लाल आतंक पर सर्जिकल स्ट्राइक: सिलकट्टा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने खोद निकाला माओवादियों का 'सीक्रेट वॉर-ज़ोन'

सरेंडर कर चुके नक्सलियों के एक 'खुफिया सुराग' ने लाल गलियारे की जड़ों को हिला कर रख दिया। DVF और BDDS के जांबाजों ने सिलकट्टा के अभेद्य रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में ऐसा सर्च ऑपरेशन छेड़ा कि ज़मीन के नीचे दबा माओवादियों का पूरा गुप्त शस्त्रागार बेनकाब हो गया।
ज़मीन से क्या निकला? (बरामदगी की पूरी लिस्ट)
| श्रेणी | बरामद सामान |
|---|---|
| घातक हथियार | 01 CM 9mm 1A1 कार्बाइन, 02 मैगज़ीन, 01 सिलिंग |
| ज़िंदा कारतूस | 20 राउंड (9mm बॉल एम्युनिशन) |
| विस्फोटक सामग्री | 01 IED कंटेनर, 15 हाई-ग्रेड डेटोनेटर |
| हाई-टेक गैजेट्स | 01 मोटोरोला वॉकी-टॉकी, 01 काईवीट्स KM100 डिजिटल मल्टीमीटर |
| अन्य साजो-सामान | 01 बैटरी चार्जर, वॉकी-टॉकी फ़्रीक्वेंसी शीट, कई स्पेशल टैक्टिकल पाउच |
साजिश का नेटवर्क ध्वस्त:
ज़मीन में दबा यह जखीरा साबित करता है कि नक्सली जंगल की ओट में किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। हाई-टेक मल्टीमीटर और डेटोनेटर सीधे तौर पर IED सर्किट तैयार करने की ओर इशारा करते हैं। जवानों की इस सटीक स्ट्राइक ने नक्सलियों की सप्लाई लाइन और कम्युनिकेशन नेटवर्क दोनों के परखच्चे उड़ा दिए हैं।

अभिषेक कुमार पाण्डेय
स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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