✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रसमड़ा के पास ग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई स्कूल में मंगलवार को त्रैमासिक परीक्षा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के ऊपर अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। इस घटना में तीन विद्यार्थी घायल हो गए। इनमें एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद जिला अस्पताल में उसके सिर पर चार टांके लगाए गए।
परीक्षा के दौरान मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। स्कूल के एक कक्ष में कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थी बैठकर त्रैमासिक परीक्षा दे रहे थे। इसी दौरान अचानक छत के प्लास्टर का बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में आने से तीन विद्यार्थी घायल हो गए। प्लास्टर का हिस्सा इतना भारी था कि नीचे रखा बेंच भी टूट गया।
अचानक हुए हादसे से कक्षा में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल के शिक्षकों ने ग्रामीणों की मदद से घायल विद्यार्थियों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। छात्रा द्रोपती ठाकुर के सिर में गंभीर चोट आने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसके सिर में चार टांके लगाए गए। वहीं, अन्य दो विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
25 से 30 साल पुराना स्कूल भवन
बताया जा रहा है कि स्कूल का भवन करीब 25 से 30 साल पुराना है। वर्तमान में मिडिल स्कूल के पुराने भवन में ही हाई स्कूल की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। दो साल पहले विद्यालय का हाई स्कूल के रूप में उन्नयन किया गया था। यहां कक्षा नौवीं और दसवीं में करीब 100 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
दो साल बाद भी नए भवन का इंतजार
स्कूल के नए भवन निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पूर्व सरपंच रोहित साहू के अनुसार, हाई स्कूल के नए भवन के लिए करीब 75 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद राशि वापस चली गई। इसके चलते पिछले दो वर्षों से नए भवन का निर्माण नहीं हो सका और विद्यार्थियों को पुराने भवन में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।
शिक्षा विभाग ने क्या कहा?
समग्र शिक्षा के डीएमसी विनोद सिंह के अनुसार, संबंधित भवन की स्थिति जर्जर जैसी नहीं थी। इसी कारण उस कक्ष में विद्यार्थियों को बैठाकर परीक्षा ली जा रही थी। उन्होंने बताया कि हादसे में तीन विद्यार्थी घायल हुए हैं, जिनमें से एक को जिला अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्कूलों को जर्जर भवनों अथवा कक्षों में विद्यार्थियों को नहीं बैठाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
गनियारी स्कूल में हुई इस घटना ने पुराने शैक्षणिक भवनों की सुरक्षा और नए भवनों के निर्माण में हो रही देरी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। परीक्षा के दौरान छत का प्लास्टर गिरना गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग स्कूल भवन की स्थिति की विस्तृत जांच कराएगा और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा?
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