Tuesday, September 29 2026
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सलाखों के पीछे छलके जज्बात: रायगढ़ जिला जेल में 1227 बहनों ने 317 कैदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, नम आंखों से गूंजा रक्षा का संकल्प!

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सलाखों के पीछे छलके जज्बात: रायगढ़ जिला जेल में 1227 बहनों ने 317 कैदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, नम आंखों से गूंजा रक्षा का संकल्प!

सलाखों के पीछे छलके जज्बात: रायगढ़ जिला जेल में 1227 बहनों ने 317 कैदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, नम आंखों से गूंजा रक्षा का संकल्प!

दीवारों और पहरों के बीच टूटा विरह का सन्नाटा; महिला बंदियों की कलाई पर भाइयों ने बांधा प्यार का धागा, जेल परिसर बना भावुक मिलन का गवाह

रायगढ़।

चारदीवारी, ऊंचे पहरे और लोहे की सलाखें भी आज भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास को रोक नहीं सकीं। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला जेल रायगढ़ का माहौल उस वक्त पूरी तरह भावुक हो गया, जब जेल परिसर में एक-दो नहीं बल्कि 1227 बहनें अपने 317 बंदी भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने पहुंचीं।

महीनों और सालों से अपनों से दूर रह रहे बंदियों के लिए यह दिन आंसुओं और मुस्कान के अनूठे संगम में बदल गया।

सलाखों के पार आंसुओं में घुली खुशियां

सुबह से ही जिला जेल परिसर के बाहर बहनों की लंबी कतारें देखी गईं। जेल के भीतर जब बहनों ने माथे पर तिलक लगाकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मुंह मीठा कराया, तो कई भाइयों की आंखें छलक पड़ीं।

 * 1227 बहनों का अटूट विश्वास: कुल 317 बंदियों को उनकी बहनों ने राखी बांधकर उनके सुधरने, सुरक्षित रहने और जल्द रिहाई की दुआएं मांगीं।

 * महिला बंदियों के लिए भी खास पल: यह पर्व केवल पुरुष बंदियों तक सीमित नहीं रहा; जेल में निरुद्ध महिला बंदियों से मिलने पहुंचे भाइयों ने भी उनकी कलाई पर राखी बांधकर सुरक्षा और साथ निभाने का वचन दिया।

 * बचपन की यादों से महका प्रांगण: कैदियों के चेहरों पर परिजनों से मिलने की चमक और पारिवारिक स्पर्श ने पूरे जेल परिसर को एक संवेदनशील और आत्मीय माहौल में बदल दिया।

जेल प्रशासन का मानवीय चेहरा: सकारात्मक बदलाव की पहल

जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन पर्व को केवल एक औपचारिकता न बनाकर बंदियों को समाज और मुख्यधारा से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बनाया।

 * पुनर्वास और मानवीय मूल्य: जेल प्रबंधन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच, अपराध से विमुखता और पारिवारिक व मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करना है।

 * सुरक्षा और स्वास्थ्य का पुख्ता बंदोबस्त: इस विशाल आयोजन को गरिमामय, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में रायगढ़ पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तत्परता से पूरा सहयोग दिया।

> सकारात्मक संदेश:

> जेल की सख्त दिनचर्या के बीच रक्षाबंधन का यह पर्व एक उम्मीद की किरण बनकर आया—यह साबित करते हुए कि कानून भले ही गलतियों की सजा दे सकता है, लेकिन रिश्तों और भावनाओं का स्थान हर दीवार से ऊंचा होता है।

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अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ 

हमर प्रदेश सी जी

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in Entertainment.

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