सिर्फ 120 मिनट की बारिश में बिलासपुर का स्मार्ट ड्रेनेज 'सरेंडर': तालाब बनीं शहर की प्रमुख सड़कें, गड्ढों में हिचकोले खाते रहे वाहन चालक
श्रीकांत वर्मा मार्ग पर 2 फीट तक भरा पानी; हंसा विहार से लेकर विनोबा नगर तक जलभराव ने खोली निगम के मानसून दावों की पोल
विशेष ग्राउंड रिपोर्ट |
बिलासपुर
हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और करोड़ों रुपये के ड्रेनेज मैनेजमेंट का दम भरने वाले नगर निगम के दावों की हवा मंगलवार को महज दो घंटे की तेज बारिश ने निकाल दी। बारिश क्या हुई, न्यायधानी की मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक का मंजर किसी ताल-तलैया जैसा नजर आने लगा।
श्रीकांत वर्मा मार्ग पर 2 फीट तक चला जलजमाव
शहर के वीआईपी और सबसे व्यस्त माने जाने वाले श्रीकांत वर्मा मार्ग पर लगभग दो फीट तक पानी भर गया, जिससे गाड़ियां रेंगती नजर आईं। जलमग्न सड़कों के कारण पानी के नीचे छिपे गड्ढे चालकों को दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे दोपहिया वाहन सवार लगातार गिरते-संभलते रहे और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहा।
इन प्रमुख इलाकों में चरमराई व्यवस्था:
प्रभावित क्षेत्र: श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, विद्यानगर, विनोबा नगर, बंधवापारा और चौबे कॉलोनी समेत कई अंदरूनी इलाके जलमग्न हो गए।
दबाव नहीं झेल पाए नाले: कम समय में तेज बारिश होते ही कॉलोनियों की छोटी नालियां उफन गईं और पानी मुख्य मार्गों पर फैल गया।

राहत की बात: गनीमत यह रही कि बारिश थमते ही पानी धीरे-धीरे नालों से निकल गया और घरों के भीतर व्यापक स्तर पर नहीं घुसा।
बड़ा सवाल: मूसलाधार बारिश हुई तो क्या डूबेगा शहर?
इस बार शहर में कई-कई घंटों तक लगातार होने वाली झमाझम बारिश नहीं हुई है, फिर भी महज दो घंटे के तेज स्पेल में सिस्टम घुटनों पर आ गया। सवाल यह उठता है कि यदि लगातार भारी बारिश का दौर शुरू हुआ, तो शहर का प्राकृतिक जल बहाव और ड्रेनेज नेटवर्क इसे कैसे संभालेगा? निगम की पूर्व तैयारियों पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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