✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
रायगढ़ में सजेगा सुर, ताल और नृत्य का भव्य संसार, 23 सितम्बर को कविता कृष्णमूर्ति-जान कुमार सानू करेंगे समापन
14 से 23 सितम्बर तक दस दिनों तक कला-संस्कृति के रंग में रंगेगा रायगढ़, देशभर के नामचीन कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मिलेगा मंच
रायगढ़। कला, संगीत और संस्कृति के प्रेमियों के लिए रायगढ़ एक बार फिर देश के बड़े सांस्कृतिक मंच के रूप में सजने जा रहा है। 41वें चक्रधर समारोह में 14 से 23 सितम्बर तक दस दिनों तक शास्त्रीय नृत्य, लोककला, वादन, भजन, गजल, पंडवानी और लोकप्रिय गायन की शानदार प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। समारोह की खासियत यह होगी कि राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी एक ही मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
21 सितम्बर की शाम कथक और वाद्य संगीत के नाम
समारोह के 21 सितम्बर के कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय परंपरा की विविध छटाएं देखने को मिलेंगी। बनारस घराने के कथक कलाकार श्री रूद्रशंकर सिन्हा अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं श्री सोनू गुप्ता एवं समूह लोकगीत तथा वांसती वैष्णव एवं समूह कथक प्रस्तुत करेंगे।
इसी शाम त्रिवेणी संगम द्वारा संतूर, पखावज और तबला वादन की प्रस्तुति होगी। इसके साथ संस्कार कला संघ की नृत्य नाटिका और नृत्यांजलि द्वारा बनारस घराने के कथक की प्रस्तुति समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाएगी।
22 सितम्बर को कथकली से सूफियाना सुरों तक
22 सितम्बर की शाम भारतीय संस्कृति की अलग-अलग कलाविधाओं के नाम रहेगी। गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर कथकली, सुश्री दीक्षा रथ ओडिसी नृत्य और प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन से दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय कला की गहराई से रूबरू कराएंगी।
वहीं पुनरिक साहू-लहरंगगा लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे। रायगढ़ के राकेश शर्मा सूफी गायन और गजल के जरिए शाम को सुरों की खास मिठास से भर देंगे।
23 सितम्बर को कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू की आवाज से होगा ग्रैंड फिनाले
दस दिवसीय चक्रधर समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण इसके समापन की शाम होगी। 23 सितम्बर को देश की सुप्रसिद्ध एवं पद्मश्री सम्मानित गायिका कविता कृष्णमूर्ति अपनी सुरमयी प्रस्तुति देंगी। उनके साथ जान कुमार सानू भी अपनी गायकी से समापन समारोह को यादगार बनाएंगे।
दोनों लोकप्रिय कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ चक्रधर समारोह का यह अंतिम पड़ाव दर्शकों के लिए संगीत और मनोरंजन की ऐसी शाम लेकर आएगा, जिसकी गूंज लंबे समय तक रायगढ़ की सांस्कृतिक फिजाओं में सुनाई देगी।
महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना को समर्पित मंच
चक्रधर समारोह महज सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की संगीत और नृत्य के प्रति साधना एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। दस दिनों तक चलने वाला यह आयोजन भारतीय कला की विविध परंपराओं को एक मंच पर लाने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रहा है।
शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न विधाओं से लेकर छत्तीसगढ़ी लोकधुनों, पंडवानी, भजन, गजल, वादन और लोकप्रिय गायन तक यहां कला के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों को मंच मिलना समारोह की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।
14 से 23 सितम्बर तक रायगढ़ में होने वाला 41वां चक्रधर समारोह दस दिनों तक शहर को सुर, ताल, नृत्य और संस्कृति के भव्य उत्सव में बदल देगा।
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