✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
बिलासपुर। जिला अस्पताल स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। तखतपुर निवासी प्रसूता ज्योति देवांगन के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रसव के दौरान किए गए ऑपरेशन और टांकों में संक्रमण के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। वर्तमान में उन्हें एक निजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पति ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार
प्रसूता के पति ने बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की। उन्होंने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई, चिकित्सकीय लाइसेंस की जांच तथा पत्नी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान उपचार में लापरवाही बरती गई, जिसके बाद प्रसूता की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सीएमएचओ को जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। अब जांच टीम पूरे मामले में अस्पताल में हुए उपचार, ऑपरेशन, टांकों की स्थिति, संक्रमण और बाद में निजी अस्पताल में कराए गए उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूता की गंभीर स्थिति के पीछे चिकित्सकीय लापरवाही थी या कोई अन्य चिकित्सकीय जटिलता।
परिजनों को जांच से उम्मीद
प्रसूता के परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष और जल्द जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और प्रसूता के इलाज में परिवार को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल मामले की जांच शुरू होने के बाद प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार है।
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