
बिलासपुर | विशेष संवाददाता
न्यायधानी बिलासपुर के प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कलेक्ट्रेट में व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के मकसद से कलेक्टर ने जिले के तीन अतिरिक्त कलेक्टरों के बीच जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा कर दिया है। 16 सितंबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक 4490 के तहत पूर्व के समस्त प्रभारों को संशोधित करते हुए जिम्मेदारियों की नई लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है।
इस नए फेरबदल में जहां आईएएस बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई को तकनीकी सुधार और हाई-प्रोफाइल मामलों की कमान सौंपी गई है, वहीं शिव कुमार बनर्जी को जिले की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था व संवेदनशील विंग्स का जिम्मा मिला है। इसके अलावा डॉ. ज्योति पटेल को जनशिकायत, राहत और वित्तीय-प्रशासनिक नियंत्रण का केंद्र बिंदु बनाया गया है।
किसे मिला क्या जिम्मा? एक नज़र में समझिए पूरा 'पावर-मैप':
1. बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई (IAS), अपर कलेक्टर: ई-गवर्नेंस, इंडस्ट्री और मुख्य तहसीलों की बागडोर
* तहसील प्रभार: बिलासपुर, बेलतरा, तखतपुर और सकरी।
* मुख्य विभाग: ई-ऑफिस नोडल, ई-गवर्नेंस, लोक सेवा केंद्र/गारंटी, सीएसआर (CSR), उद्योग एवं व्यापार केंद्र, कोषालय, लोक निर्माण विभाग (PWD) और श्रम विभाग।
* विशेष दायित्व: हाई कोर्ट और सिविल कोर्ट में चल रहे मुकदमों की मॉनिटरिंग, मुख्यमंत्री व मंत्रियों की घोषणाओं का क्रियान्वयन, नजूल/भू-अभिलेख के महत्वपूर्ण मामले और मानवाधिकार व महिला आयोग से जुड़े प्रकरण।
2. शिव कुमार बनर्जी, अपर कलेक्टर: कानून-व्यवस्था, चुनाव, सुरक्षा और अवैध खनन पर नकेल
* तहसील प्रभार: कोटा, बेलगहना और रतनपुर।
* मुख्य विभाग: अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (ADM), सामान्य व स्थानीय निर्वाचन नोडल अधिकारी, खाद्य एवं धान खरीदी, परिवहन, जेल, नागरिक आपूर्ति निगम व सहकारिता।
* सख्त तेवर: खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण पर कार्रवाई का सीधा प्रभार। इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण, पासपोर्ट-नागरिकता सत्यापन और तृतीय लिंग समुदाय की समस्याओं का निवारण।
3. डॉ. ज्योति पटेल, अपर कलेक्टर: जनता की आवाज़, राहत कोष और वित्तीय नियंत्रण
* तहसील प्रभार: मस्तूरी, पचपेड़ी, सीपत, बिल्हा और बोदरी।
* मुख्य विभाग: जनसमस्या निवारण शिविर, जनदर्शन प्रकोष्ठ, समय-सीमा (TL) शाखा, आवक-जावक, जनसंपर्क और वित्त एवं स्थापना शाखा।
* वित्तीय व अन्य शक्तियां: मुख्यमंत्री सहायता कोष, स्वेच्छानुदान, भू-अर्जन, राहत एवं पुनर्वास। साथ ही ₹20,000 तक के आवर्ती व्यय और ₹50,000 तक के मासिक आकस्मिक व्यय की स्वीकृति का अधिकार। वे सूचना का अधिकार (RTI) की प्रथम अपीलीय अधिकारी भी होंगी।
कोई नहीं रहेगा लावारिस: 'लिंक ऑफिसर' का फुलप्रूफ सिस्टम लागू
अक्सर कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के छुट्टी या दौरे पर जाने से जनता के काम अटक जाते हैं, लेकिन नए आदेश में इसका पुख्ता इंतजाम किया गया है:
* पंचभाई के अवकाश पर: प्रथम लिंक ऑफिसर शिव कुमार बनर्जी और द्वितीय डॉ. ज्योति पटेल होंगी।
* बनर्जी के अवकाश पर: प्रथम लिंक ऑफिसर डॉ. ज्योति पटेल और द्वितीय बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई होंगे।
* डॉ. पटेल के अवकाश पर: प्रथम लिंक ऑफिसर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई और द्वितीय शिव कुमार बनर्जी होंगे।
खबर का लब्बोलुआब:
कलेक्टर के इस संतुलित और रणनीतिक कार्य विभाजन से साफ है कि आने वाले दिनों में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी, अवैध खनन और कालाबाजारी पर कड़ा पहरा रहेगा और आम जनता की शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निपटारा हो सकेगा।
✒️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
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