✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश का असर अब जिले के प्रमुख बांधों पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के चलते माडमसिल्ली बांध में 98 प्रतिशत जलभराव हो गया, जिसके बाद सायफन सिस्टम के जरिए इसके गेट स्वतः खुल गए। वहीं, रविशंकर सागर जलाशय परियोजना (गंगरेल बांध) में 90.72 प्रतिशत जलभराव होने के बाद गेट खोलने की तैयारी की जा रही है।
98% जलभराव के बाद खुद खुले माडमसिल्ली के गेट
माडमसिल्ली बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद एयर प्रेशर आधारित सायफन सिस्टम सक्रिय हो गया और बांध के गेट स्वतः खुल गए। बताया जाता है कि अंग्रेजों के समय बनाए गए इस सायफन सिस्टम की खासियत यह है कि जलस्तर एक निर्धारित स्तर तक पहुंचने पर पानी के दबाव से गेट अपने आप खुल जाते हैं।
गेट खुलने के बाद बांध से बड़ी मात्रा में पानी का बहाव शुरू हो गया है। प्रशासन द्वारा आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गंगरेल बांध में 90.72% जलभराव
वहीं धमतरी के प्रमुख रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) में भी तेजी से पानी की आवक हो रही है। बांध में करीब 3548 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है और जलभराव 90.72 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए जल्द ही गंगरेल बांध के गेट खोले जाने की संभावना है।
गांवों की निगरानी बढ़ाई गई
लगातार बारिश के कारण धमतरी जिला पूरी तरह तरबतर हो गया है और जिले की औसत बारिश का लक्ष्य भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है। बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बांधों के आसपास बसे गांवों की निगरानी बढ़ा दी है।
प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, नालों और बांधों के आसपास जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
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