रतनपुर की माटी का लाल बनेगा राजस्थान का मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल को दी चीफ जस्टिस बनाने की संस्तुति
बिलासपुर / रायपुर / नई दिल्ली:
छत्तीसगढ़ के न्यायिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस (मुख्य न्यायाधीश) नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। कॉलेजियम की इस मुहर के साथ ही छत्तीसगढ़ की न्यायपालिका और बिलासपुर-रतनपुर अंचल में गौरव की लहर दौड़ गई है।
रतनपुर की गलियों से चीफ जस्टिस की कुर्सी तक का सफर
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल का यह मुकाम उनकी दशकों की कानूनी तपस्या, निष्पक्षता और कानून के प्रति गहरी समझ का परिणाम है:
* जन्म व प्रारंभिक जीवन: जस्टिस संजय के. अग्रवाल का जन्म 15 जुलाई 1965 को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी रतनपुर (जिला बिलासपुर) में पिता श्री वीरेंद्र अग्रवाल एवं माता श्रीमती चमेली अग्रवाल के घर हुआ। उनकी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा भी रतनपुर में ही हुई।
* उच्च शिक्षा: उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से बीएससी (B.Sc.) और विधि स्नातक (LL.B.) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से कानून में स्नातकोत्तर (LL.M.) की डिग्री हासिल की।
* वकालत की शुरुआत: 3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होकर उन्होंने बिलासपुर जिला न्यायालय और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से वकालत का सफर शुरू किया। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद वे बिलासपुर हाईकोर्ट में संवैधानिक व सिविल मामलों के शीर्ष वकीलों में शुमार हुए।

संवैधानिक मामलों के धुरंधर: महाधिवक्ता से जज बनने तक का सफरनामा
जस्टिस अग्रवाल का कानूनी करियर उपलब्धियों से भरा रहा है:

* राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General): वे वर्ष 2002 से 2004 तक छत्तीसगढ़ के उप-महाधिवक्ता रहे। इसके बाद 25 जून 2012 को उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया।
* प्रतिष्ठित संस्थाओं की पैरवी: वकालत के दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL), IOCL, BPCL और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) जैसी शीर्ष संस्थाओं के लिए हाईकोर्ट में मजबूत पक्ष रखा।
* हाईकोर्ट जज के रूप में नियुक्ति: 16 सितंबर 2013 को वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में न्यायाधीश (Additional Judge) के रूप में पदोन्नत हुए। इसके बाद वे स्थायी न्यायाधीश बने।
* बेदाग और कड़े फैसले: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपने लगभग 13 साल के न्यायिक कार्यकाल में जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जनहित, पर्यावरण और नागरिक अधिकारों से जुड़े कई नजीर बनने वाले फैसले सुनाए।

कॉलेजियम की बैठक में 3 हाईकोर्ट्स को मिले नए मुख्य न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जारी आदेश के अनुसार देश के तीन उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की गई है:
* जस्टिस संजय के. अग्रवाल: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से ➡️ राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
* जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे: गुजरात हाईकोर्ट से ➡️ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
* जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी: राजस्थान हाईकोर्ट से ➡️ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
केंद्र सरकार की औपचारिक अधिसूचना और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जस्टिस संजय के. अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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