✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए, शिक्षा विभाग ने की अनुशासनात्मक कार्रवाई
धमतरी। मगरलोड विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलौदी में पदस्थ व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। व्याख्याता पर शराब पीकर विद्यालय आने, शैक्षणिक कार्य प्रभावित करने तथा बिना अनुमति लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने के आरोप लगे थे। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
शराब पीकर स्कूल आने की मिली थी शिकायत
जानकारी के अनुसार व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वे शराब के नशे में विद्यालय पहुंचते हैं, जिससे स्कूल का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है।
शिकायत के आधार पर विभागीय जांच कराई गई। जांच के बाद तैयार रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी गई, जिसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई।
दो अलग-अलग अवधि में बिना अनुमति रहे अनुपस्थित
विभागीय जांच में व्याख्याता के लंबे समय तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का मामला भी सामने आया। रिकॉर्ड के मुताबिक नारायण प्रसाद साहू 1 मार्च से 5 अप्रैल 2026 तक तथा 16 जून से 23 जून 2026 तक बिना अनुमति और अवकाश आवेदन के विद्यालय से अनुपस्थित रहे।
इस संबंध में विभाग की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। हालांकि, विभाग ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना।
नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन
मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन आदेश जारी किया।
विभाग के अनुसार संबंधित व्याख्याता का आचरण पदीय गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया। इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।
निलंबन अवधि में BEO कार्यालय रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान नारायण प्रसाद साहू का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मगरलोड निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निलंबन आदेश की तामिली सुनिश्चित करने तथा प्रकरण से जुड़े आरोप पत्र की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त
इस कार्रवाई के माध्यम से शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों और व्याख्याताओं से अनुशासन, जिम्मेदारी और पदीय गरिमा के अनुरूप कार्य करने की अपेक्षा की जाती है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित करने वाली लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति या अनुशासनहीनता सामने आने पर विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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