महामाया ट्रस्ट को लेकर दुकानदारों में बढ़ी नाराजगी, कथित दबाव और पैसे मांगने के आरोपों के बीच बातचीत का वीडियो सामने
रतनपुर। महामाया मंदिर परिसर और आसपास दुकान संचालित करने वाले कुछ दुकानदारों द्वारा महामाया ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए जा रहे कथित दबाव, धमकी और पैसे मांगने के आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया है। इसी बीच नगरपालिका अध्यक्ष श्री लव कुश कश्यप से मोबाइल फोन पर हुई बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसके बाद मामले को लेकर नगर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दुकानदारों का आरोप है कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों की ओर से दुकान संचालन को लेकर उन पर कथित रूप से दबाव बनाया जाता है। कुछ दुकानदारों ने यह भी दावा किया है कि उनसे दुकान संचालन अथवा अन्य व्यवस्था के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
सफाई कर्मचारी के माध्यम से बातचीत का आरोप
दुकानदारों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि महामाया ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अरुण शर्मा की ओर से ट्रस्ट में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी को दुकानदारों से बातचीत के लिए भेजा जाता है। दुकानदारों का दावा है कि ऐसी बातचीत के दौरान कथित रूप से दबाव बनाया जाता है और पैसों की मांग की जाती है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
नगरपालिका अध्यक्ष से बातचीत का वीडियो सामने आया
मामले को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष श्री लव कुश कश्यप से मोबाइल फोन पर बातचीत की गई थी। इसी बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग अब सामने आई है। वीडियो में मामले से संबंधित बातचीत दिखाई दे रही है। वीडियो की पूरी परिस्थितियों और बातचीत के संदर्भ को संबंधित पक्षों के बयान के साथ देखना महत्वपूर्ण होगा।
दुकानदारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
दुकानदारों का कहना है कि यदि मंदिर परिसर में दुकान संचालन, सफाई, शुल्क वसूली या अन्य व्यवस्थाओं के लिए ट्रस्ट की ओर से कोई निर्धारित नियम हैं, तो उन्हें स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
दुकानदारों के मुताबिक शुल्क या किसी अन्य राशि की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार और उचित रसीद के साथ होनी चाहिए। वहीं, यदि किसी व्यक्ति द्वारा नियमों के विपरीत दबाव या धमकी देकर पैसे मांगने की शिकायत सही पाई जाती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
ट्रस्ट प्रबंधन का पक्ष सामने आना जरूरी
पूरे मामले में महामाया ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अरुण शर्मा तथा संबंधित कर्मचारी का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। ट्रस्ट की ओर से यदि दुकान आवंटन, शुल्क, सफाई व्यवस्था अथवा दुकान संचालन से जुड़े लिखित नियम या आदेश जारी किए गए हैं, तो उनके सामने आने से विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
इन सवालों के जवाब जरूरी
- दुकानदारों से किसी निर्धारित शुल्क की वसूली की जा रही है या नहीं?
- यदि शुल्क लिया जा रहा है तो उसकी आधिकारिक दर और रसीद की व्यवस्था क्या है?
- दुकानदारों से बातचीत के लिए कर्मचारी को किसके निर्देश पर भेजा गया?
- धमकी या दबाव की शिकायत को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज हुई है या नहीं?
- नगरपालिका प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी है या नहीं?
- ट्रस्ट प्रबंधन इस संबंध में अपने नियम और दस्तावेज सार्वजनिक करेगा या नहीं?
फिलहाल यह मामला दुकानदारों द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आए वीडियो के आधार पर चर्चा में है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान, उपलब्ध दस्तावेज और निष्पक्ष जांच सामने आना आवश्यक है।
रिपोर्टर — आशीष यादव
ब्लॉक रिपोर्टर, रतनपुर
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
hamarpradeshcg.com
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