✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज दुर्ग ब्यूरो चीफ रिपोर्टर कलावती
महासमुंद/पिथौरा। पिथौरा तहसील के ग्राम पंचायत ढोढरकसा स्थित शासकीय हाई स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और पालकों का आक्रोश सामने आया है। पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 18 सितंबर 2026 से विद्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर आंदोलन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अल्टीमेटम के बाद भी नहीं हुई व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने 10 सितंबर को एसडीएम पिथौरा के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सात दिनों के भीतर विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की थी। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने तालाबंदी का निर्णय लिया।
युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पर भी सवाल
ग्रामीणों और पालकों ने हाल ही में हुई शिक्षकीय युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि शिक्षकों की कमी से जूझ रहे ढोढरकसा हाई स्कूल को इस प्रक्रिया में अपेक्षित लाभ नहीं मिला, जिससे विद्यालय में शिक्षकों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
वर्षों से बनी समस्या, पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि अटैच किए गए शिक्षक को वापस मूल शाला में भेजने की व्यवस्था नहीं की गई और अवकाश पर गए शिक्षक के स्थान पर भी वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर पालक चिंतित हैं।
स्थायी पदस्थापना तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
पालकों और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की स्थायी पदस्थापना नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन तालाबंदी और आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ग्रामीणों की मांग पर क्या कदम उठाते हैं और विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए कब तक व्यवस्था की जाती है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!