मोहन नगर में नंबर प्लेट घोटाला: बिना नंबर की गाड़ी बेचकर दूसरे वाहन का नंबर लगाया, 2 आरोपी गिरफ्तार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार दुर्...
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ओडिशा से MP जा रहा था लाखों का गांजा, CG में पुलिस को देख तस्करों ने कार में लगाई आग; 2 गिरफ्तार, एक फरार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ बसना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा के बलांगीर से गांजा लेकर मध्यप्रदेश के शहडोल जा रहे थे। पुलिस की नाकेबंदी देखकर आरोपियों ने कार मोड़कर भागने की कोशिश की और पकड़े जाने के डर से कार में रखे गांजे की बोरियों में आग लगा दी। नाकेबंदी देखकर कार मोड़कर भागे अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी की सूचना पर बसना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में नाकेबंदी की थी। इसी दौरान काले रंग की वैगनआर कार को पुलिस ने देखा। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन मोड़ दिया और विपरीत दिशा में तेज गति से भागने लगा। पुलिस और एएनटीएफ टीम ने कार का पीछा किया। ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले मार्ग पर चालक ने कार रोक दी। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने और कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए कार में रखी गांजे से भरी बोरियों में आग लगा दी और जंगल की ओर भागने लगे। दो आरोपी गिरफ्तार, एक जंगल में फरार पुलिस टीम ने पीछा कर दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने कार का सामने का शीशा तोड़कर अंदर लगी आग बुझाई। कार की डिक्की की तलाशी लेने पर तीन अधजली प्लास्टिक बोरियां बरामद हुईं। इनमें कुल 28.465 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 14 लाख 23 हजार 250 रुपये बताई गई है। शहडोल ले जा रहे थे गांजा पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से गांजा खरीदा था और अपने साथी शिवा सिंह के साथ इसे मध्यप्रदेश के शहडोल ले जा रहे थे। रास्ते में पुलिस की नाकेबंदी देखकर उन्होंने कार वापस मोड़ी और पकड़े जाने के डर से गांजे समेत कार में आग लगाने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट एवं BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी 1. सुलभ सिंह परिहार, पिता भारत सिंह परिहार, उम्र 29 वर्ष, निवासी छोटी घोरहटी, थाना नागौद, जिला सतना (म.प्र.) 2. सागर कुशवाहा, पिता मोतीलाल कुशवाहा, उम्र 25 वर्ष, निवासी कोनी टोला, थाना नागौद, जिला सतना (म.प्र.) फरार आरोपी शिवा सिंह, निवासी शहडोल, मध्यप्रदेश। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब फरार आरोपी की तलाश के साथ गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क और ओडिशा से मध्यप्रदेश तक इसके कनेक्शन की जांच की जा रही है।
खुर्सीपार में हेरोइन रैकेट का भंडाफोड़, 70 ग्राम हेरोइन के साथ महिला समेत 3 गिरफ्तार, 29 लाख का माल जब्त
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर – किशोर कुमार भिलाई। दुर्ग पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खुर्सीपार क्षेत्र में हेरोइन बिक्री के कथित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जोन-3 जीरो स्ट्रीट स्थित एक मकान में दबिश देकर 70.460 ग्राम हेरोइन बरामद की। मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को थाना खुर्सीपार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जोन-3 क्षेत्र में अवैध रूप से हेरोइन की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखकर एक महिला आरोपी भागने का प्रयास करने लगी, जिसे टीम ने पकड़ लिया। 29.22 लाख रुपये का सामान जब्त पुलिस द्वारा मकान की तलाशी लेने पर 70.460 ग्राम हेरोइन, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 14.09 लाख रुपये बताई गई है, बरामद हुई। इसके अलावा हेरोइन बिक्री से प्राप्त 2.35 लाख रुपये नकद, करीब 71.35 ग्राम सोने के 19 आभूषण, चांदी के आभूषण एवं बर्तन, 8 मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 29.22 लाख रुपये है। तीन आरोपी गिरफ्तार मामले में पुलिस ने जसबीर कौर उर्फ सोनू (25 वर्ष), नितेश सोनी (32 वर्ष) और तिरकेश निषाद (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले में शामिल दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 431/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21(ख) एवं 27A के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में हेरोइन की सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है।
मवेशियों की अवैध तस्करी पर गौरेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8 भैंस-भैंसा बरामद, 5 आरोपी हिरासत में
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ गौरेला पेंड्रा मरवाही रिपोर्टर अवास कैवर्त मो. नं. :- 6268614646 गौरेला पुलिस ने मवेशियों को अवैध रूप से बूचड़खाने ले जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पिकअप वाहनों से आठ भैंस-भैंसा बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से दो पिकअप वाहन और चार मोबाइल फोन समेत करीब 12 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह पूरी कार्रवाई पकरिया के फार्मटोला मेनरोड पर की गई। पुलिस के अनुसार प्रशिक्षु उपनिरीक्षक आकाश बघेल देहात पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम खोंगसरा लमनी डबरी की ओर से दो सफेद पिकअप वाहनों में मवेशियों को भरकर अमरकंटक-करंजिया होते हुए जबलपुर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पकरिया फार्म हाउस के पास घेराबंदी कर वाहनों का इंतजार शुरू किया। कुछ देर बाद खोंगसरा की ओर से आ रहे दोनों पिकअप वाहनों को पुलिस ने रोककर जांच की। एक वाहन में राजकुमार कौशिक और प्रदीप चौधरी, जबकि दूसरे वाहन में मुकेश यादव, जगदीश चौधरी और शंकरलाल सवार मिले। दोनों वाहनों में चार-चार भैंस-भैंसा रस्सियों से बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे। पुलिस के मुताबिक मवेशी अत्यधिक तकलीफ की स्थिति में छटपटा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से मवेशियों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिला। पूछताछ में आरोपियों ने मवेशियों को ग्राम खोंगसरा लमनी डबरी क्षेत्र से लाना और मेढ़ाखार करंजिया में एक व्यक्ति के पास ले जाना बताया। पुलिस ने आठ मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये, दोनों पिकअप वाहनों की कीमत करीब 10 लाख रुपये और चार मोबाइल फोन की कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई है। इस तरह कुल 12 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
धमतरी में हेरोइन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 21.51 ग्राम चिट्टा के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
✍️जयकिशन साहू... हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज धमतरी। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन निश्चय” के तहत धमतरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कुरूद पुलिस ने 21.51 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जब्त हेरोइन समेत कुल 3.65 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:20 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुरूद के मेघा रोड स्थित इन्वेन्चर स्कूल तिराहा के पास कुछ युवक हेरोइन लेकर ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी में 21.51 ग्राम हेरोइन बरामद पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें 21.51 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इसके अलावा 8 हजार रुपये नगद, दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख 65 हजार रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में— घनश्याम सिन्हा उर्फ घनसु सिन्हा, उम्र 24 वर्ष, निवासी कलार पारा, कुरूद। ढालेन्द्र रजक उर्फ बाउ, उम्र 24 वर्ष, निवासी नयापारा, धमतरी। सूरज रजक, उम्र 29 वर्ष, निवासी नयापारा, धमतरी। NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई कुरूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 306/2026 दर्ज करते हुए धारा 21(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन निश्चय” के तहत जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
🚨 बड़ी खबर | धौराभाठा में खूनी विवाद से सनसनी
✍️हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज ब्लॉक रिपोर्टर राहुल सारथी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत धौराभाठा में बीती रात चाचा-भतीजे के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। इस घटना में चैवन लाल चौहान की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 10 से 11 बजे के बीच चैवन लाल चौहान और उनके भतीजे सुबे लाल चौहान उर्फ हुर्रा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद और लड़ाई हो चुकी थी। लेकिन इस बार विवाद ने बेहद गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान सुबे लाल चौहान उर्फ हुर्रा ने अपने चाचा चैवन लाल चौहान पर हमला कर दिया, जिसमें चैवन लाल चौहान की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही वारदात की सूचना पुलिस को मिली, सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घटना के बाद से आरोपी सुबे लाल चौहान उर्फ हुर्रा फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ विवाद की असली वजह और वारदात की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि चाचा-भतीजे के बीच का विवाद जानलेवा हमला बन गया? क्या पहले से चले आ रहे विवाद ने इस वारदात की नींव रखी थी? घटना के समय वास्तव में क्या हुआ? और हमला किन परिस्थितियों में किया गया? इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़ी तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। धौराभाठा में हुई इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि मामूली विवाद भी कब गंभीर रूप ले ले, कहा नहीं जा सकता। बीती रात का विवाद एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी बन गया, जिसकी गूंज अब पूरे इलाके में सुनाई दे रही है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
नौकरी लगाने के नाम पर 11 लाख रुपये की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार भिलाई नगर। नौकरी लगाने का झांसा देकर करीब 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में भिलाई नगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उमेश मानिकपुरी (45 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी लहनेदास मासुलकर ने 25 अगस्त 2026 को थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उमेश मानिकपुरी ने नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर उससे करीब 11 लाख रुपये लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई और रकम भी वापस नहीं की। शिकायत के आधार पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 473/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी उमेश मानिकपुरी, निवासी सूर्यनगर, थाना गुढ़ियारी, रायपुर, हाल मुकाम हनुमान चौक, एक्सप्रेस कॉलोनी, डिपरापारा, रायपुर को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी द्वारा अन्य लोगों को भी नौकरी लगाने का प्रलोभन देकर पैसे लेने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके अलावा थाना नेवई क्षेत्र में भी इसी तरह की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी की संलिप्तता की जानकारी मिली है, जिसकी अलग से विवेचना की जा रही है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है तथा अन्य संभावित पीड़ितों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
कविगुरु एक्सप्रेस के पैंट्रीकार में गैस सिलेंडर से चाय बना रहा था मैनेजर, RPF ने रंगे हाथों पकड़कर भेजा जेल
बिलासपुर: चलती ट्रेन में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर अवैध रूप से गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले पैंट्रीकार मैनेजर पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने शिकंजा कसा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर RPF मुख्यालय की विशेष जांच टीम ने रायपुर से बिलासपुर के बीच गाड़ी संख्या 12949 पोरबंदर-संतरागाछी कविगुरु एक्सप्रेस में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम जब ट्रेन के रसोई यान (पेंट्रीकार क्र. WR 098008) में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए। पैंट्रीकार मैनेजर खुलेआम छोटे एलपीजी गैस सिलेंडर और चूल्हे का इस्तेमाल कर एल्युमिनियम की बाल्टी में चाय तैयार कर रहा था। अवैध मुनाफे के लिए सुरक्षा से खिलवाड़ RPF टीम द्वारा गैस सिलेंडर के उपयोग से जुड़े वैध अधिकार पत्र या अनुमति मांगने पर आरोपी कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह निजी मुनाफे के लिए अवैध रूप से गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहा था। रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज ट्रेन में ज्वलनशील व खतरनाक सामग्री ले जाने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में RPF ने आरोपी मोहम्मद फैयाज (43 वर्ष), निवासी गार्डनरीच, मटियाब्रुज (पश्चिम बंगाल) को मौके से गिरफ्तार कर लिया। सिलेंडर, चूल्हा व संबंधित सामान जब्त करने के बाद आरोपी को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए RPF पोस्ट बिलासपुर को सौंप दिया गया। बिलासपुर पोस्ट में आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 153 (यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) और धारा 164 (ज्वलनशील या खतरनाक वस्तुओं का अवैध परिवहन) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ✍️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
महासमुंद: शीतली नाला के पास फिर शराब दुकान, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
महासमुंद: शीतली नाला के पास फिर शराब दुकान, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल महासमुंद। शहर के शीतली नाला क्षेत्र में शराब दुकान के दोबारा संचालन को लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस शराब दुकान को पहले विरोध के बाद इस क्षेत्र से हटाया गया था, वह अब दोबारा इसी इलाके में संचालित हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शराब दुकान के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ वाहनों की पार्किंग की समस्या भी सामने आ रही है। उनका कहना है कि सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से कई बार आवागमन प्रभावित होता है और यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। शीतली नाला की स्वच्छता को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में नाले की सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में शराब दुकान के आसपास उत्पन्न होने वाले कचरे की उचित व्यवस्था जरूरी है। लोगों का दावा है कि खाली बोतल, डिस्पोजल और अन्य कचरा यदि नाले के आसपास या नाले में पहुंचता है तो इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि कचरा सीधे शराब दुकान से जुड़े लोगों द्वारा ही फेंका जा रहा है, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। राहगीरों की सुविधा को लेकर भी स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि इस मार्ग से महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे भी नियमित रूप से गुजरते हैं। ऐसे में दुकान के आसपास भीड़ या वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग होने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों का मुख्य सवाल यह है कि यदि पूर्व में शराब दुकान को इस क्षेत्र से हटाया गया था, तो अब इसे दोबारा इसी स्थान के आसपास संचालित करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। लोग प्रशासन और आबकारी विभाग से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने शीतली नाला की स्वच्छता और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। साथ ही शराब दुकान के संचालन से जुड़े नियमों और अनुमति की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई जा रही है। फिलहाल इस मामले में स्थानीय लोगों की आपत्तियां और सवाल सामने आए हैं। शराब दुकान के संचालन को लेकर आबकारी विभाग या जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। रिपोर्ट: कमलेश चंद्राकर Block Reporter | Hamar Pradesh CG News 📍 महासमुंद, छत्तीसगढ़
दुर्ग: शिवनाथ नदी रोड पर अवैध शराब बेचते युवक गिरफ्तार, 28 बोतलें जब्त
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार दुर्ग। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिवनाथ नदी रोड स्थित बेलदार पारा के पास एक युवक को अवैध रूप से शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शिवनाथ नदी रोड के पास एक व्यक्ति अवैध शराब बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 18 सितंबर को मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस जवानों ने उसे पकड़ लिया। 28 नग देशी मसाला शराब बरामद पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान मनीष निषाद (38 वर्ष), निवासी बजरंग नगर, दुर्ग के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 28 नग सीलबंद देशी मसाला शराब की बोतलें बरामद की गईं। प्रत्येक बोतल में 180 एमएल शराब थी। पुलिस के अनुसार जब्त शराब की कुल मात्रा 5.04 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2,800 बताई गई है। इसके अलावा शराब बिक्री से प्राप्त ₹130 नकद भी आरोपी के पास से बरामद किया गया। इस प्रकार कुल ₹2,930 की सामग्री जब्त की गई। आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शराब रखने और बिक्री के संबंध में पुलिस ने आरोपी से वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी मनीष निषाद के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं अवैध शराब की बिक्री या परिवहन की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
नकली शराब के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जम्मू व्हिस्की के 3 हजार नकली लेबल-होलोग्राम बरामद; 3 आरोपी गिरफ्तार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार डोंगरगढ़/राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस ने नकली शराब तैयार कर उसे असली बताकर बेचने के आरोप में संचालित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थाना डोंगरगढ़ और चौकी मोहारा पुलिस ने साइबर टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल ₹2,42,462 का मशरूका जब्त किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में तथा एएसपी कीर्तन राठौर, एसडीओपी केशरी नंदन नायक और डीएसपी साइबर सत्यप्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में की गई। 3 आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है— 1. तेजेश्वर साहू, पिता भागवत, उम्र 26 वर्ष, निवासी विचारपुर, ठेलकाडीह, KCG 2. देवव्रत वर्मा, पिता पुरन, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोहारा, डोंगरगढ़ 3. आनंद अग्रवाल, पिता केदारमल, उम्र 47 वर्ष, निवासी जयस्तंभ चौक, डोंगरगढ़ पुलिस के मुताबिक मामले में महेंद्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी और राजा भाटिया फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। 3 हजार नकली लेबल और होलोग्राम छपवाने का आरोप पुलिस की विवेचना में सामने आया कि फरार आरोपी महेंद्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी के कथित निर्देश पर देवव्रत वर्मा ने डायमंड कलेक्शन प्रिंटिंग दुकान, जिसके संचालक तेजेश्वर साहू बताए गए हैं, से जम्मू व्हिस्की के लगभग 3,000 लेबल और 3,000 होलोग्राम स्टीकर छपवाए। पुलिस को इस संबंध में UPI लेन-देन के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। जांच के अनुसार मिलावटी शराब को नई बोतलों में भरकर उन पर नकली लेबल और होलोग्राम लगाकर बेचने की तैयारी अथवा बिक्री की जा रही थी। पुलिस ने यह सामान किया जब्त तेजेश्वर साहू की दुकान से: लेजर प्रिंटर कंप्यूटर एवं मॉनिटर नकली लेबल होलोग्राम पेपर मोबाइल अनुमानित कीमत: ₹1.50 लाख देवव्रत वर्मा से: मोबाइल 1 लेबल 1 होलोग्राम अनुमानित कीमत: ₹20 हजार आनंद अग्रवाल से: 2,100 नग 180 ML प्लास्टिक बोतलें, जिन पर SALE FOR CHHATTISGARH ONLY अंकित है मोबाइल अनुमानित कीमत: ₹25 हजार इसके अलावा पूर्व कार्रवाई में 497 पौवा (89.46 बल्क लीटर) शराब जब्त की गई थी, जिसमें 429 पौवा उत्तराखंड निर्मित और 68 पौवा छत्तीसगढ़ निर्मित बताए गए हैं। साथ ही ढक्कन, लेबल आदि सामग्री भी बरामद की गई थी। इसकी अनुमानित कीमत ₹47,462 बताई गई है। कुल जब्ती: ₹2,42,462 FSL जांच जारी आबकारी विभाग द्वारा जब्त शराब को प्रथम दृष्टया मिलावटी एवं पुनः बॉटलिंग की हुई बताया गया है। शराब की वास्तविक प्रकृति और गुणवत्ता की पुष्टि के लिए FSL जांच जारी है। डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच मामले में पुलिस ने मोबाइल फोन, UPI लेन-देन, CDR एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रकरण में अपराध क्रमांक 537/2026 के तहत धारा 111, 336(3), 338, 340(2) BNS एवं 34(2), 59(क), 36, 49(क) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
अवैध संबंध के शक में खौफनाक वारदात: किराएदार ने गला दबाकर की मकान मालिक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज दुर्ग ब्यूरो चीफ रिपोर्टर कलावती आरंग। रायपुर से लगे राखी थाना क्षेत्र के ग्राम गनौद में चरित्र शंका और कथित अवैध संबंध के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक किराएदार ने अपने मकान मालिक की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही राखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला? रायपुर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अभिषेक कुमार झा के अनुसार, मृतक की पहचान ग्राम गनौद निवासी वेद राम साहू (लगभग 45 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपी पुरुषोत्तम धीवर उर्फ छोटू (25 वर्ष), पिता नरेंद्र कुमार धीवर, ग्राम धमनी भाटापारा, वार्ड नंबर-2, थाना मंदिर हसौद, जिला रायपुर का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले एक-दो वर्षों से वेद राम साहू के मकान में किराए पर रहकर ऑटो पार्ट्स की दुकान संचालित कर रहा था। इसी दौरान मकान मालिक को अपनी पत्नी और किराएदार के बीच कथित अवैध संबंध होने का शक हुआ। इस बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद और तनाव चल रहा था। विवाद के बाद गला दबाने का आरोप पुलिस जांच के अनुसार, घटना के दिन भी दोनों के बीच इसी विवाद को लेकर कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई और मारपीट हो गई। आरोप है कि इसी दौरान पुरुषोत्तम धीवर ने वेद राम साहू का गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने की कार्रवाई घटना की सूचना पुलिस को सुबह करीब 11:30 बजे मिली। सूचना मिलते ही राखी थाना पुलिस की टीम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुरुषोत्तम धीवर उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और विवेचना कर रही है। पुलिस जांच एवं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।
जगदलपुर में 'रॉयल सैलून' नाम को लेकर बवाल, नाई समाज और सैलून संघ पहुंचा कोतवाली
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी न्यूज जगदलपुर में 'रॉयल सैलून' नाम को लेकर बवाल, नाई समाज और सैलून संघ पहुंचा कोतवाली जगदलपुर - शहर में एक ही नाम से दो सैलून संचालित होने को लेकर विवाद गहरा गया है। 'रॉयल सैलून' नाम के इस्तेमाल को लेकर सर्च (नाई) समाज और जिला सैलून संघ ने मोर्चा खोल दिया है और कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। *क्या है पूरा मामला?* मामला लालबाग चौक कॉम्प्लेक्स का है। जानकारी के अनुसार शहर में 'रॉयल सैलून' नाम से दो दुकानें संचालित हो रही हैं। एक दुकान पिछले करीब 12 वर्षों से कुम्हारपारा में संचालित है जो एक बड़ी फ्रेंचाइजी चेन से अनुबंधित है, जिसके प्रोपराइटर सोनू खान बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरा सैलून हाल ही में लालबाग चौक कॉम्प्लेक्स में इसी नाम से खोला गया है। इसी को लेकर पुराने संचालक ने आपत्ति जताई है। गुरुवार को सैलून संघ जिला बस्तर के पदाधिकारी और सर्व सेन (नाई) समाज के सदस्य एकजुट होकर कोतवाली थाना पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि एक ही नाम से दो दुकानें होने से ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बन रही है और व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। *पुलिस ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम* शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने लालबाग चौक स्थित नए सैलून संचालक को थाने बुलाकर समझाइश दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और नए संचालक को 15 दिनों के भीतर अपनी दुकान का नाम बदलने को कहा है। सैलून संघ का कहना है कि यदि समय सीमा में नाम नहीं बदला गया तो वे आगे की कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे।