✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
दुर्ग। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में कार की टक्कर के बाद मारपीट, मोबाइल और नकदी ले जाने के आरोप का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बाद थाना स्तर पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई और उसे खुद CCTV फुटेज जुटाकर पुलिस को उपलब्ध कराना पड़ा। बाद में दुर्ग CSP IPS हर्षित मेहर के हस्तक्षेप के बाद पुलिस सक्रिय हुई और चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
कार की टक्कर के बाद हुआ विवाद
पीड़ित के मुताबिक, देर रात करीब 2 बजे वह अपने साथी के साथ कार से बस स्टैंड क्षेत्र में चाय-नाश्ता करने पहुंचा था। इसी दौरान एक टूर एंड ट्रैवल्स की गाड़ी ने उसकी कार को टक्कर मार दी।
टक्कर को लेकर जब पीड़ित ने आपत्ति जताई तो आरोप है कि टूर एंड ट्रैवल्स की गाड़ी में सवार चार लोगों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन और नकदी ले ली गई।
थाने में शिकायत, CCTV जुटाने को कहा
घटना के बाद पीड़ित पद्मनाभपुर थाने पहुंचा और कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि तत्काल अपराध दर्ज करने के बजाय सादे कागज पर आवेदन लिया गया और सुबह थाना प्रभारी से मिलने के लिए कहा गया।
पीड़ित के अनुसार, वह दोपहर करीब 12 बजे थाना प्रभारी से मिला। आरोप है कि पुलिस ने घटना से संबंधित CCTV फुटेज खुद जुटाने के बजाय पीड़ित से ही फुटेज लाने को कहा।
इसके बाद पीड़ित ने प्रयास कर CCTV फुटेज हासिल किया और पुलिस को उपलब्ध कराया। इसके बावजूद तत्काल FIR दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया। पीड़ित का कहना है कि उसे पहले आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने की बात कही गई।
CSP से शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय
थाना स्तर पर कार्रवाई में देरी से परेशान पीड़ित ने दुर्ग CSP IPS हर्षित मेहर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए CSP ने पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस टीम ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। उनसे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
थाना स्तर की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पद्मनाभपुर थाना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पीड़ित के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह सवाल उठता है कि गंभीर शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई और पीड़ित को स्वयं CCTV फुटेज जुटाने की जरूरत क्यों पड़ी।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
CSP ने कहा- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
CSP IPS हर्षित मेहर के अनुसार, पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस CCTV फुटेज सहित उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि जांच में मारपीट, मोबाइल और नकदी ले जाने के आरोप कितने सही पाए जाते हैं और थाना स्तर पर कार्रवाई में कथित देरी को लेकर कोई जांच होती है या नहीं।
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