*दंतेवाड़ा - बस्तर के लिए ऐतिहासिक दिन*
*दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू, सुकमा की शाल्या बनीं पहली छात्रा*
*दंतेवाड़ा, 02 सितंबर 2026*
बस्तर की बदलती तस्वीर में एक और नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। दंतेवाड़ा में इस वर्ष शुरू किए गए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई का शुभारंभ 50 सीटों की मंजूरी के साथ हो चुका है।
*सुकमा की शाल्या ने रचा इतिहास -*
मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। सुकमा जिले की *शाल्या मंडावी* ने मेडिकल कॉलेज में सबसे पहले प्रवेश लेकर दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज की पहली छात्रा बनने का गौरव हासिल किया है। महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया 27 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी।
*अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा -*
दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत दक्षिण बस्तर के विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब सुकमा, दंतेवाड़ा और आस-पास के क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए रायपुर, बिलासपुर या प्रदेश के अन्य बड़े शहरों का रुख करने की मजबूरी काफी हद तक कम होगी।
कॉलेज का स्थायी भवन चितालंका में तैयार किया जा रहा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पुराने एकलव्य विद्यालय भवन में मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू किया गया है।
*स्वास्थ्य व्यवस्था होगी मजबूत -*
स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने में भी मदद मिलेगी और गंभीर उपचार के लिए राजधानी रायपुर अथवा दक्षिण भारत के महंगे चिकित्सा केंद्रों पर निर्भरता कम हो सकती है। यह मेडिकल कॉलेज केवल चिकित्सा शिक्षा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही डॉक्टर बनकर अपने लोगों की सेवा करने का अवसर मिलेगा।
> "दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी आगे चलकर डॉक्टर बनेंगे और बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।" - *डॉ. टीकू सिन्हा, डीन, दंतेवाड़ा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय*
*स्टेट रिपोर्टर मनोज भट्ट*
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