मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्युज
बीजापुर आशीर्वादगढ़ बना कर्रेगुट्टा, जहां कभी गूंजती थी गोलियां, वहां गूंजा वंदे मातरम और दीपोत्सव
संभाग बस्तर - जिला बीजापुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर चल रहे *'सेवा संकल्प अभियान'* के तहत गुरुवार को बस्तर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया।
कभी माओवादियों का सबसे अभेद्य गढ़ मानी जाने वाली *कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों* पर पहली बार इस तरह दीपोत्सव का नजारा देखने को मिला। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, समर्पण, सद्भाव और जनविश्वास का संदेश दिया।
कभी बंकर, अब दीयों की रोशनी
उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले तक कर्रेगुट्टा में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाकर उनके बंकरों को ध्वस्त किया था। आज उसी धरती पर जवानों ने 'सेवा' के 25 दीये जलाकर यह साबित किया है कि अब बारूद नहीं, बल्कि विकास की रोशनी फैल रही है।
इस अवसर पर जवानों ने क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और जनकल्याण को मजबूत करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग की भावना पहुंचाना है। साथ ही लोगों के मन में सुरक्षा, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति आशा जगाना है। कर्रेगुट्टा में जला यह दीप केवल एक रोशनी नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प के प्रकाश का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान CRPF के जवानों ने वंदे मातरम के नारों के साथ तिरंगा फहराया।
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