✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर - मनोज भट्ट
प्रतिभा को पंख’ कार्यक्रम में सुदूर वनांचल के बच्चों ने कला, संगीत और संस्कृति से बांधा समां
जगदलपुर, 31 अगस्त 2026। बस्तर की धरती पर छिपी प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं समग्र शिक्षा बस्तर द्वारा आयोजित ‘टैलेंट तिहार - प्रतिभा को पंख’ सत्र 2026-27 का भव्य समापन रविवार को शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय के सभागार में हुआ। कार्यक्रम में सुदूर वनांचल से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने अपनी कला, संगीत और सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा तीसरी की नन्हीं छात्रा पायल ने ‘आया मोचो दंतेश्वरी बाबा भैरम आय, कैसा जादू है तेरे बस्तर में’ गीत प्रस्तुत किया। उसकी सुरीली आवाज ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा।
सांसद महेश कश्यप ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मां सरस्वती और मां दंतेश्वरी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर जल, जंगल और जमीन की अनमोल संपदा वाली धरती है। समाज का वास्तविक विकास अपनी मूल विरासत और संस्कृति को सहेजते हुए ही संभव है।
सांसद ने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। नारायणपुर का मलखंब, दंतेवाड़ा की घुड़सवारी, राष्ट्रीय खेलों में पदक से लेकर क्रिकेट और देश के गगनयान मिशन तक बस्तर के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने बच्चों से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्षों से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
महापौर ने बताया सफलता का मंत्र
विशिष्ट अतिथि महापौर संजय पाण्डे ने विद्यार्थियों को महाभारत के अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सीख दी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ध्येय वाक्य ‘उत्तिष्ठत जाग्रत’ को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर अब अशांति के दौर से आगे बढ़कर बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक और मैराथन जैसे गौरवशाली आयोजनों का गवाह बन रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर की बड़ी उपलब्धि
कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और प्रतिभा को निखारना भी है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) में बस्तर ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पिछले वर्ष जहां जिले से केवल 2 बच्चों का चयन हुआ था और बस्तर राज्य में 30वें स्थान पर था, वहीं इस वर्ष 177 बच्चों का चयन हुआ है और बस्तर पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि अकेले बकावंड विकासखंड से 130 बच्चों का चयन हुआ है।
इसके अलावा बच्चों में संवाद कौशल विकसित करने के लिए ‘बोलेगा बचपन’ अभियान और जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए करीब 8 हजार बच्चों का अभ्यास टेस्ट भी कराया गया।
नन्हे कलाकारों ने जीता दिल
समापन समारोह में खम्हारगांव की कक्षा चौथी की छात्रा छबिला बघेल ने ‘भारत माई के पाएं पड़ेंसे’ गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। वहीं कक्षा तीसरी के छात्र गौतम सेठिया ने अपनी गायकी से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
‘टैलेंट तिहार’ ने यह संदेश दिया कि बस्तर के सुदूर इलाकों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर देने की।
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