फिंगेश्वर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप, TI-SI की बर्खास्तगी और SP के तबादले की मांग
रायपुर/गरियाबंद। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम फुलझर से जुड़े एक कथित ST एक्ट प्रकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में पीड़ित योगेश्वर साहू और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार संगठन के जिला अध्यक्ष महेंद्र गंधर्व ने पुलिस जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रकरण की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के DGP और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फिंगेश्वर थाना प्रभारी TI चिंताराम देशमुख और SI नीलूराम दीवान के खिलाफ कार्रवाई करने तथा गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के तबादले की मांग की है।
परिवार से अलग रहने का दावा
पीड़ित पक्ष का कहना है कि योगेश्वर साहू अपने पिता डीहूराम साहू से अलग रहता है। शिकायत के अनुसार, जिस जमीन को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उसके पिता के नाम पर है और योगेश्वर का उस जमीन से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसी आधार पर पीड़ित पक्ष ने मामले में उसकी भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
घटना के समय गांव में मौजूद नहीं होने का दावा
शिकायत में ग्राम फुलझर के ग्राम सचिव रूपेश कुमार ध्रुव और उपाध्यक्ष ईश्वर यादव के कथित लिखित बयानों का भी उल्लेख किया गया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, दोनों ने SP कार्यालय में बयान देकर कहा है कि 6 अप्रैल 2026 और 10 अप्रैल 2026 को योगेश्वर साहू गांव में मौजूद नहीं था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन बयानों को पुलिस जांच में अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया।
11 लोगों को गवाह बनाए जाने पर सवाल
मामले में एक अन्य गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि जिन 11 लोगों के खिलाफ मारपीट की FIR दर्ज होने और न्यायालय में प्रकरण चलने की बात कही जा रही है, उन्हीं लोगों को जांच में स्वतंत्र गवाह के रूप में शामिल किया गया। शिकायतकर्ताओं ने इसे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाला तथ्य बताया है।
जमीन के स्वामित्व को लेकर भी विवाद
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवादित जमीन को पुलिस की रिपोर्ट में अलग व्यक्ति की जमीन बताया गया, जबकि पीड़ित पक्ष के अनुसार जमीन उसके पिता डीहूराम साहू के नाम पर है। इसी बिंदु को लेकर भी पुलिस जांच और रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल उठाए गए हैं।
मानव अधिकार संगठन ने उठाई आवाज
मानव अधिकार संगठन के जिला अध्यक्ष महेंद्र गंधर्व ने आरोप लगाया कि योगेश्वर साहू गांव में शराबबंदी, वन संरक्षण, रोजगार तथा बिजली-पानी जैसे मुद्दों को लेकर सक्रिय रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने DGP से फिंगेश्वर थाना पुलिस के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
जिले से बाहर जांच कराने की मांग
पीड़ित योगेश्वर साहू ने पुलिस अधीक्षक की जांच से असंतोष जताते हुए मामले की जांच गरियाबंद जिले से बाहर के किसी सक्षम अधिकारी से कराने की मांग रखी है। साथ ही उन्होंने TI चिंताराम देशमुख और SI नीलूराम दीवान के खिलाफ कार्रवाई तथा गरियाबंद SP के तबादले की मांग की है।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, शिकायत को DGP, IG रायपुर रेंज, पुलिस मुख्यालय (PHQ), मुख्यमंत्री कार्यालय और मानव अधिकार आयोग तक भेजा जाएगा।
महत्वपूर्ण: मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता और मानव अधिकार संगठन के पक्ष से सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।
स्टेट रिपोर्टर — संतन दास मानिकपुरी
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