✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
दुर्ग। मेहनत, प्रशिक्षण और नवाचार के जरिए ग्रामीण महिलाएं कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जनपद पंचायत धमधा के ग्राम बरहापुर की महिला किसान अंजली धार्मिक ने परंपरागत खेती के साथ मशरूम उत्पादन को अपनाकर अपनी नई पहचान बनाई है।
अंजली को बिहान (एनआरएलएम) एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मशरूम उत्पादन की जानकारी मिली। प्रशिक्षण से प्रेरित होकर उन्होंने खेती के नए तरीके को अपनाया और मशरूम उत्पादन शुरू किया।
आज अंजली रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं और इसे लगभग 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रही हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिला है और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।
अंजली बताती हैं कि पहले खेती में लागत और अपेक्षित लाभ के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन नए कृषि नवाचार को अपनाने के बाद उनकी आय के स्रोत में विस्तार हुआ। मेहनत और निरंतर प्रयास से वे अब एक प्रगतिशील महिला किसान के रूप में आगे बढ़ रही हैं।
अंजली धार्मिक की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। यह उदाहरण बताता है कि प्रशिक्षण से मिले ज्ञान को नवाचार में बदलकर कृषि को आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया जा सकता है।
🌾 प्रशिक्षण से नवाचार, नवाचार से आत्मनिर्भरता—अंजली की कहानी बनी प्रेरणा।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!