न्याय की चौखट पर नई उम्मीद: जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने संभाली छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें चीफ जस्टिस की कमान; बोले— 'जगन्नाथ की धरा से मां महामाया की पावन भूमि पर आया हूं'
बिलासपुर।
बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में न्याय की परंपरा का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हो गया। माननीय न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र ने औपचारिक रूप से प्रदेश के 16वें मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके आगमन पर हाईकोर्ट परिसर में एक गरिमामय व आत्मीय अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जहां विधिक जगत की दिग्गज हस्तियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

'यह केवल प्रशंसा नहीं, न्याय की भारी जिम्मेदारी है'
अभिनंदन से अभिभूत नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने अपने संबोधन में दिल छू लेने वाली बात कही। उन्होंने कहा— "मैं महाप्रभु जगन्नाथ की पावन धरा ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ की सेवा के लिए आया हूं। यह मेरे लिए परम सौभाग्य और गर्व का क्षण है। मेरे स्वागत में कहे गए शब्द केवल औपचारिक प्रशंसा नहीं, बल्कि वह स्नेह, भरोसा और जवाबदेही हैं जो मुझे इस संस्था ने सौंपी है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिक और पक्षकारों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए उन्हें निष्पक्ष व त्वरित न्याय दिलाना होगी। तालमेल और सामूहिक समर्पण से हम इस संवैधानिक दायित्व को पूरी मजबूती से निभाएंगे।“

स्वागत में बोले जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू: न्यायिक परंपरा को मिलेगी नई ऊंचाई
स्वागत उद्बोधन में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू ने नवपदस्थ चीफ जस्टिस को न्यायिक परिवार की ओर से बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि जस्टिस महापात्र के समृद्ध विधिक ज्ञान और व्यापक प्रशासनिक अनुभव से बिलासपुर हाईकोर्ट की प्रतिष्ठा, कार्यशैली और मर्यादा को एक नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर महाधिवक्ता और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी उनका स्वागत किया। वक्ताओं ने इस बात को रेखांकित किया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ केवल पड़ोसी राज्य नहीं हैं, बल्कि दोनों की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक जड़ें आपस में गहरे से जुड़ी हुई हैं, जो इस न्यायिक सहभागिता को और प्रगाढ़ बनाती हैं।

26 साल की वकालत से मुख्य न्यायाधीश तक का सफरनामा
* विधिक पृष्ठभूमि: 18 अप्रैल 1965 को जन्मे जस्टिस महापात्र प्रख्यात स्वर्गीय न्यायमूर्ति सारत चंद्र महापात्र के सुपुत्र हैं। उन्होंने बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की।
* बार से बेंच तक: 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में बतौर अधिवक्ता पंजीकृत हुए। उन्होंने लगभग 26 वर्षों तक संवैधानिक, दीवानी, सेवा और आपराधिक मामलों में महारत के साथ वकालत की।
* अहम दायित्व: उन्होंने बाल अधिकार, दत्तक ग्रहण, गार्जियनशिप जैसे संवेदनशील कानूनी मामलों में प्रभावी पैरवी की। इसके साथ ही वे ओडिशा लोक सेवा आयोग, राज्य सरकार, बैंक ऑफ बड़ौदा, नीलाचल इस्पात निगम व एनआईओएस के अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता व कानूनी सलाहकार भी रहे।
* न्यायिक अनुभव: 17 अप्रैल 2015 को वे ओडिशा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने, जहां एक दशक से अधिक समय तक उन्होंने कई युगांतरकारी न्यायिक फैसले दिए। अब 7 सितंबर 2026 से वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नेतृत्व कर रहे हैं।
बिलासपुर हाईकोर्ट के न्यायिक परिवार ने पूर्ण विश्वास जताया है कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की अगुवाई में छत्तीसगढ़ की न्याय व्यवस्था में जनसामान्य का भरोसा और अधिक सुदृढ़ होगा।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!