Wednesday, September 30 2026
ताज़ा ख़बरें

Loading...

बिलासपुर में मृत व्यक्ति की संपत्ति हड़पने का खेल, फर्जी प्रमाण पत्र से नामांतरण कर 12 टुकड़ों में बेच दी बेशकीमती जमीन

State Head - Kishor
State Head - Kishor
27 Views 5 Min Read 0 Comments
बिलासपुर में मृत व्यक्ति की संपत्ति हड़पने का खेल, फर्जी प्रमाण पत्र से नामांतरण कर 12 टुकड़ों में बेच दी बेशकीमती जमीन

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार

बिलासपुर। शहर के चांटीडीह क्षेत्र में बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए कथित तौर पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर नामांतरण कराने का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्व विभाग की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में पूर्व नामांतरण आदेश को निरस्त करने की तैयारी की जा रही है।

 

पुराने राजस्व रिकॉर्ड से सामने आया मामला

 

मौजा चांटीडीह, पटवारी हल्का नंबर 33 स्थित खसरा नंबर 489 का कुल रकबा 0.121 हेक्टेयर है। इसमें से 0.008 हेक्टेयर जमीन की बिक्री के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था।

 

जानकारी के अनुसार यह जमीन राजकुमार केंवट के खाते से मुख्तियार आम किशन कश्यप द्वारा कोरबा निवासी मोहम्मद शाहजाद अली को बेची गई थी। इसके बाद जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई।

 

मृत बताया, लेकिन रिकॉर्ड में कुछ और निकला

 

मामले की जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जिस व्यक्ति को मृत बताकर उसकी जमीन का नामांतरण कराया गया, नगर निगम के मूल रजिस्टर में उसका नाम लावारिस के रूप में दर्ज बताया जा रहा है। ऐसे में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर तैयार किए गए दस्तावेजों और नामांतरण प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

 

जमीन को कई हिस्सों में बेचने का आरोप

 

आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेशकीमती जमीन को 12 अलग-अलग टुकड़ों में बेच दिया गया। इससे पूरे मामले में संगठित तरीके से जमीन हड़पने और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

 

राजस्व विभाग अब पुराने रिकॉर्ड, नामांतरण आदेश और जमीन की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर पूर्व नामांतरण आदेश को निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

 

जांच के बाद खुलेगा पूरा राज

 

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किसने तैयार कराया, उसके आधार पर नामांतरण कैसे हुआ और जमीन को अलग-अलग टुकड़ों में बेचने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल रहे—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।

 

मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दस्तावेजों की जांच के बावजूद कथित फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांतरण कैसे हो गया।

 

अब निगाह इस बात पर है कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता है और जमीन का वास्तविक मालिकाना हक किसके पक्ष में तय होता है।

State Head - Kishor
Written by

State Head - Kishor

Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in अपराध.

Comments (0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Latest Videos