आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी-एलकेजी में प्रवेश बंद होने से पालकों में आक्रोश, पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नर्सरी और एलकेजी की कक्षाओं में प्रवेश बंद किए जाने के फैसले को लेकर गरीब और मध्यमवर्गीय पालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को बड़ी संख्या में पालक पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय के नेतृत्व में बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू करने की मांग की।
पालकों का कहना है कि वे मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके परिवार चलाते हैं। निजी स्कूलों की महंगी फीस वहन करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में स्वामी आत्मानंद स्कूल उनके बच्चों को कम खर्च में बेहतर और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कलेक्ट्रेट पहुंचे पालकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि “क्या गरीबों के बच्चों को अच्छी अंग्रेजी शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है?” उन्होंने कहा कि नर्सरी और एलकेजी में प्रवेश बंद होने से उनके बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने पालकों की मांग का समर्थन करते हुए सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश बंद करने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर सीमित होंगे।
पालकों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नर्सरी और एलकेजी सहित प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश की व्यवस्था पुनः शुरू की जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा का अवसर मिल सके।
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
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