✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विद्युत वितरण व्यवस्था के संभावित निजीकरण और टाटा पावर से जुड़े प्रस्ताव के विरोध में विद्युत अभियंताओं ने मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य विद्युत अभियंता संघ की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में निजीकरण के संभावित प्रभावों और टाटा पावर के प्रस्ताव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों पर जताई चिंता
बैठक में अभियंताओं ने कहा कि विद्युत वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह के संभावित बदलाव का सीधा असर बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ कर्मचारियों और अभियंताओं पर भी पड़ सकता है। सदस्यों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी सहभागिता के साथ बड़े कार्यक्रम और व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का सुझाव दिया।
हालांकि आंदोलन का अंतिम स्वरूप अभी तय नहीं किया गया है। इसके लिए संघ की मुख्य कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
12 सितंबर को होगी सीईसी की बैठक
राज्य विद्युत अभियंता संघ के महासचिव इंजीनियर डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 12 सितंबर को डगनिया स्थित अभियंता संघ कार्यालय में केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में टाटा पावर के प्रस्ताव, विद्युत वितरण के संभावित निजीकरण तथा इसके उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और अभियंताओं पर संभावित प्रभावों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
बड़े आंदोलन की बन सकती है रणनीति
सीईसी की बैठक में सदस्यों की ओर से सुझाए गए बड़े कार्यक्रमों, आंदोलन और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी। संघ ने मुख्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपने सुझाव देने की अपील की है।
संघ का कहना है कि विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी अभियंताओं को एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करनी होगी। अब 12 सितंबर की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां आंदोलन के स्वरूप और आगामी कार्यक्रमों को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!