हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा 9977708864
श्री थानेश्वर मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास जयंती धूम धाम से मनाई गई। भगवान श्री राम और श्री रामचरित मानस के तथा हनुमान चालीसा के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा के समक्ष विशेष पूजन अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात सेवानिवृत्त प्राचार्य अनूप दीक्षित ने तुलसीदास जी के जीवन वृत्तान्त पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी ने रामचरित मानस की रचना इतनी सरल और ग्राह्य भाषा में की है की यह जन सामान्य का ग्रंथ बन गया है और निरक्षर व्यक्ति भी मानस की चौपाइयों एवम् छंदों को आसानी से गुनगुनाता है। प्रवचनकार परमेश्वर डडसेना ने तुलसीदास का जीवन परिचय देते हुए रामचरित के मानस को पांचवे वेद की संज्ञा दी राम और रामचरित मानस दोनो ही सनातनियो की आत्मा में बसे हुए है। थानेश्वर मंदिर में प्रति दिन की भांति रामचरित मानस का पाठ किया गया इस अवसर पर पं. कृष्ण कुमार शर्मा, पं. मेवालाल दुबे, पं. कमल शर्मा, जयकुमार पैंकरा, मनीराम नायक, समार गिर गोस्वामी, पुनीत गिर गोस्वामी, विजय निषाद, मनीष गजेंद्र, कामेश्वरी गजेंद्र, नरेश महंती, सोमनाथ यादव, योगेश यादव, उपस्थित रहे और यह सम्पूर्ण कार्यक्रम श्री उमेश दीक्षित जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ ।
श्रीथानेश्वर मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास जयंती धूम धाम से मनाई गई। भगवान श्री राम और श्री रामचरित मानस के तथा हनुमान चालीसा के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा के समक्ष विशेष पूजन अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात सेवानिवृत्त प्राचार्य अनूप दीक्षित ने तुलसीदास जी के जीवन वृत्तान्त पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी ने रामचरित मानस की रचना इतनी सरल और ग्राह्य भाषा में की है की यह जन सामान्य का ग्रंथ बन गया है और निरक्षर व्यक्ति भी मानस की चौपाइयों एवम् छंदों को आसानी से गुनगुनाता है। प्रवचनकार परमेश्वर डडसेना ने तुलसीदास का जीवन परिचय देते हुए रामचरित के मानस को पांचवे वेद की संज्ञा दी राम और रामचरित मानस दोनो ही सनातनियो की आत्मा में बसे हुए है। थानेश्वर मंदिर में प्रति दिन की भांति रामचरित मानस का पाठ किया गया इस अवसर पर पं. कृष्ण कुमार शर्मा, पं. मेवालाल दुबे, पं. कमल शर्मा, जयकुमार पैंकरा, मनीराम नायक, समार गिर गोस्वामी, पुनीत गिर गोस्वामी, विजय निषाद, मनीष गजेंद्र, कामेश्वरी गजेंद्र, नरेश महंती, सोमनाथ यादव, योगेश यादव, उपस्थित रहे और यह सम्पूर्ण कार्यक्रम श्री उमेश दीक्षित जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ ।
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