यूसीसी राज्य के आदिवासियों के खिलाफ है - दीपक बैज*
Wednesday, September 30 2026
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यूसीसी राज्य के आदिवासियों के खिलाफ है - दीपक बैज*

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यूसीसी राज्य के आदिवासियों के खिलाफ है - दीपक बैज*

*भाजपा सरकार युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल रही है*

 

*जगदलपुर, 29 अगस्त।* संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर प्रवास के दौरान पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।

 

उन्होंने कहा कि कल से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर जगदलपुर में शुरू होगा, जो तीन दिन तक चलेगा। यह प्रशिक्षण सभी पांच संभागों में होगा।

 

*मुख्य बातें:*

 

*1. यूसीसी पर विरोध:* दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने के लिए यूसीसी लागू करने जा रही है। हम इसका विरोध करते हैं। इसके लागू होने से आदिवासियों को मिल रहे विशेष संवैधानिक प्रावधान खत्म हो जाएंगे।

 

*2. भर्ती परीक्षाओं में घोटाला:* भाजपा की सरकार बनने के बाद युवाओं के सपनों को बेचा जा रहा है। कृषि विवि की तीन परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। यह तो सिर्फ तीन का खुलासा है। आरक्षक भर्ती, वन रक्षक भर्ती, आरआई प्रमोशन, पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती, पीएससी एएसआई भर्ती सभी में गड़बड़ियां हुई हैं। सरकार घोटाले कर युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल रही है।

 

*3. बिजली निजीकरण का विरोध:* सरकार बिजली के दाम बढ़ाकर, 400 यूनिट छूट खत्म कर और स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को लूट रही है। अब बिजली कंपनी को ही बेचने जा रही है। पहले कैबिनेट ने विद्युत कंपनी के शेयर बेचने का फैसला लिया, अब निजी कंपनी को बिजली सप्लाई का ठेका देने की तैयारी है। हमारे बिजली सत्याग्रह में निजीकरण का विरोध भी शामिल होगा।

 

*4. बस्तर के मुद्दे:* गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2025 के दौरान नक्सल मुक्त घोषित गांवों को विकास के लिए 1-1 करोड़ देने का वादा किया था, वह राशि कब मिलेगी? नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए भटक रहे हैं।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि नक्सलियों के सहयोगी होने का फर्जी आरोप लगाकर जेलों में बंद हजारों आदिवासियों की रिहाई कब होगी?

 

डबल इंजन की सरकार ट्रबल इंजन साबित हो रही है। केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष पैकेज दे रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ को नहीं। उल्टे केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का पैसा वसूला जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति बेहद खराब है।

 

*5. खनिज संसाधनों पर:* खनिज संसाधनों का निजीकरण और असंतुलित दोहन बंद हो। एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ लाया जाए ताकि केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा मिले और भर्ती में यहां के युवाओं को प्राथमिकता मिले। खान और खनिज संशोधन अधिनियम 2026 बस्तर के आर्थिक-सामाजिक हितों के खिलाफ है। इससे पेसा (PESA) और पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन होगा।

 

इस प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, गौरनाथ नाग, वीरेंद्र परिहार, जाहिद हुसैन, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, रविशंकर तिवारी, निकेत राज झा, विजय दास, सहदेव नाग, शादाब अहमद, सलीम जाफर अली, मोहसिन खान, चमन देहारी, आदर्श दलाई, खीरेंद्र यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

स्टेट रिपोर्टर मनोज भट्ट hamarpradeshcg.com

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