‘सत्य, तथ्य और लोकहित के बिना पत्रकारिता केवल शोर है’: राज्यपाल रमेन डेका का मीडिया जगत को दो-टूक संदेश
रायपुर: आज के दौर में जब टीआरपी की होड़, सनसनीखेज हेडलाइंस और 'ब्रेकिंग न्यूज़' की अंधी दौड़ ने सूचना के मूल स्वरूप को धुंधला कर दिया है, तब छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को उसका असली आईना दिखाया है। एक प्रखर और विचारोत्तेजक संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि "पत्रकारिता कोई साधारण पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संवेदनशील दायित्व है—और इस दायित्व की नींव केवल तीन स्तंभों पर टिकी है: सत्य, तथ्य और लोकहित।"
जब कलम की धार से अधिक जरूरी हो उसकी नीयत
राज्यपाल ने इस बात पर गहरा प्रहार किया कि विचार कभी भी तथ्यों पर हावी नहीं होने चाहिए। आज जब सोशल मीडिया के युग में अफवाहें जंगल की आग की तरह फैलती हैं और आधे-अधूरे सच को परोसने की होड़ मची है, तब मुख्यधारा के पत्रकारों की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है।
> "यदि पत्रकारिता जनसरोकार से कट जाए, तो वह केवल सत्ता और समाज के बीच का लाउडस्पीकर बनकर रह जाती है। कलम की असली ताकत इस बात में नहीं है कि वह कितनी तेज़ी से लिखती है, बल्कि इसमें है कि वह कितनी सच्चाई और निडरता से आमजन की आवाज़ बनती है।"
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राज्यपाल के वक्तव्य के मुख्य बिंदु: मीडिया के लिए स्व-मूल्यांकन का समय
* तथ्यों की शुद्धता सर्वोच्च: किसी भी खबर की गति (स्पीड) से अधिक महत्वपूर्ण उसकी सटीकता (Accuracy) है। एक गलत तथ्य न केवल किसी की साख मिटा सकता है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी चोट पहुँचाता है।
* सनसनी पर लगाम, लोकहित को प्राथमिकता: जनता का ध्यान खींचने के लिए सनसनी पैदा करने की प्रवृत्ति लोकतंत्र को कमजोर करती है। पत्रकारिता की पहली कसौटी यह होनी चाहिए कि जो लिखा जा रहा है, उससे समाज और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का क्या भला होगा।
* पक्षपात से मुक्ति: एक निष्पक्ष दृष्टिकोण ही पत्रकारिता को विश्वसनीयता देता है। जब तक रिपोर्टिंग पूर्वग्रहों से मुक्त नहीं होगी, तब तक वह लोकहित का माध्यम नहीं बन सकती।

* नैतिकता ही ढाल: डिजिटल युग में एल्गोरिद्म के दबाव के बीच पत्रकारों को अपनी आंतरिक नैतिक संहिता को सर्वोपरि रखना होगा।
'हमर प्रदेश छत्तीसगढ़': राज्यपाल के इन्हीं उच्च आदर्शों का जीवंत संवाहक
राज्यपाल रमेन डेका ने सत्य, तथ्य और जनसरोकार का जो पैमाना तय किया है, डिजिटल मीडिया के इस दौर में ‘हमर प्रदेश छत्तीसगढ़’ न्यूज़ पोर्टल उसी ध्येय वाक्य को अपनी कार्यशैली में उतार रहा है। जब चारों तरफ सनसनी और व्यूज बटोरने की होड़ मची हो, तब ‘हमर प्रदेश छत्तीसगढ़’ ने हमेशा छत्तीसगढ़ की माटी, यहाँ के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ और जमीनी हकीकत को बिना किसी लाग-लपेट के सामने रखने का संकल्प निभाया है।
बिना किसी पूर्वाग्रह के शुद्ध तथ्यों की पुष्टि, ग्रामीण अंचलों की अनसुनी समस्याओं को मंच देना और जनहित के मुद्दों को निष्पक्षता से शासन-प्रशासन तक पहुँचाना ही ‘हमर प्रदेश छत्तीसगढ़’ की वास्तविक पहचान है। राज्यपाल के इस संदेश को आत्मसात करते हुए यह न्यूज़ पोर्टल आज भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने और जिम्मेदार पत्रकारिता के ध्वजवाहक के रूप में निरंतर अग्रसर है।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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