न्याय की राह आसान: 12 सितंबर को छत्तीसगढ़ में सजेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 28 लाख से अधिक मामलों में सुलह की तैयारी
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने ली समीक्षा बैठक; महिलाओं, बुजुर्गों और दुर्घटना दावों से जुड़े मामलों पर रहेगा विशेष जोर
बिलासपुर (2 सितंबर 2026)
अदालतों में वर्षों से न्याय की बाट जोह रहे पक्षकारों के लिए 12 सितंबर का दिन बड़ी राहत लेकर आ सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए राज्यभर में 28 लाख 35 हजार से अधिक मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान का लक्ष्य रखा गया है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल तथा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समझाइश से मिटेगी तल्खी, इन मामलों पर विशेष नजर
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षों से लंबित सिविल और राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि विवादों को खींचने के बजाय संवाद के जरिए सुलझाने पर बल दिया जाना चाहिए:
* प्राथमिकता वर्ग: महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ सुलझाया जाए।
* वित्तीय व दुर्घटना विवाद: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) और चेक बाउंस (परक्राम्य लिखत अधिनियम) के मामलों पर खास फोकस रहेगा।
* संस्थागत समन्वय: बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े मामलों में पहले से बैठकें आयोजित कर आम सहमति बनाई जाए, ताकि लोक अदालत के दिन त्वरित फैसले हो सकें।
आंकड़ों में लोक अदालत की व्यापकता
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर यह महा-अभियान उच्च न्यायालय से लेकर जिला, तहसील, पारिवारिक, राजस्व न्यायालयों और विभिन्न अधिकरणों तक एक साथ चलेगा।
| श्रेणी | चिन्हित मामलों की संख्या |
|---|---|
| प्री-लिटिगेशन मामले (अदालत पहुंचने से पहले के विवाद) | 27,83,141 |
| न्यायालयों में लंबित मामले (अदालतों में विचाराधीन) | 52,832 |
| कुल चिन्हित मामले | 28,35,773 |
मोहल्ला लोक अदालत से आमजन को सीधी राहत
आम नागरिकों की सुविधा के लिए जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित छोटे-मोटे विवादों को मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से भी निपटाया जाएगा। इसका उद्देश्य न्यायालयीन प्रक्रिया को नागरिकों के दरवाजे तक ले जाना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके।
विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संबंधित पक्षों से अपील की जा रही है कि वे 12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने पुराने विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करें।

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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