जमीनी हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार: बस्तर के वनोपज से सरगुजा के शिल्प तक, 10 जिलों में सजेगा ‘स्वदेशी मेला’; CM साय ने किया ब्रोशर विमोचन
रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय कारीगरों को बिचौलियों से मुक्त सीधा बाजार दिलाने के लिए इस बार ‘स्वदेशी मेला’ को पूरे प्रदेश में एक महा-अभियान का रूप दिया जा रहा है। भारतीय विपणन विकास केंद्र (स्वदेशी जागरण फाउंडेशन) की पहल पर यह मेला बस्तर के सुदूर वनांचलों से लेकर सरगुजा तक राज्य के करीब 10 प्रमुख जिलों में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आधिकारिक पोस्टर व विवरणिका का विमोचन कर इस मुहिम को राज्य की आत्मनिर्भरता से जोड़ा।

आत्मनिर्भरता का रोडमैप: कुटीर उद्योग और महिला समूहों को सीधा संबल
इस बार का स्वदेशी मेला महज एक प्रदर्शनी न होकर स्थानीय सूक्ष्म उद्योगों के लिए एक बड़ा कारोबारी मंच साबित होगा। बस्तर का बेलमेटल व कोसा शिल्प, सरगुजा के हर्बल व ऑर्गेनिक उत्पाद, और स्व-सहायता समूहों के पारंपरिक गृह-उद्योगों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं और थोक खरीदारों से जोड़ा जाएगा।
पोस्टर विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रेखांकित किया कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना ही स्थानीय रोजगार सृजन का सबसे ठोस उपाय है। जब ग्रामीण शिल्पकार की कला को उचित मूल्य और सम्मान मिलता है, तभी वास्तविक रूप से ‘सबका विकास’ साकार होता है।
20 वर्षों का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड, अब नए विस्तार की तैयारी
मेला प्रबंधक सुब्रत चाकी के अनुसार, पिछले दो दशकों से यह आयोजन भारतीय उद्यमियों, सहकारी समितियों और कुटीर उद्योगों के लिए एक सफल व्यावसायिक मॉडल साबित हुआ है। मेले का मुख्य उद्देश्य आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाना और हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को ब्रांड पहचान दिलाना है।
तारीखों का ऐलान: किस जिले में कब लगेगा मेला?
| जिला / संभाग | आयोजन की अवधि |
|---|---|
| कबीरधाम | 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर |
| बिलासपुर | 15 नवंबर से 21 नवंबर |
| रायपुर | 27 दिसंबर से 3 जनवरी |
| राजनांदगांव | 7 फरवरी से 13 फरवरी |
| जगदलपुर (बस्तर) | 2 मार्च से 9 मार्च |
(नोट: सरगुजा सहित शेष जिलों की तारीखें शीघ्र घोषित होंगी।)
विमोचन अवसर पर प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें डॉ. रामप्रताप सिंह, प्रांत समन्वयक जगदीश पटेल, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी, शीला शर्मा, युगबोध अग्रवाल, अमर बंसल, अमरजीत सिंह छाबड़ा और मेला प्रबंधक सुब्रत चाकी प्रमुख रूप से शामिल थे।
खास बुलेटिन / डिजिटल कार्ड हाइलाइट्स
* मिशन: ‘वोकल फॉर लोकल’ को जिला स्तर पर व्यापारिक सौदों में बदलना।
* दायरा: दक्षिण बस्तर से उत्तरी सरगुजा तक 10 जिलों का संपूर्ण कवरेज।
* फोकस: बिचौलियों का खात्मा, कारीगरों को सीधा मुनाफा और स्वदेशी जीवनशैली को प्रोत्साहन।

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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