✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज़ | स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई निगम में 12.66 करोड़ के पेवर ब्लॉक कार्य की जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद, पार्षद ने 45 करोड़ से अधिक के घोटाले का लगाया आरोप
भिलाई। भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीडब्ल्यूडी की उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट में निगम के 8 सब इंजीनियरों को जिम्मेदार पाए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों से करीब 16 लाख रुपये की रिकवरी किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने केवल रिकवरी की कार्रवाई को पर्याप्त नहीं बताते हुए दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पार्षद संतोष मौर्य ने पूरे मामले में 45 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं हुई है।
विधायक ने बर्खास्तगी की मांग की
विधायक रिकेश सेन ने मामले को गंभीर बताते हुए राज्य शासन को पत्र लिखकर दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं की गई तो आगामी शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने शहर में दोषी इंजीनियरों के पोस्टर लगाए जाने की बात भी कही है।
पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप
पार्षद संतोष मौर्य ने दावा किया कि मामला 45 करोड़ रुपये से अधिक का है। उन्होंने कुछ फाइलों के गायब होने का आरोप लगाते हुए ठेका एजेंसी की भूमिका की जांच, एफआईआर और रिकवरी की मांग की है।
महापौर बोले- जरूरत पड़ी तो दोबारा होगी जांच
महापौर नीरज पाल ने कहा कि पेवर ब्लॉक मामले की शिकायत पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से की गई थी और जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्षद जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है तो नियमानुसार दोबारा जांच कराई जा सकती है।
आयुक्त ने कहा- जांच अभी जारी
नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्यक्षेत्र बड़ा होने के कारण जांच अभी जारी है। ठेका एजेंसी की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई है।
12.66 करोड़ के कार्य की जांच
जानकारी के अनुसार भिलाई नगर निगम की परियोजना शाखा द्वारा करीब 12 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य कराया गया था। कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर पार्षदों की शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी को जांच सौंपी गई थी।
जांच रिपोर्ट में जिन 8 सब इंजीनियरों को जिम्मेदार पाया गया है, उनमें अर्पित बंजारे, श्वेता महेश्वर, श्वेता वर्मा, रीमा जामुलकर, पुरुषोत्तम सिन्हा, प्रभा टोप्पो, कृष्णा जंघेल और चंदन निर्मलकर के नाम शामिल बताए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार संबंधित अधिकारियों से अलग-अलग राशि की रिकवरी प्रस्तावित की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

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