✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक-35 शारदापारा से निर्वाचित पार्षद मोहम्मद सलमान की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी रिट अपील खारिज कर दी है।
कोर्ट ने माना कि दुर्ग संभागायुक्त ने पार्षद की अयोग्यता के संबंध में अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर कार्रवाई की थी। वहीं, सिंगल बेंच के पूर्व आदेश में भी ऐसी कोई कानूनी त्रुटि नहीं पाई गई, जिसके आधार पर उसमें हस्तक्षेप किया जा सके।
OBC सीट से चुनाव जीतकर बने थे पार्षद
मामला वर्ष 2021 का है। भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक-35 शारदापारा की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित थी। मोहम्मद सलमान ने खुद को कुंजड़ा समुदाय का बताते हुए चुनाव लड़ा था और पार्षद निर्वाचित हुए थे। उन्हें 23 दिसंबर 2021 को निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किया गया था।
जाति प्रमाण पत्र को लेकर हुई शिकायत
चुनाव जीतने के बाद उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतें सामने आईं। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी, दुर्ग द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में सलमान के नाम से वैध जाति प्रमाण पत्र जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात सामने आई।
जांच के आधार पर दुर्ग संभागायुक्त ने 6 मई 2024 को मोहम्मद सलमान को पार्षद पद से हटाने का आदेश जारी किया। इस आदेश के खिलाफ की गई अपील भी 4 सितंबर 2024 को खारिज कर दी गई।
सिंगल बेंच के बाद डिवीजन बेंच से भी राहत नहीं
संभागायुक्त के आदेश के खिलाफ मोहम्मद सलमान ने हाईकोर्ट का रुख किया था। 3 अगस्त 2026 को सिंगल बेंच ने उनकी याचिका खारिज करते हुए बर्खास्तगी के आदेश को बरकरार रखा।
इसके बाद उन्होंने सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में रिट अपील दायर की। अब डिवीजन बेंच ने भी अपील खारिज कर दी है।
इस फैसले के साथ मोहम्मद सलमान की पार्षद पद से बर्खास्तगी बरकरार रही है।
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