रिपोर्ट अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा फिर कठघरे में, 17 साल के किशोर की मौत से मचा हड़कंप
चौकीदार हत्याकांड और नाबालिगों के फरार होने के बाद अब परिसर में किशोर की मौत; 50 दिनों में सेंट्रल जेल के पांच बंदियों की मौत भी बनी चिंता
बिलासपुर। शहर के बाल संप्रेक्षण गृह में एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है, जिसने यहां की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध 17 वर्षीय किशोर मंगलवार को परिसर के वाशरूम में मृत मिला। किशोर के मौत के कारणों की जांच सरकंडा पुलिस कर रही है।
बताया जा रहा है कि किशोर को 15 अगस्त को रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से बिलासपुर लाया गया था। मंगलवार को वह वाशरूम में चौखट पर गमछे के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी सामने आते ही बाल संप्रेक्षण गृह में हड़कंप मच गया। सूचना पर सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले किशोर की गतिविधियां कैसी थीं, उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी और आखिर किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
पहले चौकीदार की हत्या, फिर फरारी... अब किशोर की मौत
बाल संप्रेक्षण गृह में पिछले करीब एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले यहां तैनात एक चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मामले से जुड़े नाबालिगों के फरार होने की बात भी सामने आई थी। उस समय भी बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल उठे थे।
अब उसी परिसर में एक 17 वर्षीय किशोर की मौत ने पुराने सवालों को फिर सामने ला दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर परिसर में मौजूद नाबालिगों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी कौन सी खामी रह गई, जिससे इतनी गंभीर घटना सामने आई।
सेंट्रल जेल की घटनाओं ने भी बढ़ाई चिंता
बिलासपुर सेंट्रल जेल में भी पिछले करीब 50 दिनों में पांच बंदियों की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच बाल संप्रेक्षण गृह की घटना ने जेल एवं सुधार गृहों की निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
एक ओर सेंट्रल जेल में लगातार मौतें, दूसरी ओर बाल संप्रेक्षण गृह में पहले चौकीदार की हत्या और फरारी तथा अब किशोर की मौत—इन घटनाओं की कड़ी ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि किशोर की मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। सरकंडा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस घटना ने इतना जरूर सामने ला दिया है कि बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा किए जाने की जरूरत है।
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