✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
“संरक्षण बंद करो, मंदिर परिसर की दुकानें हटाओ”—आंदोलनकारियों ने उठाई मांग, कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
रतनपुर। मां महामाया मंदिर परिसर में दुकानों और मंदिर प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा विवाद अब आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। सर्व हिंदू समाज की ओर से महामाया ट्रस्ट के समक्ष रखी गई मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन तेज किया गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि मंदिर परिसर में दुकानों के संचालन, दुकान आवंटन और मंदिर से संबंधित सामान की बिक्री को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ दुकानदारों को कथित रूप से संरक्षण दिया जा रहा है, जिसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
नगर पालिका अध्यक्ष लव कुश कश्यप के समर्थन का दावा
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार नगर पालिका परिषद रतनपुर के अध्यक्ष लव कुश कश्यप के तत्वावधान में भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन आगे बढ़ रहा है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार हाल के दिनों में महामाया मंदिर परिसर में दुकानदारों को लेकर विवाद सामने आया था। ट्रस्ट की ओर से कुछ दुकानदारों को दुकानें हटाने के नोटिस दिए जाने की भी खबरें प्रकाशित हुई हैं।
“मंदिर परिसर में नियम सभी के लिए समान हों”
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मंदिर परिसर में दुकानों की स्थिति की समीक्षा, दुकान आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मंदिर से संबंधित सामान की बिक्री और प्रबंधन व्यवस्था की जांच शामिल बताई जा रही है।
आंदोलनकारियों ने यह भी सवाल उठाया है कि मंदिर परिसर में व्यवसाय करने की अनुमति किन नियमों और शर्तों के आधार पर दी जाती है और क्या उन नियमों का सभी दुकानदारों पर समान रूप से पालन हो रहा है।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
25 सितंबर 2026 की प्रकाशित स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार सर्व हिंदू समाज ने महामाया ट्रस्ट के खिलाफ चार सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पहली बार कुछ दुकानदारों ने दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन को समर्थन दिया।
वहीं दूसरी रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी थी।
“बहुत हुआ अत्याचार, अब जवाब दे रतनपुर”—नारेबाजी
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से तीखे नारे लगाए जा रहे हैं। इनमें मंदिर परिसर में दुकानों को हटाने, कथित संरक्षण समाप्त करने और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग प्रमुख है।
अब आगे क्या?
मामला अब महामाया ट्रस्ट, नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती बनता जा रहा है। आंदोलनकारी तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि पूरे विवाद में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना और दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
रतनपुर की जनता की निगाहें अब इस बात पर हैं कि मंदिर परिसर की दुकानों, आवंटन प्रक्रिया और प्रबंधन से जुड़े आरोपों पर ट्रस्ट एवं प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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