रेलवे वीआईपी रूम में खटमलों का आतंक: जजों को कार में करना पड़ा इंतजार, कोर्ट ने रेलवे डीआरएम को जारी किया अवमानना नोटिस
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद):
रेलवे स्टेशन के वीआईपी लाउंज में खटमलों (Bed Bugs) की समस्या को नजरअंदाज करना रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भारी पड़ गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच के माननीय जजों को वीआईपी रूम में बैठने के बजाय अपनी कारों में इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ा। इस गंभीर लापरवाही और निर्देशों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए रेलवे कोर्ट, औरंगाबाद के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नांदेड़ मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) को 'कारण बताओ' (Show Cause) नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) एस. एम. आहेर द्वारा 19 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, इससे पूर्व 20 मई को भी एक आधिकारिक पत्र भेजकर छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम के पुराने सोफे बदलने और वहां पेस्ट कंट्रोल (कीट नियंत्रण) कराने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
मजिस्ट्रेट ने नोटिस में उल्लेख किया कि बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ में 15 से अधिक माननीय न्यायाधीश कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश ट्रेन से यात्रा करते हैं और ट्रेन के इंतजार के दौरान वीआईपी रूम का उपयोग करते हैं।

वीआईपी रूम छोड़कर कारों में बैठने को मजबूर हुए जज
नोटिस में कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा गया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद सोफे नहीं बदले गए और उनमें खटमल भरे हुए हैं। स्थिति इतनी असहज और खराब हो गई कि 'अति विशिष्ट व्यक्तियों' (VVIPs) की श्रेणी में आने वाले उच्च न्यायालय के जजों को वीआईपी कक्ष छोड़कर स्टेशन परिसर में अपनी कारों के भीतर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।

अदालत की अवमानना की चेतावनी, व्यक्तिगत पेशी का आदेश
कोर्ट ने इसे एक न्यायिक अधिकारी के आदेशों का खुला अनादर और घोर लापरवाही माना है। नोटिस में रेलवे डीआरएम से पूछा गया है कि:
> "आदेशों की अवहेलना और जजों को हुई असुविधा के लिए आपके खिलाफ 'अदालत की अवमानना अधिनियम' (Contempt of Court Act) के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए?"

रेलवे अदालत ने नांदेड़ के डीआरएम को निर्देश दिया है कि वे 30 सितंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण पेश करें। आदेश का पालन न करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इस नोटिस की एक प्रति दक्षिण मध्य रेलवे (सिकंदराबाद) के महाप्रबंधक (GM) को भी भेजी गई है तथा आरपीएफ (RPF) इंस्पेक्टर को जल्द से जल्द नोटिस तामील करवाकर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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