बिलासपुर:
एनईआई सभागार की शाम सुर, लय और रंगों की ऐसी त्रिवेणी बनी जिसने हर दर्शक को भारतीय लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल द्वारा आयोजित अंतर-मंडलीय सांस्कृतिक स्पर्धा ‘रंग-मंच 2026’ में 156 रेल कर्मियों और आश्रितों ने अपनी रचनात्मक ऊर्जा का ऐसा मुजाहिरा पेश किया कि तालियों की गूंज से हॉल गूंज उठा।
मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री अंशुमान मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर स्पर्धा का आगाज किया। दीपदान के साथ शुरू हुआ यह सांस्कृतिक सफर शास्त्रीय गायन, लोकनृत्य, वादन, रंगोली और नाटकों से होते हुए देर शाम तक परवान चढ़ता रहा।
मंच से सीधे दिल तक: प्रस्तुतियां जिन्होंने दिल जीता
निर्णायक मंडल—श्री अरविन्द तिवारी, श्री आदित्य नामदेव, श्री प्रज्जवल बोरकर, श्री राकेश कुमार और श्री राज साहू—के लिए इस कड़े मुकाबले में फैसला करना आसान नहीं रहा।
विभिन्न विधाओं में बाजी मारने वाले कलाकारों की सूची:
* एकल शास्त्रीय गायन: सानाया वर्मा (प्रथम), अनुग्या परमार (द्वितीय), संजय पंथी (तृतीय)
* एकल सुगम गीत: अयांश वर्मा (प्रथम), अमन कुमार साहू (द्वितीय), विष्णु प्रसाद गुप्ता (तृतीय)
* समूह गीत: राधिका कृति एवं साथी (प्रथम), अनुग्या परमार व टीम (द्वितीय), सुप्रिया राय व टीम (तृतीय)
* एकल नृत्य: अंकिता निषाद (प्रथम), अकुंडी अंकिता सावनी (द्वितीय), निधि कुमारी (तृतीय)
* समूह नृत्य: निधि कुमारी एवं समूह (प्रथम), अनुग्या परमार एवं समूह (द्वितीय), तनुश्री राठौर एवं समूह (तृतीय)
* वाद्य वादन: राकेश कुमार (प्रथम), एम. अवंतिका (द्वितीय), नितिन खरे (तृतीय)
* मोनो एक्ट: अनिवेत राज (प्रथम), कुनाल शेन्डे (द्वितीय), शुभि कुशवाहा (तृतीय)
* नाटक: अमन एवं समूह (प्रथम), अविनाश यादव एवं टीम (द्वितीय), अंशुमान एवं टीम (तृतीय)
* चित्रकला: लक्ष्मी क्षत्री (प्रथम), संचित सिंह (द्वितीय), अर्चना पाबाल (तृतीय)
* रंगोली: रिमझिम ध्रुव (प्रथम), रागिनी कुमारी (द्वितीय), चंचल साहू (तृतीय)
विजेताओं का सम्मान और हौसला अफजाई
शाम के दूसरे सत्र में पुरस्कार वितरण का दौर चला। मंडल कार्मिक अधिकारी श्री यू. एस. एस. राव और सहायक कार्मिक अधिकारी श्री भास्कर गुहा ने मंच पर पहुंचकर सभी विजेताओं को शील्ड व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि दैनिक रेल परिचालन की व्यस्तताओं के बीच इस तरह का सांस्कृतिक जुड़ाव न सिर्फ मानसिक सुकून देता है, बल्कि हमारी समृद्ध लोक विरासत को भी सहेजता है। कार्यक्रम का सधा हुआ संचालन श्री धीरज सोनी ने किया। सभागार में बड़ी संख्या में मौजूद रेलकर्मियों और उनके परिजनों ने देर रात तक इस सांस्कृतिक महाकुंभ का आनंद लिया।
✍️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
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