छत्तीसगढ़ इनसाइड डायरी:
संगठन, सत्ता और जांच से जुड़ी 6 अहम हलचलें
1. दीपक महस्के को भाजपा सोशल मीडिया की राष्ट्रीय कमान
* बड़ा बदलाव: सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक महस्के को अमित मालवीय की जगह भाजपा का नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है।
* संघ और संगठन का तालमेल: रसायन शास्त्र के पूर्व प्रोफेसर महस्के आरएसएस और साय सरकार के बीच मुख्य समन्वय की भूमिका में रहे हैं।
* शीर्ष नेतृत्व की पसंद: गृहमंत्री अमित शाह के भरोसे और प्रभारी नितिन नवीन के साथ बेहतर तालमेल के चलते उन्हें यह राष्ट्रीय दायित्व मिला।
2. रायपुर नगर विकास योजना: टेक्निकल बीड पास कारोबारी के ठिकानों पर ईडी का छापा
* बड़ा प्रोजेक्ट: रायपुर में नकटी (1100 एकड़), एरो सिटी और पिरदा-तुलसी की आवासीय-व्यावसायिक योजनाओं पर काम चल रहा है।
* संकट: नकटी परियोजना में जिन चुनिंदा बिल्डरों का टेक्निकल बीड पास हुआ था, उनमें से एक रसूखदार कारोबारी के खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई की है।
* असर: फाइनेंशियल बीड खुलने से पहले हुई इस जांच से टेंडर आवंटन की प्रक्रिया उलझती दिख रही है।
3. डॉ. संदीप पाठक पर पीएमओ का भरोसा, मिली राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी
* महत्वपूर्ण पद: 'आप' से भाजपा में शामिल हुए डॉ. संदीप पाठक को पार्टी का राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है।
* सटीक आकलन: चुनावी मनोविज्ञान और डेटा विश्लेषण में दक्ष माने जाने वाले डॉ. पाठक ने बांकीपुर उपचुनाव में मतदान से चार दिन पहले ही सटीक आंतरिक रिपोर्ट दी थी।
* आगामी भूमिका: पार्टी के चुनावी रोडमैप और रणनीति तैयार करने में डॉ. पाठक पीएमओ के अहम सहयोगी होंगे।
4. व्यापार कल्याण बोर्ड: चेयरमैन पद के लिए तीन प्रमुख दावेदारों में रस्साकशी
| दावेदार | बैकग्राउंड व समर्थन |
|---|---|
| सतीश थौरानी | वर्तमान चैम्बर अध्यक्ष; भाजपा में शामिल होने के बाद एक पूर्व राज्यपाल का समर्थन हासिल। |
| कमल सोनी | बिलासपुर के दिग्गज व्यापारी नेता; संगठन के कई असरदार नेताओं की मजबूत पैरवी। |
| अमर पारवानी | पूर्व चैम्बर अध्यक्ष; पूरे प्रदेश के व्यापारियों में व्यापक पैठ और अनुभव। |
5. रायपुर मास्टर प्लान: ढाई साल बाद भी अधूरी जांच, उलझे सियासी समीकरण
* विवाद की वजह: पिछली सरकार में मो. अकबर के कार्यकाल के दौरान बने मास्टर प्लान में गड़बड़ियों की जांच के लिए कमेटी बनी थी।
* पेच: सत्ता बदलने के बाद जांच शुरू हुई तो मास्टर प्लान में कई प्रभावशाली भाजपा नेताओं की सिफारिशें भी शामिल पाई गईं।
* ताजा स्थिति: दोनों पक्षों के नेताओं के नाम आने से जांच रिपोर्ट दो साल बाद भी ठंडे बस्ते में है।
6. बिना अनुमति विदेश यात्रा पर गए IAS अफसरों पर सख्त हो सकती है सरकार
* प्रशासनिक हलचल: प्रदेश के कुछ आईएएस अधिकारियों के हाल के महीनों में बिना औपचारिक अनुमति विदेश यात्रा पर जाने की चर्चा गर्म है।
* पिछला रिकॉर्ड: पूर्व रमन सरकार में भी समय-समय पर सिंगापुर जाने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस और चेतावनी दी गई थी।
* संभावित कदम: मामले के तूल पकड़ने के बाद शासन स्तर पर अनधिकृत विदेशी दौरों पर कड़े नियम और जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर छत्तीसगढ़
Hamar pradesh CG
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