✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
लॉटरी सिस्टम से हुआ वार्ड आरक्षण, ST-SC, OBC और महिला आरक्षण ने बदले कई नेताओं के समीकरण
दुर्ग/भिलाई। भिलाई नगर निगम चुनाव को लेकर बुधवार को कला मंदिर, सेक्टर-6 में 70 वार्डों का आरक्षण लॉटरी सिस्टम के माध्यम से तय किया गया। कलेक्टर, निगम आयुक्त, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया आयोजित हुई। आरक्षण की पर्चियां स्कूली छात्र-छात्राओं के हाथों से निकलवाई गईं। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होते ही कई मौजूदा पार्षदों और राजनीतिक दिग्गजों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
🔴 शुरुआत में ही कई चर्चित चेहरों के वार्ड आरक्षित
आरक्षण प्रक्रिया में आदित्य सिंह, दया सिंह और विनोद सिंह के वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हुए हैं। वहीं जोन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव का वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
सभापति गिरधर बंटी का वार्ड भी सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ। इसके अलावा सेक्टर-6 के पार्षद साकेत चंद्राकर, हुडको के सीजू एंथोनी और सेक्टर-7 के लक्ष्मीपति राजू के वार्ड भी महिला आरक्षण के दायरे में आ गए हैं।
🔵 कई दिग्गजों को तलाशना होगा नया वार्ड
पूर्व विधायक के पुत्र एवं पार्षद संदीप निरंकारी का वार्ड एससी के लिए आरक्षित हो गया है। ऐसे में उनके सामने मौजूदा वार्ड से चुनाव लड़ने की स्थिति नहीं रहेगी।
इसी तरह मन्नान गफ्फार खान का वार्ड महिला के लिए आरक्षित हुआ है, जबकि विधायक रिकेश सेन का वार्ड ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। आरक्षण के बाद अब इन नेताओं के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों को अपने संभावित प्रत्याशियों को लेकर नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।
📊 70 वार्डों का आरक्षण—पूरा आंकड़ा
भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों में आरक्षण की स्थिति इस प्रकार है—
एसटी: 3 वार्ड
एससी: 9 वार्ड
ओबीसी: 15 वार्ड
ओबीसी महिला: 8 वार्ड
सामान्य: 24 वार्ड
सामान्य महिला: 11 वार्ड
🟢 एसटी वार्ड
वार्ड क्रमांक 52 और 62 एसटी के लिए आरक्षित हैं, जबकि वार्ड क्रमांक 61 एसटी महिला के लिए आरक्षित हुआ है।
🔵 एससी वार्ड
1, 5, 9, 32, 36 और 51 एससी के लिए तथा 8, 43 और 69 एससी महिला के लिए आरक्षित हैं।
🟠 ओबीसी वार्ड
2, 3, 4, 10, 19, 21, 27, 39, 40, 42, 44, 46, 49, 56 और 68 ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं।
🟣 ओबीसी महिला वार्ड
6, 7, 26, 37, 38, 45, 54 और 66 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुए हैं।
🟡 सामान्य महिला वार्ड
11, 12, 15, 23, 24, 29, 35, 47, 48, 63 और 70 सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
⚖️ आरक्षण प्रक्रिया पर उठी आपत्ति
महापौर नीरज पाल ने आरक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बताया, हालांकि उन्होंने एसटी-एससी जनसंख्या के आंकड़ों को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही।
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि आरक्षण का आधार वर्ष 2011 की जनगणना रखा गया है। उन्होंने एसटी-एससी के लिए निर्धारित वार्डों में जनसंख्या के आधार पर बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही।
नीरज पाल, महापौर:
“कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ हुई है। हमारी एक आपत्ति शुरू में जनसंख्या को लेकर थी, जिसे हमने दर्ज कराया है।”
पुरुषोत्तम देवांगन, भाजपा जिला अध्यक्ष:
“एसटी-एससी के लिए जो वार्ड आरक्षित थे, उन्हें जनसंख्या के आधार पर बदल दिया गया है। जबकि जनगणना हुई नहीं है, इसलिए हमने इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई है।”
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आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भिलाई नगर निगम चुनाव का राजनीतिक गणित पूरी तरह बदल गया है। कई मौजूदा पार्षदों के वार्ड एसटी, एससी, ओबीसी या महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने से उन्हें अब नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
अब कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट वितरण की होगी। पार्टियों को आरक्षित वार्डों के अनुसार नए चेहरों की तलाश करने के साथ-साथ ऐसे नेताओं को भी समायोजित करना होगा, जिनके मौजूदा वार्ड आरक्षण की वजह से बदल गए हैं।
आरक्षण के बाद अब भिलाई निगम चुनाव की असली राजनीतिक तैयारी शुरू हो गई है।
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