स्टेट रिपोर्टर अभिषेक कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया है। रेलवे ट्रैक के लगभग 19,700 किलोमीटर हिस्से में सुरक्षा बाड़ लगाई जा चुकी है। इसका उद्देश्य अनधिकृत प्रवेश को रोकना और रेलवे ट्रैक पर मवेशियों, पैदल यात्रियों तथा छोटे वाहनों के पहुंचने की घटनाओं को कम करना है।
चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भी रेलवे की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों के जीवन की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान से बचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी
रेलवे के प्रभावित क्षेत्रों और चिन्हित ब्लैक स्पॉट में शराबियों, उपद्रवी तत्वों तथा अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमित अभियान चलाए जाते हैं। पकड़े गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। ट्रेनों के साथ चलने वाले दलों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे ट्रैक के आसपास बसे आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों को पत्थरबाजी के खतरों और इसके गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए ऑपरेशन साथी सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जीआरपी और स्थानीय पुलिस से समन्वय
चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। घटनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थानों की पहचान की जाती है और उनके आधार पर रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।
आरपीएफ द्वारा जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा जाता है। पत्थरबाजी की घटनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर संयुक्त रूप से कार्रवाई की जाती है।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी और समीक्षा के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समितियां (SLSCR) भी गठित की गई हैं, जिनकी अध्यक्षता संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अथवा पुलिस आयुक्त करते हैं।
19,700 किलोमीटर ट्रैक पर सुरक्षा बाड़
भारतीय रेलवे में अब तक रेलवे ट्रैक के किनारे करीब 19,700 किलोमीटर लंबी सुरक्षा बाड़ लगाई जा चुकी है। इसमें बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में स्थित रेल खंड शामिल हैं।
रेलवे की ओर से पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए सबवे में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि मवेशियों, पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों को रेलवे ट्रैक पार करने की आवश्यकता न पड़े और रेल संचालन सुरक्षित बना रहे।
यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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