✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई। भिलाई-3 चरौदा में रेलवे प्रशासन की ओर से करीब 25 दुकानदारों को हटाने के नोटिस दिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। नोटिस से प्रभावित दुकानदारों और हाउसिंग बोर्ड के रहवासियों ने सांसद विजय बघेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। सांसद ने रेलवे के डीआरएम से चर्चा के बाद फिलहाल किसी भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया है।
वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदार
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे कई वर्षों से इसी स्थान पर दुकानें संचालित कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनकी दुकानें रेलवे की सीमा और बाउंड्री वॉल के बाहर स्थित हैं। इसके बावजूद 11 अगस्त को उन्हें जगह खाली करने का नोटिस दिया गया।
दुकानदार अनीता वर्मा ने कहा कि उनका परिवार करीब 70 वर्षों से यहां चाय की दुकान चला रहा है। अचानक रेलवे की ओर से नोटिस मिलने के बाद उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
80 फीट सड़क बंद करने के प्रस्ताव का भी विरोध
वहीं हाउसिंग बोर्ड के रहवासियों ने क्षेत्र की करीब 80 फीट चौड़ी मुख्य सड़क को बंद करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। रहवासियों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।
रहवासियों के मुताबिक, यदि मुख्य सड़क बंद की जाती है तो नहर किनारे प्रस्तावित संकरे रास्ते पर यातायात का दबाव बढ़ जाएगा। इससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उनका दावा है कि इससे करीब 30 से 40 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं।
हाउसिंग बोर्ड समिति से जुड़े रहवासी प्रकाश सिंह ने कहा कि मकान बेचते समय बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होने का भरोसा दिया गया था। अब मुख्य सड़क बंद होने की स्थिति में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सांसद ने डीआरएम से चर्चा कर दिया आश्वासन
सांसद विजय बघेल ने बताया कि रेलवे की जमीन पर सोलर पैनल लगाने के टेंडर के दौरान भी सड़क को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। उस समय उन्होंने रेलवे डीआरएम से चर्चा कर वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कराई थी।
सांसद ने कहा कि इस मामले में भी डीआरएम से बातचीत हो चुकी है और फिलहाल किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
वहीं सांसद विजय बघेल ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के कारण कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है। दूसरी ओर प्रभावित दुकानदारों और रहवासियों ने पूरे क्षेत्र का संयुक्त सर्वे कराने और स्थानीय लोगों की आपत्तियां सुनने की मांग की है।
फिलहाल रेलवे के नोटिस के बाद क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और लोगों की नजर आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
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