बिलासपुर: सन सिटी कॉलोनी शुभम विहार में अखंड सौभाग्य के पर्व हरतालिका तीज की धूम, महिलाओं ने किया सामूहिक पूजन
बिलासपुर | वेब डेस्क:
अखंड सौभाग्य और सुहाग की दीर्घायु की कामना का पावन लोकपर्व हरतालिका तीज बिलासपुर के शुभम विहार स्थित सन सिटी कॉलोनी में पूरी श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कॉलोनी की महिलाओं ने एकजुट होकर निर्जला व्रत रखा और सामूहिक रूप से विधि-विधान से देवाधिदेव महादेव व माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर अखंड सुहाग व परिवार की खुशहाली की मंगलकामना की।

पारंपरिक परिधानों में सजीं सुहागिनें, उत्सव जैसा माहौल
शुभम विहार की सन सिटी कॉलोनी में तीज पर्व को लेकर सुबह से ही विशेष उत्साह देखने को मिला। शाम होते ही पूजा स्थल पर भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम नजर आया।
* सोलह शृंगार की छटा: लाल, पीले और चुनरी प्रिंट की पारंपरिक साड़ियों में सोलह शृंगार कर पहुँचीं महिलाओं के उत्साह ने पूरे परिसर को मंगलमय बना दिया।

* मिट्टी के शिव-पार्वती की स्थापना: व्रती महिलाओं ने पूरी निष्ठा के साथ बालू/काली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और प्रथम पूज्य गणेश जी की प्रतिमाएं तैयार कर स्थापित कीं।
सामूहिक कथा श्रवण और आरती से गूंजा परिसर
पर्व के मुख्य आयोजन में पंडित जी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया गया:
* पंचामृत और षोडशोपचार पूजन: भगवान भोलेनाथ और मां गौरी का दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल से अभिषेक किया गया। माता पार्वती को सुहाग पिटारी (सोलह शृंगार सामग्री) और भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, मदार पुष्प अर्पित किए गए।
* हरतालिका तीज व्रत कथा: उपस्थित सभी व्रती महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक हरतालिका तीज की पावन पौराणिक कथा का सामूहिक श्रवण किया, जिसमें माता पार्वती द्वारा भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए की गई कठिन तपस्या का वर्णन था।
* महाआरती और भोग: कथा उपरांत भगवान शिव-पार्वती की सामूहिक आरती की गई और ऋतु फल व पारंपरिक पकवानों (गुझिया, ठेठरी, खुरमी) का नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा गया।
भक्ति के संग पारंपरिक गीतों पर थिरके कदम
पूजन संपन्न होने के बाद कॉलोनी परिसर में पारंपरिक तीज गीतों और शिव भजनों का सिलसिला शुरू हुआ। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सुहाग की शुभकामनाएं दीं और बुजुर्ग महिलाओं से चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। रातभर चले जागरण में मंगल गीतों और लोक धुनों ने आधुनिक कॉलोनी में भी विशुद्ध पारंपरिक माहौल जीवंत कर दिया।

कॉलोनी की महिलाओं ने बताया कि इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों से न केवल हमारी सनातन संस्कृति और परंपराएं सहेजी जाती हैं, बल्कि समाज व पड़ोस में आपसी मेलजोल, सौहार्द और परिवार जैसा अपनत्व भी मजबूत होता है। पूजन के उपरांत प्रसादी वितरण के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!