सियासत का 'मैराथन मैन': छत्तीसगढ़ में केदार कश्यप के नाम जुड़ा 6,472 दिनों की कैबिनेट पारी का कीर्तिमान
जगदलपुर
छत्तीसगढ़ के 26 वर्षों के सियासी सफर में कुर्सियां बदलीं, सत्ता के समीकरण बदले, लेकिन बस्तर की माटी से उभरे एक चेहरे की धमक मंत्रालय के गलियारों में लगातार बनी रही। सूबे के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में सबसे लंबी मंत्री पद की पारी खेलने का अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 6 सितंबर तक केदार कश्यप ने बतौर मंत्री कुल 6,472 दिन (करीब 17 साल 8 महीने) पूरे कर लिए हैं।
चार बार कैबिनेट मंत्री की शपथ लेकर लगभग दो दशक तक सत्ता के शीर्ष नीति-निर्धारण का हिस्सा बने रहना किसी भी नेता के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है। इस लंबी पारी को केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन में अटल विश्वसनीयता का प्रतीक माना जा रहा है।
आंकड़ों में केदार कश्यप का राजनीतिक कद
* कार्यकाल: 17 वर्ष, 8 माह (लगभग 6,472 दिन)
* शपथ: 4 बार कैबिनेट मंत्री
* वर्तमान प्रभार: वन, परिवहन, जलवायु परिवर्तन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग
"यह पद का नहीं, जनविश्वास का रिकॉर्ड है"
राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने इस ऐतिहासिक पड़ाव पर बात करते हुए कहा कि सियासत में पद मिलना जितना आसान हो सकता है, उस पर 18 साल तक संगठन और जनता का भरोसा बनाए रखना उतना ही चुनौतीपूर्ण। राणा के मुताबिक:
> "केदार कश्यप महज एक मंत्री या विधायक नहीं, बल्कि बस्तर से लेकर रायपुर तक प्रशासनिक स्थिरता और जमीनी जनसेवा का मजबूत स्तंभ हैं। 6,472 दिनों का यह सफर उनके इसी अटूट समर्पण की गवाही देता है।"
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बस्तर और नारायणपुर में दिखने लगा है तजुर्बे का असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केदार कश्यप के इस लंबे प्रशासनिक अनुभव का सीधा फायदा उनके क्षेत्र को मिल रहा है। नारायणपुर जैसे संवेदनशील और वनांचल क्षेत्र में आज विकास की जो रफ्तार दिख रही है, उसके पीछे उनका लंबा नीतिगत अनुभव है।
डबल इंजन सरकार के समन्वय से नारायणपुर के अंतिम छोर तक सड़क, शुद्ध पेयजल, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की मुहिम तेज हुई है। राणा का कहना है कि केदार कश्यप के नेतृत्व में नारायणपुर अपने पिछड़ेपन के ठप्पे को पीछे छोड़कर विकास के एक 'स्वर्णिम अध्याय' में प्रवेश कर चुका है।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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