महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के लिए यह गौरव का अवसर है। शासकीय आशी बाई गोलछा स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा रागनी साहू ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। रागनी ने दिल्ली में देश की राष्ट्रपति से मुलाकात कर अंतरिक्ष और चंद्रयान मिशन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
10 दिवसीय वर्कशॉप में सीखा सैटेलाइट कोडिंग और मेकिंग
रागनी का चयन ग्रेटर नोएडा में आयोजित 10 दिवसीय ‘मिशन शक्तिसैट-चंद्र मिशन’ वर्कशॉप के लिए हुआ था। इस दौरान उन्होंने सैटेलाइट कोडिंग और सैटेलाइट मेकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी हासिल की।
वर्कशॉप के दौरान रागनी को इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मिलने और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी मिला।
दिल्ली में महासमुंद के छात्रों ने दिखाया नवाचार का हुनर
इसी स्कूल के छात्र डिगेश कुमार सेन और दुर्गेश साहू भी नीति आयोग की अनुभव यात्रा के तहत दिल्ली पहुंचे। वहां उन्होंने अटल इनोवेशन मिशन/अटल टिंकरिंग लैब से जुड़े नवाचारों और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी हासिल की।
राष्ट्रपति के सामने प्रस्तुत किया सुआ नृत्य
रागनी ने दिल्ली में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की। उन्होंने सुआ नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाया। उनकी प्रस्तुति की राष्ट्रपति ने भी सराहना की।
महासमुंद के इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उपलब्धि से जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के बच्चे भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
महासमुंद ब्लॉक रिपोर्टर — कमलेश चंद्राकर
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ 🙏🏻🇮🇳
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