्रवाई पर टिकी हैं।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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