मौत का खुला गड्ढा: बिलासपुर के व्यस्त मार्ग पर निर्माणाधीन नाले से उतराती मिली अज्ञात लाश, पूरे इलाके में फैली दहशत!
3 दिन पहले नाले के किनारे दिखा था लड़खड़ाता शराबी; क्या खुला नाला बना काल या छुपा है कोई खूनी राज? सिम्स में सुरक्षित शव, सरकंडा पुलिस की तफ्तीश तेज
बिलासपुर।
स्मार्ट सिटी की दौड़ में दौड़ते बिलासपुर के व्यस्ततम रास्तों पर सुरक्षा के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। थाना सरकंडा क्षेत्र के साइंस कॉलेज से शनिचरी बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन गहरे नाले में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी और हड़कंप मच गया। दिनदहाड़े नाले के गंदे पानी में लाश दिखने की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों राहगीरों और दुकानदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर सरकंडा पुलिस की पेट्रोलिंग टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकलवाया।
खुला नाला बना 'डेथ ट्रैप' या गहरी साजिश?
शव मिलने के बाद घटनास्थल पर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है:
* 3 दिन पहले की कड़ी: प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब तीन दिन पहले एक व्यक्ति इसी नाले की मुंडेर पर अत्यधिक नशे की हालत में लड़खड़ाता हुआ बैठा दिखा था।
* अंधेरे और लापरवाही का शिकार? प्रारंभिक आशंका यह जताई जा रही है कि निर्माणाधीन नाले के आसपास कोई ठोस बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण नशे की हालत में वह सीधे नाले में गिर गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
* हत्या या हादसा? पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह महज हादसा है या फिर किसी ने वारदात को अंजाम देकर शव को नाले में ठिकाने लगाया है।
पहचान का संकट, सिम्स मर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया शव
शव के कई घंटे पुराना होने के कारण चेहरा विकृत हो चुका है, जिससे मौके पर उसकी पहचान नहीं हो सकी।
* पोस्टमार्टम पर टिकी नजरें: पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही पूरी कर शव को सिम्स (CIMS) अस्पताल के चीरघर (मर्च्युरी) में सुरक्षित रखवा दिया है। डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत नाले में डूबने से हुई है या शरीर पर किसी चोट या जहर के निशान हैं।
* गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस: सरकंडा पुलिस ने शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सभी थानों में हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी (Missing Persons) की शिकायतों से हुलिए का मिलान शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र के जरिए भी मृतक की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है।
> प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल:
> स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से खुले पड़े निर्माणाधीन नाले बिना किसी मजबूत सुरक्षा घेरे के छोड़ दिए गए हैं, जो आए दिन राहगीरों और मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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