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दुर्ग पहुंचा युवराज सोनी का पार्थिव शरीर, नम आंखों से दी अंतिम विदाई; इकलौते बेटे को खोकर माता-पिता बदहवास

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार दुर्...

State Head • Sep 08, 2026

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मदनपुर में दो ट्रेलरों की जोरदार भिड़ंत, बड़ा हादसा टला

✍🏻 हमर प्रदेश छत्तीसगढ़  ब्लॉक रिपोर्टर आशीष यादव रतनपुर     मदनपुर में दो ट्रेलरों की जोरदार भिड़ंत, बड़ा हादसा टला   मदनपुर/बिलासपुर। मंगलवार, 08 सितंबर 2026 की तड़के करीब 03:09 बजे मदनपुर क्षेत्र में दो ट्रेलर डंपरों के बीच पीछे से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरबा से बिलासपुर की ओर जा रहा ट्रेलर डंपर क्रमांक CG12 BH 2457 तेज रफ्तार में था। इसी दौरान चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और उसी दिशा में आगे धीरे-धीरे चल रहे ट्रेलर डंपर क्रमांक CG10 BY 3620 को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि CG12 BH 2457 के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन का अगला हिस्सा दूसरे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसा। मौके की तस्वीरों में दुर्घटना की गंभीरता साफ दिखाई दे रही है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए घटनास्थल पर यातायात प्रभावित रहा। सुबह करीब 07:18 बजे दुर्घटनाग्रस्त वाहनों/मलबे को हटाकर सड़क को साफ कर दिया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हुआ। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Sep 08, 2026 Read

सत्य निकेतन इमारत हादसे में दुर्ग के 20 वर्षीय छात्र की मौत, परिवार में पसरा मातम

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार दिल्ली हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर; तीन दिन पहले ही छुट्टी मनाकर दुर्ग से लौटा था युवराज दुर्ग। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए भीषण इमारत हादसे ने दुर्ग के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में दुर्ग निवासी 20 वर्षीय युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही दुर्ग स्थित उसके परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। दोस्त से फोन पर बात कर रहा था युवराज  बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त युवराज अपने दोस्त आर्यन से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था। दोनों दोस्त बाहर घूमने की योजना बना रहे थे। बातचीत के दौरान अचानक युवराज की आवाज आनी बंद हो गई। आर्यन ने कई बार फोन पर 'हेलो-हेलो' कहकर युवराज से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। करीब एक मिनट बाद कॉल कट गई। दोबारा संपर्क नहीं होने पर आर्यन को चिंता हुई। इसी दौरान उसे सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की जानकारी मिली। दोस्त घटनास्थल पर पहुंचा, फिर मिली दुखद खबर युवराज की चिंता में आर्यन तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। वहां मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चल रहा था। आर्यन लगातार युवराज के बारे में जानकारी जुटाता रहा। कई घंटे की तलाश के बाद उसे पता चला कि युवराज की मौत हो चुकी है और उसका शव एम्स ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है। युवराज था परिवार का इकलौता बेटा युवराज कन्हैया सोनी का इकलौता बेटा था। परिवार में माता-पिता और उसकी छोटी बहन है, जो 9वीं कक्षा में पढ़ती है। उसके पिता मेडिकल स्टोर चलाते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन दिल्ली रवाना हो गए और AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि प्रशासन ने परिवार से संपर्क किया है और दिल्ली में हरसंभव मदद के साथ शव को दुर्ग लाने की व्यवस्था का भरोसा दिया गया है। 31 अगस्त को दुर्ग से दिल्ली गया था युवराज पड़ोसी टीपी ब्राह्मण के अनुसार, युवराज करीब एक साल से दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था। वह राखी की छुट्टी मनाने दुर्ग आया था और 31 अगस्त को दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। 1 सितंबर को वह दिल्ली पहुंचा था। कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत की खबर आने से परिवार और पूरे मोहल्ले में गहरा सदमा है। पुरानी इमारत का हिस्सा गिरने से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में स्थित सत्य निकेतन की पुरानी इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। बताया गया कि इमारत के बेसमेंट में पानी भरा था और वहां मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान एक पिलर को नुकसान पहुंचने के बाद इमारत का हिस्सा गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोग मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश की गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि इमारत में कॉलेज के छात्र पीजी के तौर पर रहकर पढ़ाई करते थे। युवराज की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पढ़ाई और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली गए 20 वर्षीय युवराज की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में हमेशा के लिए थम गई।

Sep 07, 2026 Read

खोद डाला सैटेलाइट ने निगम का 'अंधा कुआं': ज़मीन पर 1.60 लाख इमारतें, फाइलों में 33 हज़ार 'लापता'... हर साल 6 करोड़ के राजस्व लीकेज पर सिस्टम मौन!

खोद डाला सैटेलाइट ने निगम का 'अंधा कुआं': ज़मीन पर 1.60 लाख इमारतें, फाइलों में 33 हज़ार 'लापता'... हर साल 6 करोड़ के राजस्व लीकेज पर सिस्टम मौन! बिलासपुर | विशेष खोजी रिपोर्ट आसमान से उपग्रह (GIS) की नज़र ने नगर निगम के उस बहीखाते की पोल खोलकर रख दी है, जिस पर लंबे समय से 'सब चंगा सी' का पर्दा पड़ा था। शहर की ज़मीन पर कंक्रीट का जंगल उगता गया, मल्टीस्टोरी मकान और चमचमाती दुकानें तनती गईं, लेकिन निगम के बाबूओं के रजिस्टर वहीं के वहीं ठहरे रहे। ताज़ा डिजिटल मैपिंग और हाउस लिस्टिंग का आंकड़ा किसी घोटाले से कम नहीं है—कागज़ों में 1.27 लाख संपत्तियां और हकीकत में 1.60 लाख! यानी पूरे 33 हजार मकान-दुकान सिस्टम की नज़रों से 'अदृश्य' हैं। सरकारी दफ्तरों को अलग भी कर दें, तो कम से कम 25 हजार ऐसी निजी संपत्तियां हैं जो म्युनिसिपल सुविधाओं का पूरा उपभोग कर रही हैं, लेकिन टैक्स के नाम पर निगम की तिजोरी में 'शून्य' रुपया जमा कर रही हैं। 1. ईमानदार करदाता पर चाबुक, 'अदृश्य' संपत्तियों को खुली छूट शहर में रहने वाले आम मध्यमवर्गीय परिवार पर नल टैक्स, सफाई टैक्स और प्रॉपर्टी टैक्स की एक-एक पाई का हिसाब रखने वाला निगम इस सवाल का क्या जवाब देगा कि 25 हजार संपत्तियों से हर साल उड़ रहा ₹6 करोड़ का टैक्स किसकी जेब में जा रहा है? निगम का सालाना राजस्व लक्ष्य 126 करोड़ था। अगर महज़ इन्हीं छूटी हुई संपत्तियों को खाते में जोड़ लिया जाता, तो बिना जनता पर एक भी नया सेस या टैक्स लादे खजाने में 132 करोड़ से अधिक बरस रहे होते। विडंबना यह है कि सिस्टम हर बजट में नए कर लगाने के बहाने ढूंढता है, जबकि अपनी ही चौखट पर पड़ा अरबों का राजस्व समेटने से कतराता है। 2. मोपका से उसलापुर: 'बिना नक्शे' की समानांतर नगरी शहर का सीमा विस्तार हुआ, मोपका, बहतराई, बिजौर, बिरकोना रोड, देवरीखुर्द और घुरू-अमेरी से उसलापुर तक नई कॉलोनियां कट गईं।  * नक्शा पास नहीं, पर बिल्डिंग तैयार: सैकड़ों ऐसे निर्माण खड़े हो गए जिनके पास न तो बिल्डिंग परमिशन है और न ही निगम की मंज़ूरी।  * सुविधाएं पूरी, देनदारी शून्य: इन अवैध व गैर-रिकॉर्डेड बस्तियों तक निगम की सड़कें, कचरा गाड़ियां और स्ट्रीट लाइटें पहुंच रही हैं, लेकिन टैक्स डेटाबेस में इनका कोई वजूद नहीं।  * अंधेरगर्दी की रफ्तार: शहर में हर साल 4 से 5 हजार नए निर्माण जुड़ रहे हैं, लेकिन निगम के सॉफ्टवेयर में एंट्री की रफ्तार कछुए से भी बदतर है। 3. 'सर्वे हो गया, अब ज़ोन अफसर सुधारेंगे'—टालमटोल कब तक? निगम के आला अधिकारियों का रटा-रटाया बयान है कि "ज़ोन स्तर पर सर्वे कराकर डेटा अपडेट किया जा रहा है।" लेकिन सवाल प्रक्रिया का नहीं, मिलीभगत और इच्छाशक्ति का है:  * जब बिना परमिशन नींव खुद रही थी, तब ज़ोनल अमला और बिल्डिंग इंस्पेक्टर क्या कर रहे थे?  * क्या सैटेलाइट के पकड़ने से पहले फील्ड पर तैनात अमले को 25 हजार नए मकान दिखाई नहीं दिए?  * क्या छूटे हुए इन सभी वर्षों का टैक्स बकाया (Arrears) पेनल्टी समेत वसूला जाएगा, या फाइलों को दबाकर फिर कोई 'समाधान योजना' का झुनझुना थमा दिया जाएगा? शहर केवल ईंट-गारे से नहीं, जवाबदेह व्यवस्था से चलता है। अगर हाई-टेक जीआईएस सर्वे के बाद भी 6 करोड़ की सेंधमारी नहीं रुकी, तो साफ है कि खामी तकनीक में नहीं, नीयत में है।     अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़  हमर प्रदेश सी जी

Sep 07, 2026 Read

CG News: शिवनाथ नदी के तेज बहाव में बहा युवक, दो दिन बाद SDRF ने बरामद किया शव

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर – किशोर कुमार दुर्ग। गनियारी स्थित शिवनाथ नदी में 5 सितंबर की शाम तेज बहाव की चपेट में आकर बहे 32 वर्षीय युवक का शव दो दिन बाद एसडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया। मृतक की पहचान खुर्सीपार, भिलाई निवासी सहदेव महोबिया (32), पिता मुरली महोबिया के रूप में हुई है। शव बरामद होने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पिकनिक मनाने पहुंचे थे तीन युवक जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर की शाम तीन युवक पिकनिक मनाने के लिए गनियारी स्थित शिवनाथ नदी के तट पर पहुंचे थे। इसी दौरान सहदेव नदी किनारे बर्तन धोने के लिए पानी के पास गया। अचानक पैर फिसलने से वह नदी के तेज बहाव में जा गिरा और देखते ही देखते गहरे पानी में बह गया। घटना के बाद उसके साथ मौजूद युवकों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू कर दी। मोटर बोट से चलाया गया सघन सर्च ऑपरेशन शिवनाथ नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण रेस्क्यू टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद एसडीआरएफ की टीम ने मोटर बोट की मदद से नदी के संभावित स्थानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। 6 सितंबर की सुबह से शुरू हुआ तलाशी अभियान 7 सितंबर तक जारी रहा। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में मोटर बोट के जरिए सघन तलाश की। दो दिन बाद बरामद हुआ शव लगातार दो दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद एसडीआरएफ की टीम को सफलता मिली। कड़ी मशक्कत के बाद सहदेव महोबिया का शव नदी से बरामद कर लिया गया। शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है।

Sep 07, 2026 Read

दीपका में नाबालिग द्वारा स्कॉर्पियो चलाने का आरोप, दूसरी गाड़ी से टक्कर

नगर पालिका रोड पर रॉन्ग साइड में वाहन चलाने की बात सामने आई, हादसे में कोई जनहानि नहीं दीपका, कोरबा। नगर पालिका रोड दीपका में सड़क हादसे का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 सितंबर को दोपहर करीब 4 बजे एक स्कॉर्पियो वाहन की दूसरी गाड़ी से टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो वाहन एक नाबालिग युवक चला रहा था। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो वाहन कथित तौर पर रॉन्ग साइड में जा रहा था। इसी दौरान दूसरी गाड़ी से उसकी टक्कर हो गई। हादसे में वाहन को काफी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है हादसे में जनहानि नही घटना में राहत की बात यह रही कि किसी व्यक्ति की मौत या गंभीर जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे में शामिल सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने को लेकर चिंता जताई और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की पुलिस से कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि स्कॉर्पियो वाहन नाबालिग द्वारा चलाया जा रहा था, तो पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भी लोगों ने जागरूकता की आवश्यकता बताई है। फिलहाल हादसे के कारण, वाहन चालक की उम्र और रॉन्ग साइड में वाहन चलाने संबंधी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।    स्थान: नगर पालिका रोड, दीपका, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़  घटना की तारीख: 6 सितंबर  समय: दोपहर करीब 4 बजे रिपोर्ट: नवीन चौरसिया ब्लॉक रिपोर्टर | Hamar Pradesh CG News  

Sep 07, 2026 Read

जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस जब बनी ‘यमदूत’: रायगढ़ में आधी रात शराब के नशे में धुत चालक ने मेडिकल स्टोर में ठोक दी गाड़ी, मलबे में तब्दील हुई दुकान

जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस जब बनी ‘यमदूत’: रायगढ़ में आधी रात शराब के नशे में धुत चालक ने मेडिकल स्टोर में ठोक दी गाड़ी, मलबे में तब्दील हुई दुकान रायगढ़। जिस एंबुलेंस का सायरन सुनते ही लोग जिंदगी की सलामती की दुआ मांगते हुए रास्ता छोड़ देते हैं, वही एंबुलेंस आधी रात रायगढ़ की सड़कों पर साक्षात काल बनकर दौड़ी। शराब के नशे में गले तक डूबे एक गैर-जिम्मेदार चालक ने स्टीयरिंग पर ऐसा खूनी खेल खेला कि देखने वालों की रूह कांप गई। गनीमत रही कि आधी रात सन्नाटा था, वरना सड़क पर बेकसूरों की लाशें बिछ जातीं। आधी रात 12 बजे तेज धमाका, दहल उठा मेडिकल कॉलेज रोड शनिवार रात करीब 12 बजे जब मेडिकल कॉलेज रोड पर सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार निजी एंबुलेंस हवा से बातें करती नजर आई। रफ्तार इतनी बेलगाम कि चालक से गाड़ी पूरी तरह बेकाबू हो गई। पलक झपकते ही एक जोरदार धमाके के साथ एंबुलेंस सीधे सड़क किनारे स्थित ‘तनुजा मेडिकल स्टोर’ के खंभे को तोड़ती हुई दुकान में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकान का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर मलबे में तब्दील हो गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे, तो मंजर देखकर सन्न रह गए। स्टीयरिंग पर नशे का तांडव, लड़खड़ाती जुबान और गायब होश हादसे के बाद जब लोगों ने चालक को बाहर निकालने की कोशिश की, तो नजारा चौंकाने वाला था। चालक शराब के नशे में इस कदर धुत था कि उससे अपने पैरों पर सीधा खड़ा तक नहीं हुआ जा रहा था। मुंह से शराब की भयंकर बदबू आ रही थी और जुबान पूरी तरह लड़खड़ा रही थी। एयरबैग खुल जाने की वजह से शराबी चालक की जान तो बच गई, लेकिन उसकी इस हरकत ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। बड़ा सवाल: क्या नशेड़ियों के भरोसे छोड़ दी गई है मरीजों की जान? यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कानून और इंसानियत की धज्जियां उड़ाने वाली खुली आपराधिक लापरवाही है:  * निजी एंबुलेंसों पर किसका नियंत्रण? मरीजों को जीवनदान देने का दावा करने वाली निजी एंबुलेंसों की कमान क्या बिना जांच-परख के ऐसे शराबी चालकों के हाथों में सौंप दी गई है?  * जांच और फिटनेस पर सवाल: क्या निजी एंबुलेंस संचालकों के चालकों का कोई मेडिकल या ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट होता है?  * प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग: स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मांग की है कि दुकान को हुए भारी नुकसान की भरपाई कराई जाए और नशेड़ी चालक के साथ-साथ वाहन संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास जैसी सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लाइसेंस निरस्त किया जाए।     अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़    हमर प्रदेश सी जी

Sep 06, 2026 Read

लुधियाना में पाइपलाइन के काम के लिए ले जाए गए 17 वर्षीय युवराज की मौत, परिजनों ने ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप

लुधियाना में पाइपलाइन के काम के लिए ले जाए गए 17 वर्षीय युवराज की मौत, परिजनों ने ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप बेहोशी की हालत में एंबुलेंस से घर छोड़ने का दावा, कुछ घंटे बाद हुई मौत; FIR, पोस्टमार्टम और मुआवजे की मांग बलरामपुर-रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत चेरा से एक नाबालिग मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान युवराज सिंह, पिता सुदामा सिंह, निवासी ग्राम चेरा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार युवराज की उम्र करीब 17 वर्ष थी और वह खैरवार आदिवासी समुदाय से संबंधित था। परिजनों का आरोप है कि युवराज को करीब तीन महीने पहले लुधियाना, पंजाब में पाइपलाइन के काम के लिए ठेकेदारों के माध्यम से ले जाया गया था। बताया गया है कि 5 सितंबर को युवराज को एंबुलेंस के जरिए गांव स्थित उसके घर लाया गया। परिजनों का दावा है कि उस समय युवराज बेहोशी की हालत में था और उसे घर पर छोड़कर एंबुलेंस वापस चली गई। घर पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही युवराज की मौत हो गई। तीन महीने पहले काम के लिए लुधियाना ले जाने का आरोप परिजनों की ओर से पुलिस चौकी डिण्डो में दिए गए आवेदन के अनुसार, ठेकेदार लक्ष्मी यादव निवासी महादेवपुर और शशिकांत निवासी दुद्धी, उत्तर प्रदेश कथित तौर पर युवराज को करीब तीन महीने पहले लुधियाना लेकर गए थे। परिजनों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि युवराज को उसके अभिभावकों की सहमति के बिना काम के लिए बाहर ले जाया गया। परिवार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि काम करने के बावजूद उसकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बेहोशी की हालत में घर छोड़ने का दावा परिजनों के अनुसार, 5 सितंबर को दोपहर करीब 4 बजे एक एंबुलेंस युवराज को लेकर ग्राम चेरा पहुंची। परिवार का कहना है कि उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। आरोप है कि युवराज को बेहोशी की हालत में घर पर छोड़कर एंबुलेंस वापस चली गई। शाम को जब परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो युवराज को बेहोश पाया गया। परिजनों के मुताबिक, उसकी हालत बेहद खराब थी और शाम करीब 7 बजे घर पर ही उसकी मौत हो गई। युवराज की तबीयत बिगड़ने की वजह पर उठे सवाल परिवार का कहना है कि उन्हें युवराज की तबीयत बिगड़ने या उसकी बीमारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों ने सवाल उठाया है कि यदि युवराज की हालत गंभीर थी, तो उसे अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया गया और परिवार को समय रहते इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। परिजनों ने युवराज को बेहोशी की हालत में गांव लाए जाने की परिस्थितियों और उसकी मौत के वास्तविक कारण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। FIR, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम और मुआवजे की मांग मृतक के पिता सुदामा सिंह ने पुलिस चौकी डिण्डो में आवेदन देकर दोनों ठेकेदारों सहित मामले में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने युवराज के शव का मेडिकल बोर्ड के माध्यम से पोस्टमार्टम कराने की मांग भी की है, ताकि उसकी मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। इसके अलावा परिवार ने पीड़ित आदिवासी परिवार को नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक मामले में FIR दर्ज नहीं होती और मुआवजे को लेकर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।   आदिवासी समाज ने भी उठाई न्याय की मांग मामले की जानकारी सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, छत्तीसगढ़ को भी दी गई है। परिवार और समाज की ओर से युवराज की मौत की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह युवराज की मौत से जुड़े मामले में ठेकेदारों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोप ही सामने आए हैं। युवराज की मौत की वास्तविक वजह क्या थी, लुधियाना में उसकी तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसे बेहोशी की हालत में गांव क्यों लाया गया—इन सवालों का जवाब पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा। 📍 स्थान: ग्राम पंचायत चेरा, थाना त्रिकुंडा क्षेत्र, ब्लॉक रामचंद्रपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज, छत्तीसगढ़।       संपर्क: पंकज कुमार यादव  

Sep 06, 2026 Read

पिकअप की टक्कर से मां-पुत्र की दर्दनाक मौत, हादसे के बाद चालक गिरफ्तार

  ✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर-हेतराम साहू   पिकअप की टक्कर से मां-पुत्र की दर्दनाक मौत, हादसे के बाद चालक गिरफ्तार   बारहपाली मोड़ के पास हुआ हादसा, ग्रामीणों ने सड़क किनारे लगे टीलों और सूचना बोर्ड को हटाने की उठाई मांग   सरायपाली। बारहपाली से दशक्रर्म कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे मां-पुत्र की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा सरायपाली-भंवरपुर मार्ग पर गायत्री राइस मिल के पास बारहपाली मोड़ में हुआ। मृतकों की पहचान जलपुर निवासी सचिव नरेंद्र नायक और उनकी माता वेदमती नायक के रूप में हुई है।   जानकारी के अनुसार नरेंद्र नायक अपनी माता वेदमती नायक के साथ एक रिश्तेदार के दशक्रर्म कार्यक्रम में शामिल होने बारहपाली गए थे। दोनों मोटरसाइकिल से वापस जलपुर लौट रहे थे। दोपहर करीब 1:30 बजे बारहपाली मोड़ के पास सरायपाली की ओर से भंवरपुर मार्ग पर तेज रफ्तार से जा रहे पिकअप वाहन ने सामने से उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई।   हादसे के बाद पिकअप चालक मौके पर वाहन रोकने के बजाय वाहन लेकर मौका-ए-वारदात से फरार होने लगा। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने पीछा कर पिकअप वाहन को पकड़ा और चालक को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।   सड़क किनारे लगे टीलों और सूचना बोर्ड को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी   ग्रामीणों ने बताया कि बारहपाली मोड़ के पास सड़क किनारे लगे टीलों तथा सूचना बोर्ड के कारण भंवरपुर रोड से आने वाले वाहनों को समय पर दिखाई नहीं देता। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क किनारे लगे टीलों एवं सूचना बोर्ड को हटाने तथा मोड़ पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के गंभीर हादसों को रोका जा सके।   टोल टैक्स से बचने बढ़ रही वाहनों की रफ्तार   ग्रामीणों के अनुसार छुईपाली स्थित टोल टैक्स से बचने के लिए कई वाहन भंवरपुर मार्ग से बसना की ओर जाते हैं। टोल से बचने के लिए वाहनों को करीब 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसी दौरान तेज रफ्तार से वाहन चलने के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने मार्ग पर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को बेहतर करने की मांग की है।   हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

Sep 06, 2026 Read

पांच दिनों से लगातार आमरण अनशन जारी, स्वास्थ्य पर पड़ने लगा असर; किंतु प्रशासन बेखबर

पांच दिनों से लगातार आमरण अनशन जारी, स्वास्थ्य पर पड़ने लगा असर; किंतु प्रशासन बेखबर   बीपी हुआ डाउन, चिकित्सकों ने कम बातचीत की दी सलाह; अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग पर अड़े अमित तिवारी बिलासपुर। अरपा पार क्षेत्र के लिए पृथक नगर निगम की मांग को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक एवं संस्थापक अमित तिवारी का आमरण अनशन लगातार पांचवें दिन भी जारी है। लगातार अनशन के कारण अब उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है। पांचवें दिन उनका ब्लड प्रेशर डाउन होने लगा है, जिसके कारण उन्हें बातचीत करने में भी परेशानी हो रही है। चिकित्सकों ने उन्हें अधिक बातचीत न करने की सलाह दी है।   जनहित से जुड़ी इस मांग को लेकर पांच दिनों से आमरण अनशन जारी रहने के बावजूद अभी तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा अमित तिवारी के स्वास्थ्य की सुध नहीं ली गई है। स्वास्थ्य में गिरावट के बीच भी उनका अनशन जारी है और वे अपनी मांग पर दृढ़ता से कायम हैं।   व्यापारी संघ सरकंडा ने दिया आंदोलन को समर्थन   अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब व्यापारी वर्ग का भी समर्थन मिला है। कल व्यापारी संघ सरकंडा ने पृथक नगर निगम की मांग के समर्थन में सरकंडा की दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया है। व्यापारी संघ ने क्षेत्र के विकास और पृथक नगर निगम की मांग के समर्थन में व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। व्यापारी संघ के इस समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। अमित तिवारी ने कहा कि वे जनहित की इस मांग को लेकर पूरी दृढ़ता के साथ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सिर पर कफन बांधकर आया हूं और अंतिम दम तक संघर्ष करूंगा। जब तक मुझे ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा।”   इधर, लगातार पांच दिनों से जारी आमरण अनशन और स्वास्थ्य में हो रही गिरावट के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से आंदोलन को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है। वहीं व्यापारी संघ सरकंडा के समर्थन से आंदोलन को नई मजबूती मिली है। अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि अमित तिवारी के स्वास्थ्य की सुध लेते हुए अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग पर कब तक कोई ठोस पहल करते हैं।   अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़  हमर प्रदेश सी जी

Sep 05, 2026 Read

*10 साल से बिस्तर पर पड़ा छात्र, मुख्यमंत्री से इलाज की गुहार - बोला, "इलाज करा दो या इच्छा मृत्यु दे दो*

*10 साल से बिस्तर पर पड़ा छात्र, मुख्यमंत्री से इलाज की गुहार - बोला, "इलाज करा दो या इच्छा मृत्यु दे दो*   *धमतरी / नगरी -* धमतरी जिले के भटगांव आईटीआई के पूर्व छात्र शशिकांत भरत की जिंदगी 11 नवंबर 2016 को बदल गई। जेठोनी त्योहार की छुट्टी में घर जाते समय दुकली-गचकन्हार के पास हुई एक दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोट लगी। डॉक्टरों के अनुसार यह Cervical Injury थी, जिससे उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त (पैरालाइज) हो गया।   पिछले 10 सालों से वे बिस्तर पर हैं। अपने माता-पिता के इकलौते बेटे शशिकांत का कहना है कि उनका इलाज सही अस्पताल में नहीं हो पा रहा है।   शशिकांत ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी, कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा जी, विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम जी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी से इलाज में मदद की गुहार लगाई है।   उनका कहना है कि उन्होंने 5 बार मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की लेकिन मिल नहीं पाए। 10 अगस्त 2026 को तहसील नगरी में विधायक भवन में विधायक महोदया से मिलकर उन्होंने अपना आवेदन सौंपा था।   दर्द से परेशान होकर शशिकांत ने कहा है कि यदि सरकार उनका इलाज उस अस्पताल में नहीं करा सकती जहां उनका सही इलाज संभव है, तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।   उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी समाज के लोगों से भी अपील की है कि उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में मदद करें।   स्टेट रिपोर्टर मनोज भट्ट, हमर प्रदेश सी जी 

Sep 05, 2026 Read

साइकिल नहीं, शिक्षक दीजिए!" — बलरामपुर के मुरकोल में सड़कों पर उतरीं बेटियां; भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के इलाके में शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर

"साइकिल नहीं, शिक्षक दीजिए!" — बलरामपुर के मुरकोल में सड़कों पर उतरीं बेटियां; भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के इलाके में शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर बलरामपुर (वाड्रफनगर): एक तरफ सरकार मंचों से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'संवरता छत्तीसगढ़' के कसीदे पढ़ती है, तो दूसरी तरफ बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले शासकीय हाई स्कूल मुरकोल की यह जमीनी तस्वीर पूरे सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा जड़ती है। हाथ में किताबें लिए जिन छात्राओं को क्लासरूम के ब्लैकबोर्ड की तरफ देखना चाहिए था, वे आज स्कूल के बाहर खड़ी होकर अपने ही भविष्य की भीख मांगने को मजबूर हैं। क्षेत्र की भाजपा विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते के इलाके में सरकारी स्कूलों का हाल यह है कि स्कूल की इमारतें तो खड़ी हैं, लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक नदारद हैं। "साइकिल बांटने आए अफसरों से गिड़गिड़ाए, पर किसी ने नहीं सुनी" कैमरों और मीडिया के सामने फफकती और आक्रोश जताती छात्राओं का दर्द किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोरने के लिए काफी है: > "साइकिल वितरण के दौरान जब बड़े अधिकारी आए थे, हमने हाथ जोड़कर गुहार लगाई थी कि हमें साइकिल से ज्यादा शिक्षक चाहिए। पर हमारी बात किसी ने ऊपर तक नहीं पहुंचाई। 20-22 तारीख से तिमाही परीक्षाएं सिर पर हैं, केमिस्ट्री जैसे कठिन विषय के शिक्षक का महीनों से अता-पता नहीं है। हिंदी और संस्कृत तक की पढ़ाई नहीं हो रही। हम परीक्षा में क्या लिखेंगे? क्या खाली पन्ने जमा करके पास होंगे?" >  छात्राओं का आरोप है कि दूसरे विषयों के शिक्षक जैसे-तैसे खानापूर्ति कर रहे हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा और आगे कॉलेज जाने का सपना देख रहे सैकड़ों बच्चों का भविष्य सीधे तौर पर अंधकार में धकेला जा रहा है। सत्ताधारी दल की विधायक के क्षेत्र में ही 'शून्य' पड़ा शिक्षा तंत्र मुरकोल का यह शासकीय हाई स्कूल कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के नाम पर चल रहे मजाक की बानगी है। सवाल सीधे तौर पर स्थानीय भाजपा विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से है—  * जब करोड़ों के बजट और योजनाओं के दावे किए जाते हैं, तो हाई स्कूल के स्तर पर केमिस्ट्री जैसे मुख्य विषय के शिक्षक की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई?  * क्या सरकारी स्कूलों को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों और चुनावी दावों की औपचारिकता मान लिया गया है?  * इन ग्रामीण, आदिवासी बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का जिम्मेदार आखिर कौन है? छात्राओं का आर-पार का ऐलान: "शिक्षक नहीं तो स्कूल बंद" मुरकोल स्कूल की छात्राओं ने अब दो-टूक अल्टीमेटम दे दिया है—"जब तक विषयवार नियमित शिक्षक नहीं आएंगे, तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा।" छात्राओं का साफ कहना है कि जब पढ़ाई ही नहीं होगी, तो वे स्कूल आकर क्या करेंगी। अब देखना यह होगा कि एयर-कंडीशनर कमरों में बैठे बलरामपुर के शिक्षा अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि इन बेटियों की इस चीख को सुनते हैं, या हमेशा की तरह एक और ग्रामीण स्कूल की प्रतिभाओं की बलि सिस्टम की लापरवाही पर चढ़ा दी जाएगी।     पंकज कुमार यादव रिपोर्टर वार्डफनगर रामानुजगंज छत्तीसगढ़  हमर प्रदेश सी जी

Sep 05, 2026 Read

डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति की हुई पहचान

कल दिनांक 4-9-2026 को सुबह सूचना मिली कि जीडीसी कॉलेज के सामने स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति ने कुछ छेड़छाड़ किया है मामले में तत्काल थाना सिविल लाइन में अपराध पंजीबध्द कर अज्ञात आरोपी की पहचान हेतु टीम में लगाई गई विवेचना में ज्ञात हुआ है कि एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला शहर में घूम-घूम कर विभिन्न प्रतिमाओं के साथ इस तरह की छेड़छाड़ कर रही है जिसके बाद उक्त महिला की पता तलाश की जा रही है जिसे शीघ्र गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही कर सेंदरी मेंटल हॉस्पिटल में एडमिट कराया जाएगा ।   अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़    हमर प्रदेश सी जी

Sep 05, 2026 Read